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Meerut News: ड्यूटी की जल्दी और साथ जाने की जिद में गईं तीन जान

Mon, 18 Nov 2024 03:49 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2024 03:49 AM IST
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Three lives were lost in hurry for duty and insistence on going along
सरधना। चाचा सुनील की कॉपर फैक्टरी में नाइट ड्यूटी पर समय से पहुंचने की जल्दी और भतीजियों मनीषा व उपासना के चाचा के साथ जाने की जिद में तीनों की जान चली गई। रिश्तेदारों ने सुनील व दोनों युवतियों को रोकने का प्रयास किया था। सुनील के ड्यूटी पर समय से जाने का हवाला देने पर दोनों मनीषा और उपासना से कहा कि वह बाद में अन्य परिजन से कार से घर चली जाएंगी। लेकिन दोनों भतीजियों घर जाकर पढ़ाई की बात कहकर चाचा के साथ जाने की जिद की।
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सरधना थाना क्षेत्र के गांव दबथुवा के रतनगढ़ी निवासी ग्रामीणों ने बताया कि सुनील कंकरखेड़ा क्षेत्र स्थित एक कॉपर फैक्टरी में नौकरी करते थे। फिलहाल उनकी रात की शिफ्ट में ड्यूटी चल रही थी। उन्हें रात आठ बजे फैक्टरी पहुंचना था। जिसके चलते वह विवाह समारोह से शाम को समय से लौटने लगे। मनीषा और उपासना भी उनके साथ बाइक पर सवार होकर आने लगी। इसी दौरान रविवार शाम लगभग साढ़े छह बजे तीनों हादसे का शिकार होकर जान गंवा बैठे।
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पिछले वर्ष ही मनीषा ने ग्रेजुएशन की थी और उपासना इंटरमीडिएट की छात्रा थीं। दोनों बहनें पढ़ाई के प्रति गंभीर थीं। इसलिए वह विवाह समारोह में अधिक देर रुककर समय व्यर्थ नहीं करना चाहतीं थीं। बताया गया है कि सुनील ने हेलमेट लगाया था, लेकिन मनीषा और उपासना ने हेलमेट नहीं लगाया था।
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मामा के बेटे की शादी में शामिल हुआ था पूरा परिवार
बागपत के गांव दादरी में मनीषा के मामा के बेटे की शादी थी। मनीषा का पूरा परिवार शादी में शामिल होने गया था। लेकिन परिवार के तीन लोगों की हादसे में मौत होने के बाद परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। सुनील के तीन बच्चों में सबसे बड़ा बेटा विनीत 26 वर्ष व दूसरा बेटा गुरमीत 24 वर्ष व बेटी 23 वर्ष की ज्योति है।

आश्वासन के बाद करीब चार घंटे बाद खुला जाम

सरूरपुर। चाचा और दो भतीजियों की मौत के बाद परिजन व ग्रामीणों ने सरधना-बिनौली मार्ग पर शाम सात बजे जाम लगा दिया था। करीब चार घंटे तक हंगामे के बीच पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी के परिजनों को समझाने बुझाने के बाद रात 11 बजे जाम खोला गया। परिजन को एसडीएम सरधना महेश प्रसाद दीक्षित व सीओ सरधना ने हर संभव मदद औ मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। जाम के दौरान मार्ग से गुजरने वाले वाहन सवारों को परेशानियों को सामना करना पड़ा। इससे पहले लोगों ने जमकर नारेबाजी कर अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की थी।

तीन साल पहले बड़े भाई की सड़क हादसे में हुई थी मौत
परिजनों ने बताया कि तीन साल पहले मनीषा के भाई राहुल की भी सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। परिवार के लोग अभी इस सदमे से नहीं उबर पाए थे। एक बार फिर से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। मौत की खबर सुनकर गांव की महिलाएं खाना बनाते हुए छोड़कर मौके पर पहुंची।
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