फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   There was no talk on development, 20 lakh people disappointed

विकास पर नहीं हुई बात, 20 लाख की जनता निराश

Wed, 28 Aug 2019 02:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2019 02:27 AM IST
विज्ञापन
There was no talk on development, 20 lakh people disappointed
विकास पर नहीं हुई बात, 20 लाख की जनता निराश
विज्ञापन

मेरठ। महानगर की 20 लाख की जनता के अरमानों पर फिर पानी फिर गया। सदन में न स्वच्छता पर चर्चा हो पाई और न पथ प्रकाश, विकास पर। यह बखेड़ा मेरठ नगर निगम बोर्ड की पहचान बन गया है। मंगलवार को भी हालात जुदा नहीं थे। कभी सदन के अंदर तो कभी बाहर निगम कर्मचारी जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। हालात ये हैं कि डेढ़ साल के कार्यकाल में मेयर सुनीता वर्मा के पास गिनाने के लिए जनहित का कोई काम नहीं है।
सुबह 11 बजे मेयर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और नगरायुक्त अरविंद कुमार चौरसिया के संचालन के टाउन हॉल परिसर स्थित तिलक भवन में बोर्ड बैठक शुरू हुई। जनवरी 2019 में हुई बोर्ड बैठक के प्रस्तावों की पुष्टि शुरू हुई। सबसे पहले पार्षद विपिन जिंदल ने नियमानुसार कार्यकारिणी और बोर्ड बैठक न किए जाने पर सवाल किया। मेयर ने इसका ठीकरा अधिकारियों के सिर फोड़ा। धर्मवीर और राजेश रुहेला ने मिनिट्स को ही फर्जी बता दिया। ललित नागदेव ने सदन और कार्यकारिणी के अधिकार जाने। कार्यकारिणी के अस्तित्व पर सवाल किया। महापौर ने कार्यकारिणी के अस्तित्व में होने की बात कही। पार्षदों की आपत्ति पर गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए आईएल एंड एफएस को निगम की भूमि किराए पर देने के प्रस्ताव को बोर्ड ने खारिज कर दिया।
विज्ञापन

वार्ड तीन की महिलाओं ने किया पथराव
गंदगी, गंदा पानी, खराब पथ प्रकाश और टूटी गलियों की समस्या लेकर टाउन हॉल पहुंचीं वार्ड की महिलाओं ने नगर निगम और पार्षद राजकुमार के खिलाफ नारेबाजी कर दी। वहीं गेट न खोलने पर तिलक भवन पर पथराव कर दिया। महिलाएं हंगामा करती हुईं सदन में घुस गईं। महापौर और नगरायुक्त की डायस पर चढ़ गईं। पुलिस ने महिलाओं को सदन से बाहर निकाला। इसी दौरान पार्षदों ने स्वास्थ्य लिपिक राजेश और हरबीर पर महिलाओं को सदन में लाने का आरोप लगाया। सदन में जमकर धक्का मुक्की हुई और पार्षदों ने लिपिक हरबीर और राजेश के निलंबन की मांग कर दी। महापौर ने नगरायुक्त को बोर्ड के निर्णय के अनुसार लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके विरोध में नगर निगम कर्मचारी नेता लोकेश शर्मा और राजू धवन ने बुधवार से आंदोलन की चेतावनी दी है। हंगामे के कारण महापौर, नगरायुक्त सहित सभी अधिकारियों को तीन बार सदन से बाहर जाना पड़ा। कई बार पार्षद वैल में बैठे।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर आयुक्त को दी ट्रांसफर की चेतावनी
पार्षद विपिन जिंदल, अनुज वशिष्ठ, महेन्द्र भारती, पवन चौधरी, राजकुमार, राजेश रुहेला, कासिम, संजय सिंह, मनमोहन जौहरी, नीरज सिंह, विक्रांत ढाका, संदीप रेवड़ी, दिलशाद शौकत, अंशुल गुप्ता, रंजन शर्मा सहित सभी पार्षदों ने नगरायुक्त को चेतावनी दी कि अगर वे कर्मचारियों की एकता से प्रभावित हैं तो पार्षद जनता को साथ लेकर शक्ति प्रदर्शन के लिए भी तैयार हैं। पार्षदों को अनदेखा करके कुर्सी पर नहीं बैठ पाओगे।
पूरा सदन शर्मसार हुआ
- अधिकारी ही नहीं चाहते कि बोर्ड बैठक चले। नगरायुक्त को बैठक के दौरान निर्णय लेना चाहिए था। लिपिक हरबीर और राजेश को अपने साथियों के साथ सदन में घुसकर अशोभनीय कृत्य करने का कोई अधिकार नहीं है। इससे पूरा सदन शर्मसार हुआ है। हर बार इसी प्रकार हंगामा करके ही बोर्ड बैठक समाप्त हो जाती है। जनता के हित में कोई काम नहीं हो रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री को भेज दी है। ताकि शहर के विकास में बाधा बने कुछ अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।

- सुनीता वर्मा, महापौर।
नगरायुक्त नहीं ले पा रहे निर्णय
- नगरायुक्त ने आगामी बोर्ड बैठक से पहले पार्षदों की मांग के अनुसार लिपिक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो महापौर के माध्यम से सभी पार्षद अपने पत्र शासन को भिजवाएंगे। नगरायुक्त शहर के विकास में कोई निर्णय नहीं ले पा रहे हैं।
- विपिन जिंदल, पार्षद भाजपा दल नेता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed