{"_id":"692c72896a0cc08be30979cf","slug":"traffic-violations-11-killed-21-injured-in-road-accidents-meerut-news-c-73-1-mct1008-105654-2025-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"यातायात उल्लंघन : सड़क हदसों में 11 की मौत, 21 घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यातायात उल्लंघन : सड़क हदसों में 11 की मौत, 21 घायल
विज्ञापन
यातायात नियमों की अनदेखी लगातार छीन रही है जिंदगी
रुहाब आलम
सरूरपुर। यातायात माह समाप्त हो गया है लेकिन फिर भी क्षेत्र में वाहन चालक यातायात के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। यातायात के नियमों का उल्लंघन के कारण बीते एक साल में सड़क हादसों में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 21 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आंकड़े बताते हैं कि क्षेत्र में यातायात नियमों की अनदेखी लगातार जिंदगी छीन रही है। बावजूद इसके लोग सावधानी बरतने के लिए तैयार नहीं दिख रहे।
अधिकतर हादसे तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और हेलमेट-बेल्ट के प्रयोग न करने के कारण हुए हैं। हादसों में सबसे अधिक प्रभावित बाइक सवार रहे। इनमें कई लोगों ने हेलमेट न पहनने के चलते मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं कुछ मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली व भारी वाहनों की टक्कर में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यातायात माह के दौरान पुलिस ने नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाई। जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाया गया। हेलमेट न लगाने, बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने देने, ओवरस्पीडिंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के चालान भी किए गए।
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि अभियान का उद्देश्य लोगों में ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाना है। अधिकांश दुर्घटनाओं में मानवीय लापरवाही प्रमुख कारण रही है। यदि लोग सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें तो बड़ी संख्या में हादसों को रोका जा सकता है। पुलिस ने स्कूलों, बाजारों और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए लेकिन हादसों के आंकड़े बताते हैं कि अभी भी लोगों को सतर्क होने की जरूरत है। हेलमेट और सीट बेल्ट को आदत बनाएं, तेज रफ्तार से बचें और सड़क पर धैर्य से वाहन चलाएं। सड़क सुरक्षा सिर्फ अभियान से नहीं बल्कि लोगों की जागरूकता और जिम्मेदारी से ही सुनिश्चित हो सकती है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
रुहाब आलम
सरूरपुर। यातायात माह समाप्त हो गया है लेकिन फिर भी क्षेत्र में वाहन चालक यातायात के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। यातायात के नियमों का उल्लंघन के कारण बीते एक साल में सड़क हादसों में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 21 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आंकड़े बताते हैं कि क्षेत्र में यातायात नियमों की अनदेखी लगातार जिंदगी छीन रही है। बावजूद इसके लोग सावधानी बरतने के लिए तैयार नहीं दिख रहे।
अधिकतर हादसे तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और हेलमेट-बेल्ट के प्रयोग न करने के कारण हुए हैं। हादसों में सबसे अधिक प्रभावित बाइक सवार रहे। इनमें कई लोगों ने हेलमेट न पहनने के चलते मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं कुछ मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली व भारी वाहनों की टक्कर में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यातायात माह के दौरान पुलिस ने नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाई। जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाया गया। हेलमेट न लगाने, बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने देने, ओवरस्पीडिंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के चालान भी किए गए।
विज्ञापन
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि अभियान का उद्देश्य लोगों में ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाना है। अधिकांश दुर्घटनाओं में मानवीय लापरवाही प्रमुख कारण रही है। यदि लोग सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें तो बड़ी संख्या में हादसों को रोका जा सकता है। पुलिस ने स्कूलों, बाजारों और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए लेकिन हादसों के आंकड़े बताते हैं कि अभी भी लोगों को सतर्क होने की जरूरत है। हेलमेट और सीट बेल्ट को आदत बनाएं, तेज रफ्तार से बचें और सड़क पर धैर्य से वाहन चलाएं। सड़क सुरक्षा सिर्फ अभियान से नहीं बल्कि लोगों की जागरूकता और जिम्मेदारी से ही सुनिश्चित हो सकती है। (संवाद)
विज्ञापन