कॉम्प्लेक्स ध्वस्तीकरण: सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों का अनिश्चितकालीन बंद, धरना जारी, निकाला जुलूस
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स ध्वस्तीकरण के बाद व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। आवास विकास के अधिकारियों पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए व्यापारियों ने नारेबाजी की, दुकानों को बंद कराया और काली पट्टी बांधकर जुलूस निकाला।
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मेरठ के शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण के साथ ही व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। व्यापारियों ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। पांच व्यापार संघों ने एकजुट होकर विरोध की रणनीति तैयार की और बाजारों को बंद कराने की मुहिम शुरू कर दी।
व्यापारियों ने टोलियां बनाकर सेंट्रल मार्केट की खुली दुकानों को बंद कराया और बाद में कैलाश डेयरी के पास धरने पर बैठ गए। इस दौरान व्यापारियों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक लिखित में यह आश्वासन नहीं मिलता कि अन्य दुकानें नहीं तोड़ी जाएंगी, तब तक बाजार अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगे।
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देर शाम व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर शांति मार्च भी निकाला। इस बीच पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। दोनों ओर से नोकझोंक के बीच व्यापारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर परिसर का ध्वस्तीकरण रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा और करीब 80 फीसदी हिस्सा ढहा दिया गया। परिसर को बैरीकेडिंग कर सील कर दिया गया था। तीन जेसीबी और हाइड्रा मशीनों से लगातार मलबा हटाने का काम चलता रहा।
व्यापारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सिर्फ प्लॉट नंबर 661/6 के ध्वस्तीकरण तक सीमित था। बाकी दुकानों को तोड़ना गैरकानूनी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन नहीं माना तो आंदोलन और उग्र होगा। व्यापारियों ने कहा-यह केवल इमारत नहीं, हमारी रोजी-रोटी तोड़ी जा रही है।