फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Three arrested for making fraud in the name of job in indian army and up police

पांच लाख में देते थे सेना और यूपी पुलिस में भर्ती की गारंटी, तीन युवकों को एटीएस ने किया गिरफ्तार

Sat, 10 Aug 2019 04:30 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 10 Aug 2019 04:30 PM IST
विज्ञापन
Three arrested for making fraud in the name of job in indian army and up police
गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला

आर्मी और पुलिस में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तीन युवकों को एसटीएफ मेरठ ने गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने वेस्ट यूपी के कई जिलों में अपना जाल बिछा रखा था। पकड़े गये युवकों के मोबाइल फोन में 20 से अधिक संदिग्ध नंबर मिले हैं। यह गिरोह फर्जी तरह से भर्ती कराने के दस्तावेज भी तैयार करता था। गिरोह में कुछ लोग फरार हैं। उनकी तलाश में एसटीएफ लगी है।

विज्ञापन


एसटीएफ मेरठ यूनिट के सीओ बृजेश सिंह ने ठगी का खुलासा किया। बताया कि कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी करके अनुचित लाभ कमाने वाला गिरोह काम कर रहा है।

विज्ञापन

इस संबंध में आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और एसएसपी एसटीएफ सत्यार्थ अनिरूद्ध के निर्देश पर एसटीएफ काम का रही थी। आर्मी इंटेलीजेंस से भी जानकारी मिली कि अभ्यर्थियों को भर्ती कराने के एवज में पैसा लिया जा रहा है। शुक्रवार रात को एसटीएफ मेरठ ने दौराला से तीन युवकों को गिरफ्तार किया।

पकड़े गये आरोपी प्रवेश नागर पुत्र अजब सिंह निवासी अलीपुर मोरना थाना हस्तिनापुर, रोशन पुत्र जगत सिंह निवासी गांव चकबंदी थाना सरधना और सतीश पुत्र सुरेश निवासी गांव चकबंदी हैं। आरोपियों के पास से फर्जी जाति व निवास प्रमाण पत्र, दसवीं व 12 वीं की मार्कशीट, सनद, यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2018 का प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, यूपी पुलिस के आईकार्ड, चार मोबाइल, एक वैगनकार कार, एक बाइक बरामद की है। 

पांच लाख में भर्ती की गारंटी 
सीओ के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि आर्मी व यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पदों पर भर्ती कराने के लिए अभ्यर्थियों से पांच पांच लाख रुपये लेते थे। बुलंदशहर के स्याना निवासी रहीसुद्ीन, स्याना निवासी लोकेश, स्याना निवासी दीपक, दीपक निवासी नंदपुरा, मेरठ से पुलिस व आर्मी में भर्ती के लिए पांच पांच लाख रुपये में सौदा हुआ था।

दीपक को कूटरचित मूल निवास व जातिप्रमाण पत्र भी तैयार करके दिया था। जिससे दीपक ललितपुर में आर्मी भर्ती में शामिल हो सके। वहीं शुक्रवार को प्रवेश नागर यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती 2018 की मेरिट में नाम पक्का कराने के लिए रहीसुद्दीन के शैक्षिक प्रमाण पत्र तथा लोकेश के आर्मी में मेडिकल कराने के लिए शैक्षिक प्रमाणपत्र देने के लिए दौराला पहुंचे थे। पिछले दो साल से यह गिरोह फर्जीवाड़ा कर रहा है। सतीश के खिलाफ सरधना में पहले से केस दर्ज हैं। एसटीएफ ने तीनों के खिलाफ दौराला थाने में केस दर्ज कराया है।

खुद को सिपाही बताकर करता था ठगी 
सीओ ने बताया कि प्रवेश नागर खुद को यूपी पुलिस का सिपाही बताकर ठगी करता था। जबकि रोशन ठगी के लिए खुद को आर्मी में बताता था। मेरठ के अलावा बुलंदशहर, हापुड़, बागपत और मुजफ्फरनगर में भी यह गिरोह दो सालों में 70-80 लोगों से पैसा ले चुका है। आरोपियों के बैंक खातों की जांच जल्द शुरू की जाएगी। आर्मी की जिस जिले में भर्ती होती थी, उसी जिले का फर्जी मूल निवास अभ्यर्थी का बना देते थे। प्रवेश गिरोह का सरगना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed