{"_id":"5cabb61fbdec2214367b8572","slug":"this-time-to-stop-the-forgery-in-filing-preparations-for-change-in-the-system","type":"story","status":"publish","title_hn":"दाखिलों में फर्जीवाड़ा रोकने को इस बार व्यवस्था में बदलाव की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दाखिलों में फर्जीवाड़ा रोकने को इस बार व्यवस्था में बदलाव की तैयारी
Tue, 09 Apr 2019 03:29 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Tue, 09 Apr 2019 03:29 AM IST
विज्ञापन
सीसीएसयू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीसीएसयू से संबद्घ कॉलेजों में नए सत्र के एडमिशन के लिए इस बार 10 मई से रजिस्ट्रेशन की तैयारी है। चुनाव के बाद इसको लेकर बैठक बुलाई जाएगी जिसमें प्रवेश प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा। यूपी बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड का रिजल्ट इस बार जल्दी आने के कारण यूनिवर्सिटी भी प्रवेश प्रक्रिया में देरी नहीं करना चाहती है। इसके अलावा दाखिलों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए भी इस बार पहले से ही व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। फॉर्म भरते वक्त रोल नंबर डालते ही छात्र-छात्राओं की पूरी जानकारी सामने होगी।
यूजी कोर्स बीए, बीएससी और बीकॉम एवं पीजी कोर्स एमए, एमएससी और एमकॉम में दाखिलों की प्रक्रिया 10 मई से शुरू कराई जा सकती है। इसको लेकर तेजी से काम कराया जा रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का टारगेट है कि बीए, बीएससी और बीकॉम फाइनल के रिजल्ट सबसे पहले जारी कर दिए जाएं ताकि पीजी में एडमिशन को कोई दिक्कत न आए। वहीं, इस बार यूनिवर्सिटी ने यह भी तय किया है कि बीए, बीएससी और बीकॉम में प्रथम वर्ष में जब छात्र-छात्राएं ऑनलाइन फॉर्म भरेंगे तो उनके अंक पत्र की पूरी जानकारी आ जाएगी। अभी तक ऐसा नहीं हो रहा है। जिसके कारण दाखिलों में फर्जीवाड़ा हो रहा है। फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर दाखिले लिए जा रहे हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी इस पर रोक लगाने के लिए इस बार पहले से ही इस व्यवस्था को फुलप्रूफ करने की तैयारी कर रही है।
इस वजह से बड़ी संख्या में हुए फर्जी दाखिले
पिछले सत्र में दाखिलों में फर्र्जीवाड़े के तमाम मामले सामने आए। मेरठ कॉलेज में 60 से ज्यादा एडमिशन ऐसे पकड़े गए जिनमें मार्कशीट का रोल नंबर तो सही था लेकिन फर्जी मार्कशीट बनवाकर उसमें नंबर बढ़वा दिए गए। ऐसी मार्कशीट लगाकर दाखिले लिए गए। कॉलेज ने जब बाद में ऑनलाइन वेरीफिकेशन किए तो पोर्टल पर अपलोड मार्कशीट और फॉर्र्म में भरी गई मार्कशीट में भारी अंतर मिला।
विज्ञापन
प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला का कहना है कि इस बार से ऐसी व्यवस्था बनवा रहे हैं कि फॉर्म भरते वक्त जब छात्र अपना रोल नंबर डालेंगे तो उसकी पूरी मार्कशीट सामने आ जाएगी। यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है ताकि किसी भी तरह से फर्जी दाखिले न हो सकें।
विज्ञापन
यूजी कोर्स बीए, बीएससी और बीकॉम एवं पीजी कोर्स एमए, एमएससी और एमकॉम में दाखिलों की प्रक्रिया 10 मई से शुरू कराई जा सकती है। इसको लेकर तेजी से काम कराया जा रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का टारगेट है कि बीए, बीएससी और बीकॉम फाइनल के रिजल्ट सबसे पहले जारी कर दिए जाएं ताकि पीजी में एडमिशन को कोई दिक्कत न आए। वहीं, इस बार यूनिवर्सिटी ने यह भी तय किया है कि बीए, बीएससी और बीकॉम में प्रथम वर्ष में जब छात्र-छात्राएं ऑनलाइन फॉर्म भरेंगे तो उनके अंक पत्र की पूरी जानकारी आ जाएगी। अभी तक ऐसा नहीं हो रहा है। जिसके कारण दाखिलों में फर्जीवाड़ा हो रहा है। फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर दाखिले लिए जा रहे हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी इस पर रोक लगाने के लिए इस बार पहले से ही इस व्यवस्था को फुलप्रूफ करने की तैयारी कर रही है।
विज्ञापन
इस वजह से बड़ी संख्या में हुए फर्जी दाखिले
पिछले सत्र में दाखिलों में फर्र्जीवाड़े के तमाम मामले सामने आए। मेरठ कॉलेज में 60 से ज्यादा एडमिशन ऐसे पकड़े गए जिनमें मार्कशीट का रोल नंबर तो सही था लेकिन फर्जी मार्कशीट बनवाकर उसमें नंबर बढ़वा दिए गए। ऐसी मार्कशीट लगाकर दाखिले लिए गए। कॉलेज ने जब बाद में ऑनलाइन वेरीफिकेशन किए तो पोर्टल पर अपलोड मार्कशीट और फॉर्र्म में भरी गई मार्कशीट में भारी अंतर मिला।
विज्ञापन
प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला का कहना है कि इस बार से ऐसी व्यवस्था बनवा रहे हैं कि फॉर्म भरते वक्त जब छात्र अपना रोल नंबर डालेंगे तो उसकी पूरी मार्कशीट सामने आ जाएगी। यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है ताकि किसी भी तरह से फर्जी दाखिले न हो सकें।