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आयुर्वेद इलाज पर बढ़ा भरोसा...दो साल में 70 हजार से ज्यादा का उपचार
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मेरठ। गर्मी के दिनों में बढ़ रही बीमारियों के बीच एलोपैथी के साथ ही आयुर्वेदिक इलाज पर भी लोगों का भरोसा बढ़ा है। यही वजह है कि हर साल इस पद्धति से उपचार वाले लोग बढ़ रहे हैं। साथ ही इलाज भी सफल हो रहा है। बीते दो साल में ही 70 हजार से ज्यादा रोगियों का सफल उपचार किया गया है। इसमें 30 से अधिक बीमारियों के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर लोगों को आराम पहुंचाया गया है। आयुष विंग के अनुसार वर्ष 2022-23 में 32,572 और 2023-24 में 38,120 मरीजों का सफल इलाज हुआ।
आयुर्वेदिक चिकित्सााधिकारी डॉ. भगत सिंंह ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवाएं श्रेष्ठ हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में रोजाना 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। आयुर्वेदिक विभाग में अश्वगंधा चूर्ण, शंखवटी, महायोगराज, भृंगराज समेत 27 दवाओं का नया भंडारण किया गया है।
उन्होंने बताया कि गर्मी बढ़ने से उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में काफी संख्या में मरीज आ रहे हैं। गर्मी से जुड़ी बीमारियोें के साथ ही जोड़ों के दर्द, गुर्दे की पथरी, पेट गैस, खुजली समेत 40 प्रकार की दवाएं यहां दी जा रही हैं। अधिकतर मरीज प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की उम्मीद से भी आ रहे हैं। कई चूर्ण और दवाएं पेट, आंत रोग, हृदय रोग, रक्तचाप सहित अन्य बीमारियों में बेहद कारगर रहे हैं।
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ये बोले मरीज...
- लीवर का मरीज हूं। भूख नहीं लगती थी, बहुत सारी दवाएं खाईं। आराम नहीं हुआ। तीन माह से भृंगराज चूर्ण समेत गोक्षुरा आयुर्वेदिक दवा खा रहा हुं। पहले से ठीक हो गया हूं। दिलशाद
- गुर्दे की बीमारी से परेशान हूं। नाना ने आयुर्वेदिक दवाएं खाने की सलाह दी। अब एक सप्ताह से आराम है। - भारती
- पुरानी खांसी थी। अब मुलहठी से निर्मित आयुर्वेदिक दवा खा रही हूं। उससे आराम मिल रहा है। - हसीना
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-- वर्जन --
अधिकतर आयुर्वेदिक दवाएं मौजूद हैं। मंगलवार को 27 प्रकार की और दवाएं पहुंची हैं। - डॉ. सुदेश कुमारी, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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आयुर्वेदिक चिकित्सााधिकारी डॉ. भगत सिंंह ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवाएं श्रेष्ठ हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में रोजाना 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। आयुर्वेदिक विभाग में अश्वगंधा चूर्ण, शंखवटी, महायोगराज, भृंगराज समेत 27 दवाओं का नया भंडारण किया गया है।
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उन्होंने बताया कि गर्मी बढ़ने से उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में काफी संख्या में मरीज आ रहे हैं। गर्मी से जुड़ी बीमारियोें के साथ ही जोड़ों के दर्द, गुर्दे की पथरी, पेट गैस, खुजली समेत 40 प्रकार की दवाएं यहां दी जा रही हैं। अधिकतर मरीज प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की उम्मीद से भी आ रहे हैं। कई चूर्ण और दवाएं पेट, आंत रोग, हृदय रोग, रक्तचाप सहित अन्य बीमारियों में बेहद कारगर रहे हैं।
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ये बोले मरीज...
- लीवर का मरीज हूं। भूख नहीं लगती थी, बहुत सारी दवाएं खाईं। आराम नहीं हुआ। तीन माह से भृंगराज चूर्ण समेत गोक्षुरा आयुर्वेदिक दवा खा रहा हुं। पहले से ठीक हो गया हूं। दिलशाद
- गुर्दे की बीमारी से परेशान हूं। नाना ने आयुर्वेदिक दवाएं खाने की सलाह दी। अब एक सप्ताह से आराम है। - भारती
- पुरानी खांसी थी। अब मुलहठी से निर्मित आयुर्वेदिक दवा खा रही हूं। उससे आराम मिल रहा है। - हसीना
अधिकतर आयुर्वेदिक दवाएं मौजूद हैं। मंगलवार को 27 प्रकार की और दवाएं पहुंची हैं। - डॉ. सुदेश कुमारी, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल