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Meerut News: महंत पद के लिए दो संत आमने-सामने, पुलिस पहुंची, हुआ समझौता
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द्रौपदेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल साधु संतों से जानकारी करती थाना पुलिस स
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे से करीब दो किलोमीटर दूर मध्य गंग नहर किनारे स्थित महाभारतकालीन प्राचीन सिद्धपीठ द्रोपदेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार को महंत पद को लेकर संतों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद की आशंका पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार मवाना निरंकार सिंह ने भी मंदिर पहुंचकर दोनों पक्षों की बात सुनी। मंदिर की देखरेख मंदिर समिति के माध्यम से किए जाने की बात कही गई है।
हाल ही में द्रोपदेश्वर महादेव मंदिर धर्मार्थ एजुकेशन एवं चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष अनिल सारस्वत का निधन हो गया था। शनिवार को उनके परिजनों की ओर से मंदिर में पंच अग्नि अखाड़े के महंत भोलानाथ महाराज का पट्टा अभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया।
इसी दौरान श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महंत रमन गिरी महाराज भी अन्य साधुओं के साथ मंदिर पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर रखी। तहसीलदार निरंकार सिंह ने दोनों पक्षों के साधुओं से बातचीत की।
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अनिल सारस्वत के पुत्र आदित्य सारस्वत ने बताया कि उनके पिता की इच्छा के अनुसार ही महंत भोलानाथ महाराज को मंदिर का महंत बनाया गया है। वहीं रमन गिरी महाराज ने बताया कि मंदिर से जुड़े कुछ लोग उनके पास आए थे और मंदिर के जीर्णोद्धार की बात कही थी। इसी उद्देश्य से वह साधुओं के साथ मंदिर पहुंचे थे। उनका किसी से विवाद का उद्देश्य नहीं था।
तहसीलदार निरंकार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद तय किया गया कि फिलहाल मंदिर की देखरेख समिति के तत्वावधान में ही की जाएगी।
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हस्तिनापुर। कस्बे से करीब दो किलोमीटर दूर मध्य गंग नहर किनारे स्थित महाभारतकालीन प्राचीन सिद्धपीठ द्रोपदेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार को महंत पद को लेकर संतों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद की आशंका पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार मवाना निरंकार सिंह ने भी मंदिर पहुंचकर दोनों पक्षों की बात सुनी। मंदिर की देखरेख मंदिर समिति के माध्यम से किए जाने की बात कही गई है।
हाल ही में द्रोपदेश्वर महादेव मंदिर धर्मार्थ एजुकेशन एवं चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष अनिल सारस्वत का निधन हो गया था। शनिवार को उनके परिजनों की ओर से मंदिर में पंच अग्नि अखाड़े के महंत भोलानाथ महाराज का पट्टा अभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया।
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इसी दौरान श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महंत रमन गिरी महाराज भी अन्य साधुओं के साथ मंदिर पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर रखी। तहसीलदार निरंकार सिंह ने दोनों पक्षों के साधुओं से बातचीत की।
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अनिल सारस्वत के पुत्र आदित्य सारस्वत ने बताया कि उनके पिता की इच्छा के अनुसार ही महंत भोलानाथ महाराज को मंदिर का महंत बनाया गया है। वहीं रमन गिरी महाराज ने बताया कि मंदिर से जुड़े कुछ लोग उनके पास आए थे और मंदिर के जीर्णोद्धार की बात कही थी। इसी उद्देश्य से वह साधुओं के साथ मंदिर पहुंचे थे। उनका किसी से विवाद का उद्देश्य नहीं था।
तहसीलदार निरंकार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद तय किया गया कि फिलहाल मंदिर की देखरेख समिति के तत्वावधान में ही की जाएगी।