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Meerut News: चिड़ियाघर में जगह नहीं, नर्सरी में गुलदार
Tue, 10 Sep 2024 03:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 10 Sep 2024 03:51 AM IST
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बिजनौर। गुलदार वन विभाग के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है। उन्हें न पकड़ा जाए तो जनता के आंदोलन करती है और पकड़े जाएं तो उन्हें छोड़ने के लिए जगह तलाशना मुसीबत बन गया है। पिछले तीन दिन में दो गुलदार पकड़े गए हैं, उन्हें कहां भेजा जाए, इस आदेश के इंतजार में उन्हें पौधों की नर्सरी में रखा गया है।
प्रदेश के सभी चिड़ियाघर में बिजनौर से 35 से ज्यादा गुलदार भेजे जा चुके हैं। जबकि 30 से ज्यादा गुलदारों को शिवालिक के जंगलों में छोड़ा जा चुका है। प्रदेश के इटावा लाॅयन सफारी, गोरखपुर चिड़ियाघर, कानपुर चिड़ियाघर, लखनऊ चिड़ियाघर तक बिजनौर से गुलदार भेजे जा चुके हैं। ऐसे में वहां इनकी संख्या काफी बढ़ चुकी है। ऐसे में कोई चिड़ियाघर आसानी से गुलदार को अपने यहां लेने को तैयार नहीं है।
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सात सितंबर को जिले में वन विभाग ने एक गुलदार पकड़ा था। उसे नूरपुर रोड स्थित वन विभाग की नर्सरी में रखवा दिया। सोमवार को फिर एक गुलदार पकड़ा। अब दोनों गुलदार नर्सरी में पिंजरों में कैद हैं।
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- 20 किलो से ज्यादा चिकन से हुई गुलदार की खातिरदारी
वन विभाग ने जो गुलदार नर्सरी में रखे हैं, उन्हें रखने में वन विभाग भी परेशान नजर आ रहा है। सात सितंबर को पकड़े गए गुलदार को नाश्ते और डिनर में चिकन दिया जा रहा है। ऐसे में अब तक वन विभाग गुलदार के लिए 20 किलो से ज्यादा चिकन मंगा चुका है।
- लोग दीवार फांदकर गुलदार देखने पहुंचे
सोमवार को शहर के लोगों को गुलदार के नर्सरी में रखे होने की सूचना मिली तो देखने वालों की भीड़ बढ़ गई। गुलदार हिंसक न हो जाए, इसलिए वन विभाग ने लोगों को आने से रोक दिया। ऐसे में कुछ युवक नर्सरी की दीवार फांदकर अंदर घुस गए और पिंजरों के पास जा पहुंचे। रेंजर महेश गौतम ने बताया कि लोगों को वहां आने से रोकना मुश्किल हो रहा है।
- शासन से गुलदार के संबंध में निर्देश मांगे गए हैं। निर्देश मिलने के बाद या तो गुलदार को शिवालिक के रिजर्व फॉरेस्ट में छोड़ा जाएगा या फिर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। - ज्ञान सिंह, डीएफओ बिजनौर
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प्रदेश के सभी चिड़ियाघर में बिजनौर से 35 से ज्यादा गुलदार भेजे जा चुके हैं। जबकि 30 से ज्यादा गुलदारों को शिवालिक के जंगलों में छोड़ा जा चुका है। प्रदेश के इटावा लाॅयन सफारी, गोरखपुर चिड़ियाघर, कानपुर चिड़ियाघर, लखनऊ चिड़ियाघर तक बिजनौर से गुलदार भेजे जा चुके हैं। ऐसे में वहां इनकी संख्या काफी बढ़ चुकी है। ऐसे में कोई चिड़ियाघर आसानी से गुलदार को अपने यहां लेने को तैयार नहीं है।
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इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सात सितंबर को जिले में वन विभाग ने एक गुलदार पकड़ा था। उसे नूरपुर रोड स्थित वन विभाग की नर्सरी में रखवा दिया। सोमवार को फिर एक गुलदार पकड़ा। अब दोनों गुलदार नर्सरी में पिंजरों में कैद हैं।
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- 20 किलो से ज्यादा चिकन से हुई गुलदार की खातिरदारी
वन विभाग ने जो गुलदार नर्सरी में रखे हैं, उन्हें रखने में वन विभाग भी परेशान नजर आ रहा है। सात सितंबर को पकड़े गए गुलदार को नाश्ते और डिनर में चिकन दिया जा रहा है। ऐसे में अब तक वन विभाग गुलदार के लिए 20 किलो से ज्यादा चिकन मंगा चुका है।
- लोग दीवार फांदकर गुलदार देखने पहुंचे
सोमवार को शहर के लोगों को गुलदार के नर्सरी में रखे होने की सूचना मिली तो देखने वालों की भीड़ बढ़ गई। गुलदार हिंसक न हो जाए, इसलिए वन विभाग ने लोगों को आने से रोक दिया। ऐसे में कुछ युवक नर्सरी की दीवार फांदकर अंदर घुस गए और पिंजरों के पास जा पहुंचे। रेंजर महेश गौतम ने बताया कि लोगों को वहां आने से रोकना मुश्किल हो रहा है।
- शासन से गुलदार के संबंध में निर्देश मांगे गए हैं। निर्देश मिलने के बाद या तो गुलदार को शिवालिक के रिजर्व फॉरेस्ट में छोड़ा जाएगा या फिर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। - ज्ञान सिंह, डीएफओ बिजनौर