{"_id":"69418dfc2163280de304ef78","slug":"three-people-including-father-and-son-convicted-of-murder-sentenced-to-life-imprisonment-meerut-news-c-14-1-mrt1051-1055896-2025-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ\nहत्या के दोषी पिता-पुत्र समेत तीन को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ हत्या के दोषी पिता-पुत्र समेत तीन को उम्रकैद
विज्ञापन
16 साल पहले बहसूमा के गांव तजपुरा में सतीश की पानी में डुबाकर की थी हत्या
दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया
अदालत से का लोगो लगाएं
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एडीजे द्वितीय आलोक द्विवेदी की कोर्ट ने 16 साल पहले बहसूमा थाना क्षेत्र के गांव तजपुरा में हुई सतीश की हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर तजपुरा निवासी सुशील उसके बेटे हेमंत और भतीजे मधुसूदन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बहसूमा थाने पर 27 फरवरी 2009 को तजपुरा गांव निवासी नरेंद्र सिंह ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि जमीन को लेकर चल रहे विवाद में कुटुुंब के ही सुशील उसके बेटे हेमंत और भतीजे मधुसूदन ने उसके भाई सतीश की पानी में डुबोकर हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। बाद में तीनों जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे द्वितीय आलोक द्विवेदी की अदालत में हुई। सोमवार को अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए पिता-पुत्र समेत तीनों को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। मंगलवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर सुशील उसके बेटे हेमंत और भतीजे मधुसूदन को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया
अदालत से का लोगो लगाएं
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एडीजे द्वितीय आलोक द्विवेदी की कोर्ट ने 16 साल पहले बहसूमा थाना क्षेत्र के गांव तजपुरा में हुई सतीश की हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर तजपुरा निवासी सुशील उसके बेटे हेमंत और भतीजे मधुसूदन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बहसूमा थाने पर 27 फरवरी 2009 को तजपुरा गांव निवासी नरेंद्र सिंह ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि जमीन को लेकर चल रहे विवाद में कुटुुंब के ही सुशील उसके बेटे हेमंत और भतीजे मधुसूदन ने उसके भाई सतीश की पानी में डुबोकर हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। बाद में तीनों जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे द्वितीय आलोक द्विवेदी की अदालत में हुई। सोमवार को अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए पिता-पुत्र समेत तीनों को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। मंगलवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर सुशील उसके बेटे हेमंत और भतीजे मधुसूदन को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन