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Meerut News: छुछाई में एक साथ जलीं तीन चिताएं, सैनिक सम्मान के साथ हुआ सोहनवीर का अंतिम संस्कार
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किठौर (मेरठ)। दिल्ली-देहरादून राजमार्ग स्थित खतौली बाईपास पर शनिवार को सड़क हादसे में हुई कार सवार मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौत के मामले में रविवार को पोस्टमार्टम के बाद अंकित और राजेश देवी का शव एंबुलेंस तथा सोहनवीर का शव तिरंगे झंडे में लिपटा सैनिक वाहन से रविवार दोपहर 2:30 बजे पैतृक गांव छुछाई पहुंचा। शव गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। एक साथ तीन शव देखकर सभी की आंखें नम हो गई। सोहनवीर का अंतिम संस्कार सैनिक सम्मान के साथ किया गया। तीनों का अंतिम संस्कार मृतक सोहनवीर के ही खेत में किया गया। जहां एक साथ तीनों चिताओं को मुखाग्नि दी।
दोपहर करीब 2.30 बजे हूटर, सायरन बजाती एंबुलेंस तथा उसके पीछे आते सैनिक वाहन को देख गांव में दौड़ सी लग गई। मृतक सोहनवीर तथा अंकित के घर पर चीख पुकार मच गई। लोग परिजनों को संभालते हुए सांत्वना देते रहे और उनके आंसू पूछते रहे। यह देख वहां मौजूद लोग भी सिहर उठे। वाहन से शव उतारने के लिए लोगों में अफरातफरी सी मच गई। ग्रामीणों ने राजेश देवी और अंकित के शवों को एंबुलेंस से उतारा वहीं सोहनवीर के शव को सैनिकों ने घर पर उतारा। दोपहर करीब 3:00 बजे पहले अंकित के शव और उसके बाद सोहनवीर और उसकी मां राजेश देवी के शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव में ही स्थित सोहनवीर के खेत में ले जाया गया। यहां तिरंग में लिपटे सोहनवीर के शव को सैनिकों ने सम्मान दिया। तीनों के शवों को क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। मां राजेश देवी और छोटे भाई सोहनवीर को बड़े भाई विदेश तथा अंकित को उसके पिता राजकुमार ने मुखाग्नि दी।
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सोमवार को करना था जमीन का बैनामा
ग्रामीणों के अनुसार, सोहनवीर को सोमवार को मेरठ में किसी जमीन का बैनामा करना था। सोहनवीर का कुछ परिवार गंगानगर स्थित मकान में किराये पर रह रहा था। इसके चलते सोहनवीर ने जमीन खरीदी थी। करीब दस दिन पूर्व ही सोहनवीर सेना से छुट्टी लेकर घर आया था।
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शोक में रविवार को छुछाई में घरों में नहीं जले चूल्हे
दुघर्टना के बाद सैकड़ों लोग अस्पताल और पोस्टमार्टम हाऊस पहुंचे थे। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कोई भी परिवार इस घटना के बाद सोया नहीं था। पूरी रात एक दूसरे से जानकारी लेते रहे। सुबह से शव आने के इंतजार में बैठे रहे। इसके चलते गांव में किसी के घर भी चूल्हे नहीं जले। एक ही मोहल्ले में तीन मौत होने से गांव का हर आदमी शोक में था।
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दोपहर करीब 2.30 बजे हूटर, सायरन बजाती एंबुलेंस तथा उसके पीछे आते सैनिक वाहन को देख गांव में दौड़ सी लग गई। मृतक सोहनवीर तथा अंकित के घर पर चीख पुकार मच गई। लोग परिजनों को संभालते हुए सांत्वना देते रहे और उनके आंसू पूछते रहे। यह देख वहां मौजूद लोग भी सिहर उठे। वाहन से शव उतारने के लिए लोगों में अफरातफरी सी मच गई। ग्रामीणों ने राजेश देवी और अंकित के शवों को एंबुलेंस से उतारा वहीं सोहनवीर के शव को सैनिकों ने घर पर उतारा। दोपहर करीब 3:00 बजे पहले अंकित के शव और उसके बाद सोहनवीर और उसकी मां राजेश देवी के शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव में ही स्थित सोहनवीर के खेत में ले जाया गया। यहां तिरंग में लिपटे सोहनवीर के शव को सैनिकों ने सम्मान दिया। तीनों के शवों को क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। मां राजेश देवी और छोटे भाई सोहनवीर को बड़े भाई विदेश तथा अंकित को उसके पिता राजकुमार ने मुखाग्नि दी।
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सोमवार को करना था जमीन का बैनामा
ग्रामीणों के अनुसार, सोहनवीर को सोमवार को मेरठ में किसी जमीन का बैनामा करना था। सोहनवीर का कुछ परिवार गंगानगर स्थित मकान में किराये पर रह रहा था। इसके चलते सोहनवीर ने जमीन खरीदी थी। करीब दस दिन पूर्व ही सोहनवीर सेना से छुट्टी लेकर घर आया था।
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शोक में रविवार को छुछाई में घरों में नहीं जले चूल्हे
दुघर्टना के बाद सैकड़ों लोग अस्पताल और पोस्टमार्टम हाऊस पहुंचे थे। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कोई भी परिवार इस घटना के बाद सोया नहीं था। पूरी रात एक दूसरे से जानकारी लेते रहे। सुबह से शव आने के इंतजार में बैठे रहे। इसके चलते गांव में किसी के घर भी चूल्हे नहीं जले। एक ही मोहल्ले में तीन मौत होने से गांव का हर आदमी शोक में था।