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Meerut News: फार्म फैमिली मॉडल विकसित करने की है आवश्यकता
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान में बृहस्पतिवार को ब्राजील के कृषि मंत्री लुइज पाऊलो टेक्जीरा फेरीरा ने प्रतिनिधिमंडल के साथ विभिन्न शोधों का निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान में चल रही नई तकनीकों और प्राकृतिक खेती के प्रयासों की जानकारी ली। निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने मंत्री से प्राकृतिक खेती पर चर्चा की।
डॉ. कुमार ने बताया कि देश में काफी किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एन रविशंकर ने प्राकृतिक आगतों के उत्पादन व उपयोगिता समझाई। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. चंद्रभानु ने आगतों के उत्पादन का प्रदर्शन किया। उन्होंने लघु व सीमांत किसानों के लिए नेचुरल फॉर्म मॉडल भी दिखाया। डॉ. एके नायक ने कहा कि देश में 86 फीसदी से अधिक किसान छोटे अथवा सीमांत श्रेणी में आते हैं। इनकी जोत का आकार एक हेक्टेयर से भी कम है। उन्होंने कहा, ऐसे में फार्म फैमिली मॉडल विकसित करना आवश्यक है। यह मॉडल किसान परिवार को अपने प्रक्षेत्र के संसाधनों से कृषि प्रबंधन करके अच्छी आमदनी कमाने में मदद करेगा। इससे उनकी खाद्य, पोषण और आजीविका सुनिश्चित होगी। डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि यह मॉडल कृषि खर्च घटाने, आजीविका सुरक्षित करने और पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा देता है। प्राकृतिक खेती इस मॉडल का एक अच्छा विकल्प है जो प्रकृति आधारित समाधानों से कृषि को पुनर्योजी बनाता है। इस दौरान डॉ. आरपी मिश्र, डॉ. राघवेंद्र सिंह, डॉ. टीपी स्वर्णम, डॉ. पीसी जाट, डॉ एके प्रुष्टि, डॉ. अमृत लाल मीणा, डॉ. रघुवीर सिंह, डॉ. कमलेश कुमार, डॉ. राघवेंद्र केजे आदि मौजूद रहे।
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मोदीपुरम। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान में बृहस्पतिवार को ब्राजील के कृषि मंत्री लुइज पाऊलो टेक्जीरा फेरीरा ने प्रतिनिधिमंडल के साथ विभिन्न शोधों का निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान में चल रही नई तकनीकों और प्राकृतिक खेती के प्रयासों की जानकारी ली। निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने मंत्री से प्राकृतिक खेती पर चर्चा की।
डॉ. कुमार ने बताया कि देश में काफी किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एन रविशंकर ने प्राकृतिक आगतों के उत्पादन व उपयोगिता समझाई। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. चंद्रभानु ने आगतों के उत्पादन का प्रदर्शन किया। उन्होंने लघु व सीमांत किसानों के लिए नेचुरल फॉर्म मॉडल भी दिखाया। डॉ. एके नायक ने कहा कि देश में 86 फीसदी से अधिक किसान छोटे अथवा सीमांत श्रेणी में आते हैं। इनकी जोत का आकार एक हेक्टेयर से भी कम है। उन्होंने कहा, ऐसे में फार्म फैमिली मॉडल विकसित करना आवश्यक है। यह मॉडल किसान परिवार को अपने प्रक्षेत्र के संसाधनों से कृषि प्रबंधन करके अच्छी आमदनी कमाने में मदद करेगा। इससे उनकी खाद्य, पोषण और आजीविका सुनिश्चित होगी। डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि यह मॉडल कृषि खर्च घटाने, आजीविका सुरक्षित करने और पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा देता है। प्राकृतिक खेती इस मॉडल का एक अच्छा विकल्प है जो प्रकृति आधारित समाधानों से कृषि को पुनर्योजी बनाता है। इस दौरान डॉ. आरपी मिश्र, डॉ. राघवेंद्र सिंह, डॉ. टीपी स्वर्णम, डॉ. पीसी जाट, डॉ एके प्रुष्टि, डॉ. अमृत लाल मीणा, डॉ. रघुवीर सिंह, डॉ. कमलेश कुमार, डॉ. राघवेंद्र केजे आदि मौजूद रहे।
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