यूपी: 4.77 लाख की नकली करेंसी के साथ जीजा-साले दबोचे
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शामली के कैराना में हरियाणा सीमा स्थित यमुना पुल पर बृहस्पतिवार रात चेकिंग के दौरान कैराना थाना पुलिस ने नकली करेंसी, प्रिंटर, स्कैनर के साथ कार सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी जीजा साले हैं। आरोपी ड्रग्स कारोबार से जुड़े हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया।
शुक्रवार को कैराना कोतवाली में प्रेसवार्ता के दौरान सीओ कैराना राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह के साथ टीम से बृहस्पतिवार रात टीम के साथ हरियाणा सीमा स्थित यमुना पुल पर वाहनों की सघन चेकिंग कराई। रात करीब सवा 11 बजे पानीपत की ओर से आई एक कार को रोक कर तलाशी ली गई, तो उसमें 4,77,500 के नकली नोट बरामद हुए। इसके अलावा कार में से स्कैनर, रंगीन प्रिंटर, दो डिब्बे कलर सहित अन्य सामान भी बरामद हुआ। कार सवार गौरव सिंह पुत्र रूप सिंह निवासी गांव जलालपुर हैदरनगर थाना तितावी जिला मुजफ्फरनगर और उसके साले सागर धीमान पुत्र मोहनलाल निवासी न्यू पटेल नगर देहरादून को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से गहनता से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने कई अहम राज पुलिस को बताए।
पंजाब की नाभा जेल में हुई नाईजीरियाई से दोस्ती
सीओ ने बताया कि आरोपी गौरव सिंह को 2004 में पंजाब पुलिस ने ड्रग्स कारोबार से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। तब उसको पंजाब की नाभा जेल में रखा गया था। गौरव ने पुलिस को बताया कि इसी दौरान जेल में बंद नाईजीरियाई ड्रग्स सप्लायर मिस्टर जॉन से उसकी दोस्ती हुई थी। वहीं, उसका साला सागर धीमान 2017 में ड्रग्स कारोबार से जुड़ने के कारण पंजाब में गिरफ्तार किया गया था।
नकली करेंसी के कारण नहीं मिली ड्रग्स
दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही नकली नोट छापने शुरू किए थे। दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में नाईजीरियाई ड्रग्स सप्लायर से मिले थे, लेकिन ड्रग्स सप्लायर ने नकली नोट पहचान लिए, जिस कारण ड्रग्स देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद वह कार से देहरादून लौट रहे थे, लेकिन इस दौरान कैराना कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों की शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल
पकड़े गए दोनों आरोपियों की शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल है। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी गौरव फेरी लगाकर कपड़े बेचने का कार्य करता था। वहीं सागर अपने पिता के साथ लकड़ी का व्यापार करता था। बाद में वह दोनों नशे की लत में पड़ गए और ड्रग्स कारोबार करने में जुट गए थे। ड्रग्स कारोबार करने से पहले ही पुलिस ने उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया।
पुलिस ने देखा कैसे छापते थे नकली नोट
गिरफ्तार आरोपियों से सीओ राजेश कुमार तिवारी और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह ने अपने सामने ही नकली नोट छपवाकर भी देखा। आरोपियों ने 500 और 2000 के नोट स्कैनर में रखे और उसकी कलर कॉपी निकाल दी। नोटों में आरबीआई भी लिखा था और असली की तरह दिखाई दे रहा था, लेकिन तार नहीं था। कागज भी नए नोटों की तरह ही कड़क पाया गया।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
गौरव : मुकदमा अपराध संख्या 118/004, एनडीपीएस एक्ट 25/54/59 एआरएम एक्ट लुधियाना पंजाब व मुकदमा अपराध संख्या 86/005, एनडीपीएस एक्ट थाना सरहिंद जिला फतेहगढ़ पंजाब।
सागर : मुकदमा अपराध संख्या 773/17, एनडीपीएस एक्ट थाना गोविंदगढ़ जनपद फतेहगढ़ पंजाब।
गिरफ्तारी में शामिल रही टीम
सीओ राजेश कुमार तिवारी, एसओ भगवत सिंह, उपनिरीक्षक शोकेंद्र पाल सिंह, उपनिरीक्षक हरिओम त्यागी, कांस्टेबल विकास चपराना, जयवीर सिंह, जगदीश पुनिया व अजीत सिंह
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