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हापुड़ रोड पर दस किलोमीटर में होंगे तीन इंटरचेंज
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मेरठ। शहर में विकास परियोजनाएं तेजी से आकार ले रही हैं। हाईवे चौड़े होने के साथ ही इन्हें जोड़ने के लिए लूप-वे तैयार होंगे। हापुड़ रोड पर सबसे ज्यादा विकास कार्य हो रहे हैं। यहां बिजौली से ही प्रयागराज तक जाने वाला 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे तैयार हो रहा है। मेरठ में 13 किलोमीटर के खंड पर 96 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा आउटर रिंग रोड और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण भी इसी मार्ग से शुरू होगा। ऐसे में करीब दस किलोमीटर के दायरे में ही तीन इंटरचेंज होंगे। इससे आने वाले समय में बिना शहर में प्रवेश किए लोग सीधे एक शहर से दूसरे शहर में जा सकेंगे।
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि आउटर रिंग रोड के तहत हापुड़ रोड पर फफूंडा के पास इंटरचेंज होना है। बिजौली में गंगा एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज बनकर तैयार हो गया है। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के तहत एक्सप्रेसवे पर जैनुद्दीनपुर और हापुड़ रोड पर शाकरपुर की ओर से काम किया जा रहा है। शाकरपुर में मेरठ-बुलंदशहर एनएच-235 को लिंक करने के लिए इंटरचेंज निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इस इंटरचेंज से मवाना, बिजनौर से आने वाले वाहन विश्वविद्यालय मार्ग, पीवीएस रोड से होते हुए हापुड़ रोड पर आकर एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगे। वहीं, हापुड़ व बुलंदशहर की ओर से आने वाले वाहन भी सीधे जा सकेंगे। गंगानगर, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, लोहियानगर और गढ़ रोड के लोगों के लिए भी एक्सप्रेसवे पहुंचना आसान हो जाएगा।
दरअसल, शहर के विकास के लिए मेडा की ओर से शासन को 18 हजार 435.86 करोड़ की 103 परियोजनाओं का प्रस्ताव भेजा गया है। पिछले महीने एनएच-58 स्थित एक रिसॉर्ट में हुई हैकेथॉन-2.0 में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों की उपस्थित में चर्चा के बाद प्रस्ताव बना। इसके तहत शहर में सबसे ज्यादा जोर सड़कों के विकास और यातायात प्रबंधन को बेहतर करने के लिए है। रैपिड और मेट्रो की दस्तक मेरठ में हो चुकी है। मेरठ साउथ स्टेशन से मोदीपुरम तक ट्रायल रन शुरू हो चुका है। आने वाले समय में यहां लोगों का आवागमन बढ़ेगा। ऐसे में समय रहते पार्किंग और जाम की समस्या को दूर किया जा सकेगा।
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मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि आउटर रिंग रोड के तहत हापुड़ रोड पर फफूंडा के पास इंटरचेंज होना है। बिजौली में गंगा एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज बनकर तैयार हो गया है। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के तहत एक्सप्रेसवे पर जैनुद्दीनपुर और हापुड़ रोड पर शाकरपुर की ओर से काम किया जा रहा है। शाकरपुर में मेरठ-बुलंदशहर एनएच-235 को लिंक करने के लिए इंटरचेंज निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इस इंटरचेंज से मवाना, बिजनौर से आने वाले वाहन विश्वविद्यालय मार्ग, पीवीएस रोड से होते हुए हापुड़ रोड पर आकर एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगे। वहीं, हापुड़ व बुलंदशहर की ओर से आने वाले वाहन भी सीधे जा सकेंगे। गंगानगर, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, लोहियानगर और गढ़ रोड के लोगों के लिए भी एक्सप्रेसवे पहुंचना आसान हो जाएगा।
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दरअसल, शहर के विकास के लिए मेडा की ओर से शासन को 18 हजार 435.86 करोड़ की 103 परियोजनाओं का प्रस्ताव भेजा गया है। पिछले महीने एनएच-58 स्थित एक रिसॉर्ट में हुई हैकेथॉन-2.0 में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों की उपस्थित में चर्चा के बाद प्रस्ताव बना। इसके तहत शहर में सबसे ज्यादा जोर सड़कों के विकास और यातायात प्रबंधन को बेहतर करने के लिए है। रैपिड और मेट्रो की दस्तक मेरठ में हो चुकी है। मेरठ साउथ स्टेशन से मोदीपुरम तक ट्रायल रन शुरू हो चुका है। आने वाले समय में यहां लोगों का आवागमन बढ़ेगा। ऐसे में समय रहते पार्किंग और जाम की समस्या को दूर किया जा सकेगा।
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