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हाईटेक पुलिस को चुनौती दे रहा था तीसरी पास सरगना
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मेरठ।
अंतर्राज्यीय गिरोह को कोई बदमाश दसवीं से ज्यादा नहीं पढ़ा है, इसके बाद भी सालों से हाईटेक पुलिस वालों को चुनौती दे रहे थे। इस गैंग का सरगना मैनपाल मात्र कक्षा तीन तक पढ़ा है। वह बुलंदशहर निवासी शातिर बदमाश अमित सहेल के साथ काम करता था। गैंगवार में अमित की हत्या के बाद मैनपाल ने गैंग की जिम्मेदारी संभाली। हलवाई का काम करते-करते उसने गिरोह का नेटवर्क बढ़ाया।
साइबर सेल द्वारा पकड़े गए अन्य बदमाशों में प्रमोद यादव दसवीं पास है और टैक्सी ड्राइवर है। आरोपी भूरा उर्फ नसरुद्दीन कक्षा छठवीं और कारपेंटर का काम करता है। आरोपी अरविंद त्यागी उर्फ अनुज आठवीं तक पढ़ा है और वाटर टैंक कंपनी मेें संभल में नौकरी करता है। वहीं सरगना हलवाई का काम करता था। आरोपी अतीत उर्फ बबलू उर्फ कन्टू आठवीं पास है और बस चालक है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह का सरगना मैनपाल है। अमित के साथ रहकर मैनपाल ने लूट और हत्या की कई वारदात की थीं। अमित के मौत के बाद मैनपाल ने हापुड़, बुलंदशहर, मथुरा, गाजियाबाद, मेरठ समेत कई जिलों में वारदात कीं।
गुरु का प्लान, चेले की वारदात
गाजियाबाद का प्रॉपर्टी डीलर सोमेंद्र चौधरी करीब 50 तोले के सोने के जेवरात पहनकर चलता है। यह जानकारी अमित सहेल को थी। अमित ने दो साल पहले गाजियाबाद में डकैती का प्लान बनाया था। वारदात करने से पहले गैंगवार में अमित मारा गया। उसके बाद मैनपाल ने इस वारदात को अंजाम दिया।
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टारगेट बनाकर करते थे घटना
साइबर सेल प्रभारी सुभाष अत्री ने बताया कि यह गिरोह टारगेट बनाकर वारदात करता है। गिरोह में 12-15 बदमाश शामिल हैं। सरगना मैनपाल समेत पांच आरोपियों को पकड़ा गया है। कई बदमाश अभी फरार हैं। आरोपियों की निशानदेही पर उनकी तलाश चल रही है। गिरोह के टारगेट पर व्यापारी, प्रॉपर्टी डीलर, कारोबारी और सरकारी विभाग से रिटायर्ड अधिकारी होते थे।
इन जिलों में आरोपियों पर केस
पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रमोद पर गढ़मुक्तेश्वर, बिलासपुर रामपुर, हल्द्वानी उत्तराखंड, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ में हत्या, लूट और डकैती के मुकदमे हैं। आरोपी भूरा पर दिल्ली, हापुड़, मेरठ में 16 मुकदमे हैं। अरविंद त्यागी पर मेरठ, गाजियाबाद में 10 मुकदमे दर्ज हैं। मैनपाल पर गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर में 13 मुकदमे हैं। अतीत पर दिल्ली, हापुड़, अमरोहा, हल्द्वानी और मेरठ में 12 मुकदमे दर्ज हैं।
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अंतर्राज्यीय गिरोह को कोई बदमाश दसवीं से ज्यादा नहीं पढ़ा है, इसके बाद भी सालों से हाईटेक पुलिस वालों को चुनौती दे रहे थे। इस गैंग का सरगना मैनपाल मात्र कक्षा तीन तक पढ़ा है। वह बुलंदशहर निवासी शातिर बदमाश अमित सहेल के साथ काम करता था। गैंगवार में अमित की हत्या के बाद मैनपाल ने गैंग की जिम्मेदारी संभाली। हलवाई का काम करते-करते उसने गिरोह का नेटवर्क बढ़ाया।
साइबर सेल द्वारा पकड़े गए अन्य बदमाशों में प्रमोद यादव दसवीं पास है और टैक्सी ड्राइवर है। आरोपी भूरा उर्फ नसरुद्दीन कक्षा छठवीं और कारपेंटर का काम करता है। आरोपी अरविंद त्यागी उर्फ अनुज आठवीं तक पढ़ा है और वाटर टैंक कंपनी मेें संभल में नौकरी करता है। वहीं सरगना हलवाई का काम करता था। आरोपी अतीत उर्फ बबलू उर्फ कन्टू आठवीं पास है और बस चालक है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह का सरगना मैनपाल है। अमित के साथ रहकर मैनपाल ने लूट और हत्या की कई वारदात की थीं। अमित के मौत के बाद मैनपाल ने हापुड़, बुलंदशहर, मथुरा, गाजियाबाद, मेरठ समेत कई जिलों में वारदात कीं।
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गुरु का प्लान, चेले की वारदात
गाजियाबाद का प्रॉपर्टी डीलर सोमेंद्र चौधरी करीब 50 तोले के सोने के जेवरात पहनकर चलता है। यह जानकारी अमित सहेल को थी। अमित ने दो साल पहले गाजियाबाद में डकैती का प्लान बनाया था। वारदात करने से पहले गैंगवार में अमित मारा गया। उसके बाद मैनपाल ने इस वारदात को अंजाम दिया।
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टारगेट बनाकर करते थे घटना
साइबर सेल प्रभारी सुभाष अत्री ने बताया कि यह गिरोह टारगेट बनाकर वारदात करता है। गिरोह में 12-15 बदमाश शामिल हैं। सरगना मैनपाल समेत पांच आरोपियों को पकड़ा गया है। कई बदमाश अभी फरार हैं। आरोपियों की निशानदेही पर उनकी तलाश चल रही है। गिरोह के टारगेट पर व्यापारी, प्रॉपर्टी डीलर, कारोबारी और सरकारी विभाग से रिटायर्ड अधिकारी होते थे।
इन जिलों में आरोपियों पर केस
पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रमोद पर गढ़मुक्तेश्वर, बिलासपुर रामपुर, हल्द्वानी उत्तराखंड, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ में हत्या, लूट और डकैती के मुकदमे हैं। आरोपी भूरा पर दिल्ली, हापुड़, मेरठ में 16 मुकदमे हैं। अरविंद त्यागी पर मेरठ, गाजियाबाद में 10 मुकदमे दर्ज हैं। मैनपाल पर गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर में 13 मुकदमे हैं। अतीत पर दिल्ली, हापुड़, अमरोहा, हल्द्वानी और मेरठ में 12 मुकदमे दर्ज हैं।