श्रद्धांजलि: जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने सहारनपुर में सुनाई थीं कविताएं, लोगों ने शगुन के तौर पर दिए थे रुपये और गुड़
- बारिश होने पर गांधी पार्क की सभा की थी निरस्त
- पालिका के हॉल में शुरू करा दिया था कवि सम्मेलन
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पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आज जयंती मनाई जा रही है। उनका सहारनपुर से खास नाता रहा है। वह कई बार सहारनपुर आए और सभाएं की। 1960 में बारिश की वजह से पूर्व प्रधानमंत्री ने गांधी पार्क में सभा निरस्त करा दी थी। तब सबको नगर पालिका हॉल में ले जाकर वहां कवि सम्मेलन शुरू करा हुआ था, इसमें वाजपेयी ने कविताएं सुनाई थी।
वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र अटल, पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी और महेंद्र सचदेवा ने बताया पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार सहारनपुर 1952 में आए थे। 1960 में अटल बिहारी वाजपेयी गांधी पार्क स्थित मैदान पर एक जनसभा में शामिल होने आए थे।
पूर्व प्रधानमंत्री मंच पर मौजूद थे और पार्टी के एक वरिष्ठ नेता भाषण दे रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश हो गई। तब अटल बिहारी वाजपेयी ने सभा निरस्त करा दी थी और पास में ही स्थित नगर पालिका के हाल में सबको ले गए थे, जहां कवि सम्मेलन शुरू कराया था, इसमें अटल बिहारी वाजपेयी ने करीब एक घंटा तक लोगों को कविताएं सुनाई।
शगुन के तौर पर दिए थे रुपये और गुड़
मई 1987 में अटल बिहारी वाजपेयी ने सहारनपुर के क्षेत्र रहे हरिद्वार, रुड़की, देवबंद, बेहट, गंगोह, बड़गांव और शहर में एक दिन में सात सभाएं की थी। तब लोगों ने शगुन के तौर पर उन्हें तीन लाख 88 हजार रुपये एकत्र करके दिए थे। बड़गांव के लोगों ने उन्हें गुड़ भेंट किया था। एक दिन में सात सभाएं करने से अटलजी की तबीयत खराब हो गई थी और उन्हें अपना गुवाहटी दौरा रद्द करना पड़ा था।
सुशासन दिवस पर मंडी में होगा कार्यक्रम
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस को सुशासन दिवस के रूप में मनेगा। शुक्रवार को मंडी में होने वाले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही होंगे। दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को ऑनलाइन संबोधित करेंगे।