रोहटा(मेरठ)। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगाई गई बीएलओ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं कार्य करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। बीएलओ का आरोप है कि सरकार ने न तो पिछले मतदाता सूची के कार्य का भुगतान आज तक किया है और ना ही उनके पास फोन हैं, जो वे ऑनलाइन वोट बनाने का काम कर सकें। इसमें उन्होंने हाथ खड़े करते हुए असमर्थता जता दी। हालांकि एडीओ पंचायत ने समझा-बुझाकर बीएलओ को शांत किया और उन्हें एक दिवसीय प्रशिक्षण देकर कार्य शुरू करने के लिए निर्देश दिए।
गौरतलब है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। इसके लिए निर्वाचन आयोग की तरफ से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व शिक्षामित्रों को बीएलओ बनाया गया है। कार्य शुरू करने से पहले बुधवार को ब्लॉक सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था। जिसमें पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों यानी बीएलओ ने आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया कि सरकार ने उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में नगर निकाय चुनाव के मतदाता सूची पुनरीक्षण के कार्य का भुगतान आज तक नहीं किया है। जो अटका हुआ पड़ा है और उसे पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा कर बैठ चुकी हैं। वहीं, उन्होंने एंड्रॉयड फोन होने पर असमर्थता जताते हुए ऑनलाइन मतदाता सूची पुनरीक्षण काम करने से हाथ खड़े कर दिए। बीएलओ का कहना था कि सरकार ने उन्हें एंड्रॉयड फोन या इंटरनेट के खर्च के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं दे रखा है, इसलिए मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य नहीं कर पाएंगी। इसे लेकर वहां काफ़ी हंगामा खड़ा हो गया, हालांकि बाद में प्रशिक्षण कार्य दे रहे एडीओ पंचायत विवेकानंद ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को काफी समझाया तथा एक दिवसीय प्रशिक्षण देकर उन्हें कार्य करने के निर्देश दिए। लेकिन इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने फिर भी कार्य करने में असमर्थता जताई है। प्रशिक्षण देने वालों में एडीओ पंचायत विवेकानंद, बाबूराम आर्य, मनोज शर्मा, अतुल कुमार, जितेंद्र सिंह, मनीष तोमर, नरेश तोमर आदि रहे। प्रशिक्षण में बीएलओ मुन्नी देवी, सरिता, मीनाक्षी, मीनू शर्मा, लाजवंती, सुमन, मुनेश, संगीता व सुधा आदि शामिल रहे।

रोहटा ब्लॉक के सभागार में मतदाता सूची प्रशिक्षण में मौजूद बीएलओ।- फोटो : SARDANA