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दोबारा उपद्रव की आशंका पर मुस्तैद रही पुलिस-जनता
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आज जुम्मे की नमाज को लेकर कमेला चौकी पर तैनात फोर्स
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मेरठ।
दोबारा उपद्रव की आशंका पर शुक्रवार को पुलिस के साथ शहर के जिम्मेदार लोग गली-मोहल्लों में तैनात रहे। सुबह आठ बजे पुलिस से पहले लोगों ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली। जिम्मेदार लोग गली-मोहल्ले और चौराहों पर अमन का संदेश देते रहे। सभी से शांति व्यवस्था बनाने की अपील की। पुलिस-प्रशासन के अफसर दिनभर गाड़ियों से गश्त करते रहे। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, आरएएफ और पीएसी भी अलर्ट रही। इसके चलते शांतिपूर्ण माहौल में जुमे की नमाज पढ़ी गई।
20 दिसंबर को हुए उपद्रव के बाद जुमे की नमाज शांतिपूर्वक कराना पुलिस प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा जैसी थी। ऐसे में सुबह आठ बजे कंट्रोल रूम से पुलिस फोर्स को अलर्ट होने का मेसेज दिया गया। पुलिस ड्यूटी पर जाने की तैयारी में जुट गई। लेकिन स्थानीय जिम्मेदार लोग उनसे पहले सड़क पर आ गए। सुरक्षा के मद्देनजर लोगों ने अपने अपने क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाने की अपील शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस के अधिकारी हापुड़ अड्डे पर पहुंचे। पुलिस फोर्स की गश्त के दौरान कोतवाली जामा मस्जिद पर दोपहर 2:45 बजे नमाज अदा हुई। कहीं पर भी भीड़ नहीं जुटी। बाजार भी खुले रहे।
दिनभर एडीजी प्रशांत कुमार और पुलिस फोर्स शहर में घूमकर लोगों का मिजाज देखते रहे। दोपहर तीन बजे कमिश्नर अनीता मेश्राम, आईजी आलोक सिंह, डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी अजय साहनी ने पुलिस फोर्स के साथ शहर का भ्रमण किया। शहर का माहौल देखकर पुलिस अधिकारी लौट गए और फोर्स भी हटा दी गई। स्थानीय लोग सड़क पर डटे रहे।
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अधिकारियों ने चौराहों से की अपील
घंटाघर, हापुड़ अड्डा और भूमिया पुल पर पुलिस का सबसे ज्यादा फोकस था। चौराहोें पर पुलिस अधिकारी लोगों से अपील करते रहे कि कोई कानून व्यवस्था न बिगाड़े। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ आक्रोश न दिखाएं। कोई शिकायत हो तो हमें बताएं। गली मोहल्ले में घुसने से पुलिस ने परहेज किया।
आरएएफ और पीएसी थी मुस्तैद
हापुड़ अड्डा चौराहा, भूमिया पुल, घंटाघर, खैरनगर और हापुड़ रोड पर आरएएफ व पीएसी मुस्तैद रही। उन्हें निर्देश दिए गए थे कि अगर कोई शांति व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करे तो वह अपने तरीके से निपटें। पुलिस अधिकारी शांति व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों को लगा रहे थे। आरएएफ व पीएसी ने भी उपद्रवियों से मोर्चा लेने की पूरी तैयारी कर रखी थी।
अपने ही इलाके की मस्जिदों में पढ़ी नमाज
मेरठ। अबकी बार अपने इलाके की मस्जिदों में लोगों ने नमाज पढ़ी। शायद यहीं वजह थी कि कोतवाली जामा मस्जिद में भीड़ कम थी। हालांकि शहरकाजी और मस्जिदों के मौलाना पहले ही ऐलान कर चुके थे कि दूसरे इलाके के लोग न आएं। सब लोग अपने अपने इलाके की मस्जिदों में नमाज पढ़ें। पुलिस का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर भी लोगों से शांति व्यवस्था बनाने की बात कही। इसका नतीजा रहा कि सभी लोग अलग अलग धार्मिक स्थल पर गए। रास्ते में भीड़ नहीं लगी। इसको लेकर अलग अलग चर्चाएं भी रहीं।
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दोबारा उपद्रव की आशंका पर शुक्रवार को पुलिस के साथ शहर के जिम्मेदार लोग गली-मोहल्लों में तैनात रहे। सुबह आठ बजे पुलिस से पहले लोगों ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली। जिम्मेदार लोग गली-मोहल्ले और चौराहों पर अमन का संदेश देते रहे। सभी से शांति व्यवस्था बनाने की अपील की। पुलिस-प्रशासन के अफसर दिनभर गाड़ियों से गश्त करते रहे। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, आरएएफ और पीएसी भी अलर्ट रही। इसके चलते शांतिपूर्ण माहौल में जुमे की नमाज पढ़ी गई।
20 दिसंबर को हुए उपद्रव के बाद जुमे की नमाज शांतिपूर्वक कराना पुलिस प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा जैसी थी। ऐसे में सुबह आठ बजे कंट्रोल रूम से पुलिस फोर्स को अलर्ट होने का मेसेज दिया गया। पुलिस ड्यूटी पर जाने की तैयारी में जुट गई। लेकिन स्थानीय जिम्मेदार लोग उनसे पहले सड़क पर आ गए। सुरक्षा के मद्देनजर लोगों ने अपने अपने क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाने की अपील शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस के अधिकारी हापुड़ अड्डे पर पहुंचे। पुलिस फोर्स की गश्त के दौरान कोतवाली जामा मस्जिद पर दोपहर 2:45 बजे नमाज अदा हुई। कहीं पर भी भीड़ नहीं जुटी। बाजार भी खुले रहे।
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दिनभर एडीजी प्रशांत कुमार और पुलिस फोर्स शहर में घूमकर लोगों का मिजाज देखते रहे। दोपहर तीन बजे कमिश्नर अनीता मेश्राम, आईजी आलोक सिंह, डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी अजय साहनी ने पुलिस फोर्स के साथ शहर का भ्रमण किया। शहर का माहौल देखकर पुलिस अधिकारी लौट गए और फोर्स भी हटा दी गई। स्थानीय लोग सड़क पर डटे रहे।
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अधिकारियों ने चौराहों से की अपील
घंटाघर, हापुड़ अड्डा और भूमिया पुल पर पुलिस का सबसे ज्यादा फोकस था। चौराहोें पर पुलिस अधिकारी लोगों से अपील करते रहे कि कोई कानून व्यवस्था न बिगाड़े। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ आक्रोश न दिखाएं। कोई शिकायत हो तो हमें बताएं। गली मोहल्ले में घुसने से पुलिस ने परहेज किया।
आरएएफ और पीएसी थी मुस्तैद
हापुड़ अड्डा चौराहा, भूमिया पुल, घंटाघर, खैरनगर और हापुड़ रोड पर आरएएफ व पीएसी मुस्तैद रही। उन्हें निर्देश दिए गए थे कि अगर कोई शांति व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करे तो वह अपने तरीके से निपटें। पुलिस अधिकारी शांति व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों को लगा रहे थे। आरएएफ व पीएसी ने भी उपद्रवियों से मोर्चा लेने की पूरी तैयारी कर रखी थी।
अपने ही इलाके की मस्जिदों में पढ़ी नमाज
मेरठ। अबकी बार अपने इलाके की मस्जिदों में लोगों ने नमाज पढ़ी। शायद यहीं वजह थी कि कोतवाली जामा मस्जिद में भीड़ कम थी। हालांकि शहरकाजी और मस्जिदों के मौलाना पहले ही ऐलान कर चुके थे कि दूसरे इलाके के लोग न आएं। सब लोग अपने अपने इलाके की मस्जिदों में नमाज पढ़ें। पुलिस का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर भी लोगों से शांति व्यवस्था बनाने की बात कही। इसका नतीजा रहा कि सभी लोग अलग अलग धार्मिक स्थल पर गए। रास्ते में भीड़ नहीं लगी। इसको लेकर अलग अलग चर्चाएं भी रहीं।