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शास्त्री नगर मंदिर प्रकरण में भाजपा के दो पूर्व पार्षद जेल भेजे
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शास्त्री नगर मंदिर प्रकरण में भाजपा के दो पूर्व पार्षद जेल भेजे
मेरठ। नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर मंदिर प्रकरण में शनिवार शाम पुलिस ने नामजद भाजपा के दो पूर्व पार्षद जेल भेज दिए हैं। दोनों पर मंदिर पर कब्जा करने के लिए जालसाजी करके आगजनी करने और 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगा था। इस मामले में चौकी इंचार्ज निलंबित हुए थे और इंस्पेक्टर को हटाया गया था। नौचंदी पुलिस दो महीने से इसकी विवेचना कर रही थी। बताया है कि आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से भाजपाइयों में प्रति आक्रोश है।
शास्त्री नगर नई सड़क पर सम्राट स्वीट्स की दुकान है। पुलिस के मुताबिक सम्राट स्वीट्स मालिक विवेक शर्मा ने अपनी जगह पर मंदिर बनाया है। 15 मई 2021 को मेरठ में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था। उससे दो दिन पहले मंदिर के बाहर लगे बिजली के मीटर में आग लगाकर माहौल खराब करने की साजिश थी। मंदिर अंदर से क्षतिग्रस्त किया गया। भाजपा नेताओं और व्यापारियों ने हंगामा किया था। पुलिस ने पड़ताल की तो सीसीटीवी फुुटेज में पूर्व पार्षद बिरेंद्र उर्फ बिल्लू मीटर में आग लगाते दिखे। बिरेंद्र की पत्नी निधि शर्मा वर्तमान में भाजपा पार्षद हैं।
इसके बाद पुलिस ने पूर्व पार्षद बिरेंद्र उर्फ बिल्लू, सतीश गर्ग और मंदिर के पुजारी महादेव शर्मा को नामजद करते हुए केस दर्ज किया। इन पर जालसाजी कर मंदिर पर कब्जा करने, विवेक शर्मा से मंदिर खाली कराने के एवज में 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप भी है। यह मामला एडीजी और आईजी के साथ मुख्यमंत्री तक पहुंचा था।
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शनिवार को नौचंदी पुलिस ने आरोपी बिरेंद्र और सतीश को थाने बुलाया। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। दोनों को जेल भेजा गया। पुलिस ने एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी वायरल की। इसमें पूर्व पार्षद बिरेंद्र और मंदिर के पुजारी को मीटर में आग लगे होना बताया है।
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तीन महीने तक चलती रही पंचायत
- मंदिर प्रकरण के मामले में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एसएसपी अजय साहनी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित कर इंस्पेक्टर संजय वर्मा को हटा दिया था। उसके बाद इंस्पेक्टर प्रेम चंद शर्मा को नौचंदी प्रभारी बनाया गया। तीन महीने तक कभी थाने तो कभी व्यापारी नेता की दुकान पर पंचायत होती रही। बताया गया कि भाजपा नेता केस खत्म करने का दबाव बनाते रहे। इस मामले को लेकर भाजपा विधायक और पुलिस अधिकारियों की कई बार बातचीत हुई।
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पुलिस की कार्रवाई से भाजपाइयों में गुस्सा
- भाजपाइयों ने आरोप लगाया है कि दोनों को पुलिस ने गलत तरीके से जेल भेजा है। भाजपा नेता पुलिस अधिकारियों से बात करने की बात कह रहे हैं। दोनों को पुलिस ने गुपचुप तरीके से जेल भेजा है। बताया कि इस मामले में व्यापारियों में अलग अलग चर्चाएं है।
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मंदिर की जमीन खरीदना चाहता था भाजपा नेता
- पुलिस की जांच में सामने आया कि एक भाजपा नेता मंदिर की जमीन खरीदना चाहता था। इसके चलते मंदिर में तोड़फोड़ कराई और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान बखेड़ा कराने की साजिश रची। पुलिस की कार्यशैली पर भी आरोप लग रहे थे। इसे देखते हुए एसपी सिटी विनीत भटनागर ने दोनों पक्षों को कई बार अपने ऑफिस में बुलाया और जांच की। एडीजी मेरठ जोन खुद भी इस मामले की मानीटरिंग कर रहे हैं।
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-- वर्जन --
शास्त्रीनगर मंदिर प्रकरण मुझसे पहले का है। पुलिस ने विवेचना की और नामजद दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इस मामले में पूर्व में कई बार दोनों पक्षों के बीच पंचायत होना बताया गया है। जांच के बाद ही कार्रवाई हुई है।
- प्रभाकर चौधरी, एसएसपी
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मेरठ। नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर मंदिर प्रकरण में शनिवार शाम पुलिस ने नामजद भाजपा के दो पूर्व पार्षद जेल भेज दिए हैं। दोनों पर मंदिर पर कब्जा करने के लिए जालसाजी करके आगजनी करने और 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगा था। इस मामले में चौकी इंचार्ज निलंबित हुए थे और इंस्पेक्टर को हटाया गया था। नौचंदी पुलिस दो महीने से इसकी विवेचना कर रही थी। बताया है कि आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से भाजपाइयों में प्रति आक्रोश है।
शास्त्री नगर नई सड़क पर सम्राट स्वीट्स की दुकान है। पुलिस के मुताबिक सम्राट स्वीट्स मालिक विवेक शर्मा ने अपनी जगह पर मंदिर बनाया है। 15 मई 2021 को मेरठ में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था। उससे दो दिन पहले मंदिर के बाहर लगे बिजली के मीटर में आग लगाकर माहौल खराब करने की साजिश थी। मंदिर अंदर से क्षतिग्रस्त किया गया। भाजपा नेताओं और व्यापारियों ने हंगामा किया था। पुलिस ने पड़ताल की तो सीसीटीवी फुुटेज में पूर्व पार्षद बिरेंद्र उर्फ बिल्लू मीटर में आग लगाते दिखे। बिरेंद्र की पत्नी निधि शर्मा वर्तमान में भाजपा पार्षद हैं।
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इसके बाद पुलिस ने पूर्व पार्षद बिरेंद्र उर्फ बिल्लू, सतीश गर्ग और मंदिर के पुजारी महादेव शर्मा को नामजद करते हुए केस दर्ज किया। इन पर जालसाजी कर मंदिर पर कब्जा करने, विवेक शर्मा से मंदिर खाली कराने के एवज में 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप भी है। यह मामला एडीजी और आईजी के साथ मुख्यमंत्री तक पहुंचा था।
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शनिवार को नौचंदी पुलिस ने आरोपी बिरेंद्र और सतीश को थाने बुलाया। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। दोनों को जेल भेजा गया। पुलिस ने एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी वायरल की। इसमें पूर्व पार्षद बिरेंद्र और मंदिर के पुजारी को मीटर में आग लगे होना बताया है।
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तीन महीने तक चलती रही पंचायत
- मंदिर प्रकरण के मामले में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एसएसपी अजय साहनी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित कर इंस्पेक्टर संजय वर्मा को हटा दिया था। उसके बाद इंस्पेक्टर प्रेम चंद शर्मा को नौचंदी प्रभारी बनाया गया। तीन महीने तक कभी थाने तो कभी व्यापारी नेता की दुकान पर पंचायत होती रही। बताया गया कि भाजपा नेता केस खत्म करने का दबाव बनाते रहे। इस मामले को लेकर भाजपा विधायक और पुलिस अधिकारियों की कई बार बातचीत हुई।
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पुलिस की कार्रवाई से भाजपाइयों में गुस्सा
- भाजपाइयों ने आरोप लगाया है कि दोनों को पुलिस ने गलत तरीके से जेल भेजा है। भाजपा नेता पुलिस अधिकारियों से बात करने की बात कह रहे हैं। दोनों को पुलिस ने गुपचुप तरीके से जेल भेजा है। बताया कि इस मामले में व्यापारियों में अलग अलग चर्चाएं है।
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मंदिर की जमीन खरीदना चाहता था भाजपा नेता
- पुलिस की जांच में सामने आया कि एक भाजपा नेता मंदिर की जमीन खरीदना चाहता था। इसके चलते मंदिर में तोड़फोड़ कराई और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान बखेड़ा कराने की साजिश रची। पुलिस की कार्यशैली पर भी आरोप लग रहे थे। इसे देखते हुए एसपी सिटी विनीत भटनागर ने दोनों पक्षों को कई बार अपने ऑफिस में बुलाया और जांच की। एडीजी मेरठ जोन खुद भी इस मामले की मानीटरिंग कर रहे हैं।
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-- वर्जन --
शास्त्रीनगर मंदिर प्रकरण मुझसे पहले का है। पुलिस ने विवेचना की और नामजद दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इस मामले में पूर्व में कई बार दोनों पक्षों के बीच पंचायत होना बताया गया है। जांच के बाद ही कार्रवाई हुई है।
- प्रभाकर चौधरी, एसएसपी