{"_id":"5d66eb578ebc3e01684300ba","slug":"transport-minister-in-the-city-daggamar-buses-run-in-a-hurry-meerut-news-mrt440453924","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवहन मंत्री शहर में, दौड़ती रही डग्गामार बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिवहन मंत्री शहर में, दौड़ती रही डग्गामार बसें
विज्ञापन
दिल्ली रोड फुटबॉल चौराहे से गुजरती डग्गामार बस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया का काफिला बुधवार को शहर में था और इस दौरान धड़ल्ले से दौड़ीं डग्गामार बसों ने मंत्री के दावों को खुलेआम चुनौती दी। अमर उजाला ने मामले की हकीकत जानी तो दिल्ली रोड से लेकर गढ़ रोड तक न केवल डग्गामार बसें दौड़ती मिली बल्कि सिंडीकेट के गुर्गे बस स्टाफ से अवैध वसूली भी करते दिखाई दिए।
प्रदेश के नवनियुक्त परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने डग्गामार वाहनों और ओवरलोडिंग वाहनों पर शिकंजा कसे जाने की बात कही थी। बुधवार को अपने गृह जनपद बिजनौर जाते समय अशोक कटारिया मेरठ शहर में पहुंचे थे। हापुड़ से उनके काफिले के साथ परिवहन विभाग और रोडवेज के अधिकारी भी चल रहे थे। इस सबके बावजूद बेखौफ डग्गामार ऑपरेटर अपनी अवैध बसों का संचालन करते रहे। किसी भी अधिकारी ने इन डग्गामार बसों को सीज करने की जहमत नहीं उठाई।
अमर उजाला ने जमीनी हकीकत जानी तो भगवा रंग में रंगी ये बसें दिल्ली और गढ़मुक्तेश्वर मार्ग पर दौड़ती नजर आईं। लोग रोडवेज के भ्रम में ऐसी बसों में यात्रा कर परेशान होते हैं। यही नहीं इन बसों का संचालन करा रहे सिंडीकेट के गुर्गे बस स्टाफ से वसूली भी करते दिखे। बस स्टाफ ने बताया कि दिल्ली, गढ़, बागपत, बड़ौत और मुजफ्फरनगर रूट पर अलग-अलग गुर्गे वसूली करते हैं। बदले में ये गुर्गे पुलिस और परिवहन विभाग की कार्रवाई से बचाते हैं। सवाल उठता है कि आखिर ये गुर्गे किसके हैं जो परिवहन मंत्री के आने के बाद भी बेखौफ डग्गामारी कराते रहे। हालांकि परिवहन अधिकारियों ने इससे इंकार किया है। एआरटीओ दिनेश कुमार ने बताया कि डग्गामार बसों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। शाम तक वे डेरा डालकर चेकिंग कर रहे थे। कहीं भी कोई बस चलती नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश के नवनियुक्त परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने डग्गामार वाहनों और ओवरलोडिंग वाहनों पर शिकंजा कसे जाने की बात कही थी। बुधवार को अपने गृह जनपद बिजनौर जाते समय अशोक कटारिया मेरठ शहर में पहुंचे थे। हापुड़ से उनके काफिले के साथ परिवहन विभाग और रोडवेज के अधिकारी भी चल रहे थे। इस सबके बावजूद बेखौफ डग्गामार ऑपरेटर अपनी अवैध बसों का संचालन करते रहे। किसी भी अधिकारी ने इन डग्गामार बसों को सीज करने की जहमत नहीं उठाई।
विज्ञापन
अमर उजाला ने जमीनी हकीकत जानी तो भगवा रंग में रंगी ये बसें दिल्ली और गढ़मुक्तेश्वर मार्ग पर दौड़ती नजर आईं। लोग रोडवेज के भ्रम में ऐसी बसों में यात्रा कर परेशान होते हैं। यही नहीं इन बसों का संचालन करा रहे सिंडीकेट के गुर्गे बस स्टाफ से वसूली भी करते दिखे। बस स्टाफ ने बताया कि दिल्ली, गढ़, बागपत, बड़ौत और मुजफ्फरनगर रूट पर अलग-अलग गुर्गे वसूली करते हैं। बदले में ये गुर्गे पुलिस और परिवहन विभाग की कार्रवाई से बचाते हैं। सवाल उठता है कि आखिर ये गुर्गे किसके हैं जो परिवहन मंत्री के आने के बाद भी बेखौफ डग्गामारी कराते रहे। हालांकि परिवहन अधिकारियों ने इससे इंकार किया है। एआरटीओ दिनेश कुमार ने बताया कि डग्गामार बसों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। शाम तक वे डेरा डालकर चेकिंग कर रहे थे। कहीं भी कोई बस चलती नहीं मिली।
विज्ञापन