फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Traders have ruckus for three hours for the land of Rapid Rail Station in Meerut

UP: रैपिड रेल स्टेशन की जमीन के लिए तीन घंटे बखेड़ा, व्यापारियों के साथ अड़े विधायक, जानें पूरा मामला

Thu, 28 Jul 2022 10:17 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 28 Jul 2022 10:17 PM IST
सार

दुकानें खाली कराने को लेकर तीन घंटे जमकर बखेड़ा हुआ। इस दौरान व्यापारियों के साथ भाजपा विधायक भी अड़ गए। जानिए पूरा मामला।

विज्ञापन
Traders have ruckus for three hours for the land of Rapid Rail Station in Meerut
हंगामा करते व्यापारी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में शामिल दिल्ली -मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट के भैंसाली स्टेशन के प्रवेश द्वार की जमीन खाली करने को लेकर तीन घंटे तक बखेड़ा चलता रहा। तहसील के सामने स्थित 14 दुकानों को एक महीने पहले खाली करने को लेकर नोटिस दिया गया था। इसी को लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के कर्मचारी और कैंट बोर्ड अधिकारी दोपहर 12 बजे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दुकान खाली करने को लेकर दुकानदारों को निर्देश दिए। लेकिन कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर दुकानदारों का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक इन लोगों के लिए अन्य किसी स्थान पर व्यवस्था नहीं की जाती तो दुकानें खाली नहीं की जाएंगी।

विज्ञापन

     
कैंट विधायक के पहुंचने के बाद कैंट बोर्ड सीईओ ज्योति कुमार भी पहुंच गए। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर दुकानों को खाली कराया जाना है। इसके बाद जमीन को एनसीआरटीसी को रैपिड रेल के लिए दिया जाना है। उन्होंने विधायक से कह दिया कि प्रोजेक्ट की समीक्षा प्रधानमंत्री खुद करते हैं। ऐसे में इसमें बाधा नहीं डाली जा सकती। वहीं, सीईओ ने कहा कि एनसीआरटीसी दुकानदारों के लिए एक लाख 60 हजार एकमुश्त की व्यवस्था करने के लिए कह चुका है। इसके अलावा कैंट बोर्ड भी 30 साल के लिए किसी अन्य स्थान पर दुकान देने के लिए बोर्ड में प्रस्ताव लाएगा। इस प्रक्रिया में छह महीने लग जाएंगे। इसके बाद भी अगर जमीन खाली नहीं की गई तो बुलडोजर लाकर जमीन को खाली करा दिया जाएगा।
विज्ञापन


दो घंटे तक चलती रही वार्ता, पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
तहसील के सामने स्थित गंगा मोटर कमेटी कार्यालय पर दो घंटे कैंट बोर्ड सीईओ, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, एसीएम, तहसीलदार सदर रामेश्वर प्रसाद, सीओ सदर रुपाली राय के बीच वार्ता चलती रही। दुकानदार के पक्ष में कैंट विधायक अमित अग्रवाल सवाल करते रहे। अधिकारी भी रैपिड रेल प्रोजेक्ट की गति को देखते हुए दुकान खाली करने को लेकर अड़े रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एक दिन में हो जाएगा चार करोड़ का नुकसान
रैपिड रेल अधिकारियों और सीईओ ने कैंट विधायक को बताया कि इस प्रोजेक्ट में बाधा डालने से काफी नुकसान होता है। एक दिन में अगर कार्य आगे नहीं बढ़ता है तो चार करोड़ का नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में इसमें बाधा डालने से बड़ा नुकसान एनसीआरटीसी को झेलना होगा। 

यह भी पढ़ें: UP: मैरिज होम में हो रहा था छह नाबालिग लड़कियों का निकाह, पुलिस को देख भागे लोग, विधायक भी थे मौजूद

गंगा मोटर कमेटी की 14 दुकानों को नोटिस दिया गया था। एक महीने की अवधि पूर्ण हो चुकी है। अब दो से तीन दिन में भूमि को खाली कराकर एनसीआरटीसी को सौंप दिया जाएगा। - ज्योति कुमार, सीईओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed