सेना भर्ती के नाम पर ठगी का खुलासा, रिटायर्ड फौजी समेत 3 गिरफ्तार
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सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी का खुलासा करते हुए एसटीएफ मेरठ यूनिट ने रिटायर्ड फौजी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के अनुसार रिटायर्ड फौजी, कोचिंग संचालक और ठेकेदार सेना में भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों से ठगी कर रहे थे। 35 अभ्यर्थियों से प्रत्येक से तीन लाख रुपये के हिसाब से एक करोड़ पांच लाख रुपये में सौदा भी हो चुका था। आरोपियों के कब्जे से दसवीं और बारहवीं के 15 अंकपत्र, आर्मी भर्ती के 10 प्रवेशपत्र, 4 मोबाइल फोन, आर्मी सर्विसमैन का एक पहचान पत्र और 67 सौ रुपये बरामद हुए हैं।
सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि रविवार को मुखबिर की सूचना पर रोहटा रोड स्थित फाजलपुर के सामने जेपी हॉस्पिटल के पास से आशीष कुमार पुत्र ब्रह्मसिंह निवासी फाजलपुर, विक्टर राघव पुत्र अजब सिंह निवासी अजंता कॉलोनी थाना मेडिकल (मूल निवासी गांव गिनौरा थाना स्याना, बुलंदशहर) को गिरफ्तार किया गया। दोनों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर वीर बहादुर सिंह उर्फ पुंडीर पुत्र कृपाल सिंह निवासी तुलसी कॉलोनी कंकरखेड़ा (मूल निवासी देवबंद, सहारनपुर) को पकड़ा गया। आर्मी भर्ती के नाम पर दलाली करने वाले इन तीनों आरोपियों से एसपी सिटी रणविजय सिंह और आर्मी इंटेलीजेंस की टीम ने पूछताछ की। सीओ एसटीएफ ने बताया कि एसटीएफ की तरफ से कंकरखेड़ा थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
सेना भर्ती की थी लिखित परीक्षा
सीओ एसटीएफ के अनुसार, रविवार को कैंट स्थित सेना भर्ती कार्यालय में लिखित परीक्षा थी। सेना की लिखित परीक्षा के लिए 1058 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। परीक्षा सुबह सात बजे से थी। इस दौरान सेना भर्ती की परीक्षा को लेकर एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया विभाग की टीम भी अलर्ट थी। शनिवार रात को ही एसटीएफ ने आर्मी क्षेत्र और आसपास के इलाके में जाल बिछा दिया था। सीओ एसटीएफ के साथ एसआई अरुण निगम, सुनील कुमार, योगेंद्रपाल सिंह समेत एसटीएफ के आठ कर्मी अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए थे। एसटीएफ की सर्विलांस टीम शनिवार रात से ही मूवमेंट में थी।
अभ्यर्थियों से ली मोटी रकम
सीओ एसटीएफ ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि वीर बहादुर सिंह सेना के नायक पद से रिटायर्ड है। यह मुख्य आरोपी है। दूसरा आरोपी आशीष कोचिंग सेंटर संचालक है, जो सेना भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को वीर बहादुर से मिलवाता था। तीसरा आरोपी विक्टर राघव ठेकेदार है। विक्टर का चाचा भी सेना है, जो रिटायर्ड फौजी वीर बहादुर के संपर्क में बताया जाता है। सीओ के अनुसार अभी तक की जांच में पता चला है कि इन आरोपियों का 35 अभ्यर्थियों से सेना में भर्ती कराने के लिए तीन-तीन लाख रुपये में सौदा हो चुका था।