{"_id":"670c5a6c129e7dc9e50926ad","slug":"those-who-write-the-truth-are-being-intimidated-dr-malik-meerut-news-c-14-1-mrt1027-679549-2024-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"सच लिखने वालों को डराया जा रहा है : डॉ. मलिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सच लिखने वालों को डराया जा रहा है : डॉ. मलिक
विज्ञापन
मेरठ। जनवादी लेखक संघ की ओर से कचहरी स्थित सभागार में कार्यक्रम हुआ। इसमें इतिहासकार डॉ. घासीराम मलिक ने कहा कि वर्तमान सत्ता लेखन पर हमला कर रही है। सच लिखने वालों को डराया जा रहा है। अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला हो रहा है। ऐसे में जनवादी लेखकों को सब विषयों पर लिखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद के उठाए गए अभियान को आगे बढ़ाने और जारी रखने की जरूरत है।
संघ के सचिव मुनेश त्यागी ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। पूंजीपतियों के लिए ही काम किया जा रहा है। रामगोपाल भारतीय ने कहा कि संघर्षशीलता और असहमति वाले लेखन को अब आगे ले जाने की जरूरत है। उन्होंने लेखकों का आह्वान किया कि वे संगठित होकर संघर्ष करें और कथनी और करनी का भेद मिटाएं तभी अच्छा लेखन किया जा सकता है।
कार्यक्रम में जितेंद्र पांचाल ने कहा कि साहित्यकारों को मशाल वाहक बनने की जरूरत है। बहुत से लेखक जनता की बात न कहकर सरकार और पूंजीपतियों के दबाव में लिख रहे हैं। इस अवसर पर कौशल कुमार, डोरी लाल भास्कर, मंगल सिंह मंगल, इशाक अली सुंदर, धर्मपाल मित्रा, फकरे आलम, जीशान कुरैशी, जीपी सालोनिया, इरशाद चौहान आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संघ के सचिव मुनेश त्यागी ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। पूंजीपतियों के लिए ही काम किया जा रहा है। रामगोपाल भारतीय ने कहा कि संघर्षशीलता और असहमति वाले लेखन को अब आगे ले जाने की जरूरत है। उन्होंने लेखकों का आह्वान किया कि वे संगठित होकर संघर्ष करें और कथनी और करनी का भेद मिटाएं तभी अच्छा लेखन किया जा सकता है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में जितेंद्र पांचाल ने कहा कि साहित्यकारों को मशाल वाहक बनने की जरूरत है। बहुत से लेखक जनता की बात न कहकर सरकार और पूंजीपतियों के दबाव में लिख रहे हैं। इस अवसर पर कौशल कुमार, डोरी लाल भास्कर, मंगल सिंह मंगल, इशाक अली सुंदर, धर्मपाल मित्रा, फकरे आलम, जीशान कुरैशी, जीपी सालोनिया, इरशाद चौहान आदि रहे।
विज्ञापन