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स्वाइन फ्लू: 11 साल के बच्चे समेत जिले में कुल 81 मरीज, पीड़ित पीएसी जवानों की अस्पताल से छुट्टी

Wed, 04 Mar 2020 02:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 04 Mar 2020 02:15 AM IST
सार

-11 साल के बालक समेत दो को स्वाइन फ्लू
- चीन और इटली से लौटे 14 लोगों की चल रही है निगरानी

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Two including 11-year-old swine flu
swine flu

विस्तार

मेरठ में 11 साल के बालक और 23 वर्षीय युवक के रूप में स्वाइन फ्लू के दो नए मरीज मिले हैं, जो जागृति विहार और पल्लवपुरम के रहने वाले हैं। इसी के साथ इस साल स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है। वहीं, छठी वाहिनी पीएसी के 25 और जवानों को टेमी फ्लू दवा दी गई है। छठी वाहिनी पीएसी के 563 जवान 14 दिनों के लिए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में कैंपस में रहेंगे।

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स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए मंगलवार को अपर निदेशक कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बैठक हुई। इसमें ज्वाइंट डायरेक्टर स्वास्थ्य डॉ. एचके अग्रवाल, ज्वाइंट डायरेक्टर स्वास्थ्य डॉ. पंकज सक्सेना, स्टेट एपिडेमियोलॉजिस्ट राजेश सिंह और सीएमओ डॉ. राजकुमार आदि मौजूद रहे।
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इन्होंने सीएमओ के साथ मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया, जिसमें पीएसी के जवान भर्ती हैं। सीएमओ ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में भर्ती स्वाइन फ्लू पीड़ित पीएसी के 20 जवानों की तबियत में सुधार है। इनमें 11 जवानों समेत 13 मरीजों की छुट्टी कर दी गई है। बाकी मरीज लगातार निगरानी में हैं। उम्मीद है कि जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे। 

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कमिश्नर बोलीं, जवानों को एहतियातन दे रहे टेमी फ्लू
कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम का कहना है कि पीएसी कैंपस में जिन जवानों को टेमी फ्लू दी जा रही है, उनमें से किसी में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं हैं। उन्हें सिर्फ एहतियातन दवा दी जा रही है। वैसे भी स्वाइन फ्लू तीन से पांच दिन में खुद ही खत्म हो जाता है। तापमान बढ़ने पर तो यह पूूरी तरह से खत्म हो जाएगा।

कोरोना का खौफ: ईरान से आया युवक निगरानी में 
एक तरफ स्वाइन फ्लू का डर तो दूसरी तरफ कोरोना का खौफ। ईरान से हाल में लौटे एक युवक की स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार से निगरानी शुरू की है। 14 दिन तक इसकी निगरानी की जाएगी।

अगर खांसी-जुकाम और बुखार कई दिन बना रहता है तो सैंपल जांच के लिए लखनऊ या दिल्ली प्रयोगशाला भेजा जाएगा। अभी तक चीन से 103 लोग मेरठ आ चुके हैं। इनमें से 14 की निगरानी चल रही है, बाकी की निगरानी बंद हो चुकी है।

सीएमओ ने बताया कि दिल्ली और नोएडा में कोरोना के मरीज मिलने के बाद मेरठ में भी कोरोना को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी जा रही है। इसे लेकर बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग होगी। उसमें जो निर्देश मिलेंगे उनका अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर अभी से ज्यादा कुछ कहना डर पैदा करने जैसा होगा।

स्वास्थ्य विभाग पहले से ही कोरोना को लेकर अलर्ट है। जितने भी रोगी चीन, इटली, जापान या ईरान से आ रहे हैं, उन सभी की निगरानी चल रही है। चार लोगों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भी भेजे गए थे, लेकिन गनीमत है कि किसी में भी वायरस नहीं मिला। लिहाजा लोगों को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है, सिर्फ सावधान रहें।

मेडिकल कॉलेज में भेजे गए 100 मास्क
मेडिकल कॉलेज में टेमी फ्लू की दवाओं के साथ 100 एन-95 मास्क भी स्वास्थ्य विभाग ने भेजे हैं। मेडिकल में मास्क की कमी थी, जिस कारण स्टाफ को दिक्कत आ रही थी। इसी के तहत ये मास्क भेजे गए हैं। दरअसल, बाजार में मास्क की किल्लत चल रही है। इसके अलावा मास्क की कीमत भी काफी बढ़ा दी गई है।
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