{"_id":"5a62cfab4f1c1b86268b54f7","slug":"two-teens-died-after-a-road-accident-in-saharanpur-as-police-refused-to-take-them-to-hospital","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पुलिसकर्मियों की लापरवाही से गई दो लोगों की जान, पिता बोले- यह हत्या का मामला, दर्ज हो केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिसकर्मियों की लापरवाही से गई दो लोगों की जान, पिता बोले- यह हत्या का मामला, दर्ज हो केस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 20 Jan 2018 04:44 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
पुलिसकर्मियों की संवेदनहीनता बृहस्पतिवार रात हादसे में घायल दो किशोरों की जिंदगी पर भारी पड़ गई। बाइक खंभे से टकराने के बाद नाले में गिरकर घायल हुए किशोर तड़पते रहे और उन्हें अस्पताल ले जाने में गाड़ी गंदी न हो जाए इसलिए डायल सेवा 100 पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल नहीं ले गए।
मृत बच्चे के पिता का कहना है कि, 'अगर मेरे बच्चे को समय पर प्राथमिक उपचार मिलता, तो उसे बचाया जा सकता था, डॉक्टरों का भी यही कहना है। मैं चाहता हूं कि संबंधित पुलिस पर इस मामले में केस दर्ज हो। यह एक तरह से हत्या है।'
विज्ञापन
बाद में पहुंची थाना पुलिस घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण दोनों किशोरों ने दम तोड़ दिया। एसएसपी ने डायल 100 पर तैनात तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
हादसा उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हुई। बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े 12 बजे हुआ और मरने वाले अमित खुराना (17 वर्ष) पुत्र राकेश खुराना निवासी नुमाइश कैंप और सन्नी गुप्ता (15 वर्ष) पुत्र प्रवीण गुप्ता निवासी सेतिया बिहार थे। दोनों परिवार के इकलौते पुत्र थे।
हादसे के वक्त ये अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर बेरी बाग की ओर से मंगल नगर की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल काफी तेज गति पर थी, अचानक उनकी बाइक एक खंभे से टकराई। दोनों हेलमेट भी नहीं लगाए हुए थे और खंभे व नाले दीवार से टकराने के बाद नाले में जा गिरे।
विज्ञापन
मृत बच्चे के पिता का कहना है कि, 'अगर मेरे बच्चे को समय पर प्राथमिक उपचार मिलता, तो उसे बचाया जा सकता था, डॉक्टरों का भी यही कहना है। मैं चाहता हूं कि संबंधित पुलिस पर इस मामले में केस दर्ज हो। यह एक तरह से हत्या है।'
विज्ञापन
Had my child received first aid on time, he could have been saved. Even the doctors say that. I want a case to be made on the concerned cops. It is a murder in a way.: Father of one of the two youth who died after their bike rammed into an electric pole & they fell into a canal pic.twitter.com/8CpKQdC7Gx
— ANI UP (@ANINewsUP) January 20, 2018
विज्ञापन
बाद में पहुंची थाना पुलिस घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण दोनों किशोरों ने दम तोड़ दिया। एसएसपी ने डायल 100 पर तैनात तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
हादसा उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हुई। बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े 12 बजे हुआ और मरने वाले अमित खुराना (17 वर्ष) पुत्र राकेश खुराना निवासी नुमाइश कैंप और सन्नी गुप्ता (15 वर्ष) पुत्र प्रवीण गुप्ता निवासी सेतिया बिहार थे। दोनों परिवार के इकलौते पुत्र थे।
हादसे के वक्त ये अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर बेरी बाग की ओर से मंगल नगर की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल काफी तेज गति पर थी, अचानक उनकी बाइक एक खंभे से टकराई। दोनों हेलमेट भी नहीं लगाए हुए थे और खंभे व नाले दीवार से टकराने के बाद नाले में जा गिरे।
देखते रहे पुलिस कर्मी, बुझ गए दो घरों के चिराग
road accident
दुर्घटना होने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे दोनों के एक दोस्त ने उन्हें देखा तो तुरंत 100 नंबर पर पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 100 की टीम मौके पर पहुंच गई। लेकिन उन्होंने कीचड़ और खून से लथपथ दोनों किशोरों को देखकर पुलिस कर्मियों ने अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया।
डायल 100 पर तैनात तीनों पुलिस कर्मी सड़क पर पड़े तड़प रहे घायलों को देखते रहे। लेकिन उन्होंने अपनी गाड़ी में घायलों को अस्पताल ले जाने से इंकार करते हुए कहा कि उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी। थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को अस्पताल में पहुंचाया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
रात में घुप अंधेरा, तेज रफ्तार पर बाइक और बिना हेलमेट के बाइक सवार, हादसे में घायल हुए किशोरों को नाले से तो लोगों ने निकाल लिया, लेकिन सड़क पर तड़पते रहे। पुलिसकर्मी देखते रहे और दोनों युवक दम तोड़ गए। लोगों में पुलिस कर्मियों की लापरवाही और संवेदनहीनता को लेकर जबरदस्त आक्रोश है।
दुर्घटना में मारे गए अर्पित के पिता की खुमरान पुल पर कपड़े की दुकान है, अर्पित उनका इकलौता पुत्र था। अर्पित से छोटी एक बेटी है। अर्पित शहर के आशा मॉडर्न स्कूल में कक्षा 10 का छात्र था। सन्नी भी अपने परिवार में इकलौता बताया गया, जो एंब्रॉयडी का काम कर अपने घर का खर्च चला रहा था। सन्नी जेवी जैन इंटर कॉलेज खालापार में कक्षा 10 में पढ़ रहा था।
डायल 100 पर तैनात तीनों पुलिस कर्मी सड़क पर पड़े तड़प रहे घायलों को देखते रहे। लेकिन उन्होंने अपनी गाड़ी में घायलों को अस्पताल ले जाने से इंकार करते हुए कहा कि उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी। थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को अस्पताल में पहुंचाया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
रात में घुप अंधेरा, तेज रफ्तार पर बाइक और बिना हेलमेट के बाइक सवार, हादसे में घायल हुए किशोरों को नाले से तो लोगों ने निकाल लिया, लेकिन सड़क पर तड़पते रहे। पुलिसकर्मी देखते रहे और दोनों युवक दम तोड़ गए। लोगों में पुलिस कर्मियों की लापरवाही और संवेदनहीनता को लेकर जबरदस्त आक्रोश है।
दुर्घटना में मारे गए अर्पित के पिता की खुमरान पुल पर कपड़े की दुकान है, अर्पित उनका इकलौता पुत्र था। अर्पित से छोटी एक बेटी है। अर्पित शहर के आशा मॉडर्न स्कूल में कक्षा 10 का छात्र था। सन्नी भी अपने परिवार में इकलौता बताया गया, जो एंब्रॉयडी का काम कर अपने घर का खर्च चला रहा था। सन्नी जेवी जैन इंटर कॉलेज खालापार में कक्षा 10 में पढ़ रहा था।
डेमो इमेज
दुर्घटना की सूचना पर पहुंची डायल 100 की टीम से मौजूद लोग घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए गुहार करते रहे, हाथ जोड़ते रहे, लेकिन डायल 100 पर तैनात तीनों सिपाही खड़े देखते रहे।
उन्होंने घायलों को अपनी गाड़ी में ले जाने साफ इंकार कर दिया। सिपाहियों ने कहा कि उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी। वे अपनी गाड़ी में अस्पताल नहीं ले जाएंगे। किसी और गाड़ी का इंतजाम कर लो और अस्पताल ले चलो।
हालांकि इस मामले में एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने कार्रवाई करते हुए डायल 100 पर तैनात तीनों सिपाहियों हेड कांस्टेबल इंद्रपाल सिंह, कांस्टेबल पंकज कुमार, कांस्टेबल चालक मनोज कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने घायलों को अपनी गाड़ी में ले जाने साफ इंकार कर दिया। सिपाहियों ने कहा कि उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी। वे अपनी गाड़ी में अस्पताल नहीं ले जाएंगे। किसी और गाड़ी का इंतजाम कर लो और अस्पताल ले चलो।
हालांकि इस मामले में एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने कार्रवाई करते हुए डायल 100 पर तैनात तीनों सिपाहियों हेड कांस्टेबल इंद्रपाल सिंह, कांस्टेबल पंकज कुमार, कांस्टेबल चालक मनोज कुमार को निलंबित कर दिया गया है।