{"_id":"68f2b69794280c1e7a0ecd32","slug":"thieves-cut-signal-cable-in-the-yard-affecting-rail-traffic-for-6-hours-meerut-news-c-14-1-mrt1005-1004953-2025-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: चोरों ने यार्ड में काटा सिग्नल केबल, 6 घंटे प्रभावित रहा रेल यातायात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: चोरों ने यार्ड में काटा सिग्नल केबल, 6 घंटे प्रभावित रहा रेल यातायात
विज्ञापन
मेरठ। चोरों ने सिटी रेलवे स्टेशन यार्ड में बृहस्पतिवार को सिग्नल का केबल काट दिया। इससे रात 11:05 बजे से सुबह 5:30 बजे तक मेरठ-दिल्ली और हापुड़ रेल मार्ग यातायात करीब 6 घंटे के लिए प्रभावित हो गया। केबल कटने की गूंज दिल्ली रेल मंडल और मुरादाबाद मंडल कार्यालय तक पहुंच गई। रेलवे के कर्मचारी रातभर केबल लगाने के काम में जुटे रहे।
कई रेलगाड़ी सिटी स्टेशन पर तो आसपास ट्रैक पर खड़ी करनी पड़ी। छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेलवे अधिकारी-कर्मचारियों ने मिलकर सिग्नल केबल लगाकर यातायात चालू कराया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे चोरों ने मलियाना फाटक से सिटी स्टेशन की तरफ यार्ड के कमरे में लगे सिग्नल केबल को काट लिया। इससे मेरठ-दिल्ली और मेरठ-हापुड़ रेल मार्ग का कनेक्शन टूट गया। ट्रेनों को सिग्नल न मिसा तो मेरठ से दिल्ली और मुरादाबाद मंडल के रेलवे अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। मेरठ सिटी स्टेशन से एसएस सुनील जैन, एसएससी नरेंद्र कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर धर्मवीर समेत सभी अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इंजीनियरों ने जांच पड़ताल शुरू कर सिग्नल केबल जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की।
विज्ञापन
दूसरी तरफ दिल्ली और हापुड़ रेल मार्ग से आने वाली ट्रेनों को मैनुअल सिग्नल के माध्यम से संचालित करना शुरू कर दिया। यह प्रक्रिया शुक्रवार सुबह लगभग 5:30 बजे तक चली। इस दौरान इंदौर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस रात 12:55 बजे, कोटा से देहरादून जाने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस रात 1:04 बजे, अमृतसर से मुंबई जाने वाली गोल्डन टैंपल एक्सप्रेस 1:55 बजे, बांद्रा से हरिद्वार जाने वाली बांद्रा-हरिद्वार एक्सप्रेस सुबह 4:02 बजे समेत कई यात्री ट्रेन 15 से 20 मिनट तक प्रभावित रहीं। इसके अलावा दो मालगाड़ी दो से साढ़े चार घंटे तक प्रभावित रही। सुबह साढ़े पांच के बाद ट्रेनों का संचालन सुचारू हो सका।
-सिग्नल केबल कटने से यातायात प्रभावित हुआ था। इसके बाद कुछ रेलगाड़ी मैनुअल सिग्नल के माध्यम से निकाली गई। लोको पायलट को लिखित में चालान देकर रेल गाड़ियों को पास कराया गया।
सुनील जैन, सिटी स्टेशन अधीक्षक, मेरठ।
- सिग्नल ब्रेक होने से रेलगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ था। इसकी जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कहा जा सकेगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
धर्मवीर सिंह, इंस्पेक्टर, आरपीएफ।
-- -- -- -
विज्ञापन
कई रेलगाड़ी सिटी स्टेशन पर तो आसपास ट्रैक पर खड़ी करनी पड़ी। छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेलवे अधिकारी-कर्मचारियों ने मिलकर सिग्नल केबल लगाकर यातायात चालू कराया।
विज्ञापन
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे चोरों ने मलियाना फाटक से सिटी स्टेशन की तरफ यार्ड के कमरे में लगे सिग्नल केबल को काट लिया। इससे मेरठ-दिल्ली और मेरठ-हापुड़ रेल मार्ग का कनेक्शन टूट गया। ट्रेनों को सिग्नल न मिसा तो मेरठ से दिल्ली और मुरादाबाद मंडल के रेलवे अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। मेरठ सिटी स्टेशन से एसएस सुनील जैन, एसएससी नरेंद्र कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर धर्मवीर समेत सभी अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इंजीनियरों ने जांच पड़ताल शुरू कर सिग्नल केबल जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की।
विज्ञापन
दूसरी तरफ दिल्ली और हापुड़ रेल मार्ग से आने वाली ट्रेनों को मैनुअल सिग्नल के माध्यम से संचालित करना शुरू कर दिया। यह प्रक्रिया शुक्रवार सुबह लगभग 5:30 बजे तक चली। इस दौरान इंदौर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस रात 12:55 बजे, कोटा से देहरादून जाने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस रात 1:04 बजे, अमृतसर से मुंबई जाने वाली गोल्डन टैंपल एक्सप्रेस 1:55 बजे, बांद्रा से हरिद्वार जाने वाली बांद्रा-हरिद्वार एक्सप्रेस सुबह 4:02 बजे समेत कई यात्री ट्रेन 15 से 20 मिनट तक प्रभावित रहीं। इसके अलावा दो मालगाड़ी दो से साढ़े चार घंटे तक प्रभावित रही। सुबह साढ़े पांच के बाद ट्रेनों का संचालन सुचारू हो सका।
-सिग्नल केबल कटने से यातायात प्रभावित हुआ था। इसके बाद कुछ रेलगाड़ी मैनुअल सिग्नल के माध्यम से निकाली गई। लोको पायलट को लिखित में चालान देकर रेल गाड़ियों को पास कराया गया।
सुनील जैन, सिटी स्टेशन अधीक्षक, मेरठ।
- सिग्नल ब्रेक होने से रेलगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ था। इसकी जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कहा जा सकेगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
धर्मवीर सिंह, इंस्पेक्टर, आरपीएफ।