मेरठ: गटर में बनी जहरीली गैस की चपेट में आए एमडीए के तीन कर्मचारी, दो सफाईकर्मियों की हालत गंभीर
मेरठ के परतापुर में गुरुवार दोपहर टीपी नगर थाना क्षेत्र में गटर साफ करने उतरे एमडीए के दो सफाईकर्मी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। इस दौरान उन्हें बचाने के लिए गटर में उतरे जेनरेटर ऑपरेटर की हालत भी बिगड़ गई। स्थानीय निवासियों द्वारा तीनों कर्मचारियों को सुभारती हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जहां दो कर्मचारियों की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक रिठानी निवासी मोनू और मनीष मेरठ विकास प्राधिकरण में सफाई कर्मचारी हैं। गुरुवार को दोनों सफाई कर्मचारी एनएच 58 वेदव्यासपुरी, पूठा स्थित आरएएफ डिपो के सामने गटर में सफाई करने उतरे थे। इसी दौरान जहरीली गैस की चपेट में आकर दोनों गटर में ही बेहोश हो गए।
उधर, जब मोनू और मनीष काफी देर तक बाहर नहीं निकले तो जेनरेटर ऑपरेटर लोकेश उन्हें देखने के लिए गटर में उतर गया। जिसके बाद उसकी भी हालत बिगड़ गई। लोकेश की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद सुपरवाइजर प्रताप ने स्थानीय नागरिकों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद गटर में फंसे तीनों कर्मचारियों को बाहर निकलवाया।
मौके पर पहुंची पुलिस की मदद से तीनों कर्मचारियों को आनन-फानन में सुभारती हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां मोनू और मनीष की हालत गंभीर बनी है। बताया गया कि जनरेटर ऑपरेटर लोकेश मास्क पहने हुए था, इसी कारण वह जहरीली गैस की चपेट में आने से बच गया।
एसओ टीपीनगर दिनेश कुमार का कहना है घटना की सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस को मौके पर रवाना कर दिया, जिसमे एक कि हालात गंभीर बनी हुई है लेकिन डॉक्टरों का कहना है जल्द से जल्द उसकी हालात में सुधार आ जायेगा।