{"_id":"675b4dc5060b63be66018044","slug":"theft-of-thousands-of-rupees-from-a-medical-store-a-hundred-meters-away-from-the-police-post-meerut-news-c-72-1-mct1002-125930-2024-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: पुलिस चौकी से सौ मीटर दूर मेडिकल स्टोर से हजारों की चोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: पुलिस चौकी से सौ मीटर दूर मेडिकल स्टोर से हजारों की चोरी
विज्ञापन
अलीगंज (बरेली)। रोहतापुर गांव में किराना दुकानदार सत्यपाल की हत्या करने वाले आरोपी गांव में आतंक मचाए रहते हैं। सत्यपाल के परिवार से भी उनकी पुरानी दुश्मनी है वहीं दुकान से उधार में सामान ले जाकर कभी हिसाब नहीं करते थे। इसी वजह से सत्यपाल ने मना किया तो उसे जान से हाथ धोना पड़ा।
सत्यपाल के भाई दिनेश ने बताया कि गांव निवासी बृजपाल से कई साल पहले उनके पिता परमेश्वरी का झगड़ा हुआ था। एक दिन जब उनके पिता खेतों की तरफ जा रहे थे तो बृजपाल ने मौका पाकर उन्हें घेर लिया। उसने उन्हें पीटकर उनकी टांग तोड़ दी थी।
दिनेश ने बताया कि उन लोगों ने पिता का काफी इलाज कराया पर वह ठीक नहीं हो सके और कुछ महीने बाद उनकी मौत हो गई। उस मामले में भी मुकदमा न्यायालय में चल रहा है। यह लोग दबंग किस्म के हैं।
विज्ञापन
मुकदमा में फैसला करने का दबाव बनाते थे। जब फैसला करने से मना करते थे तो अंजाम भुगतने की धमकी देते थे। कई बार ये लोग सत्यपाल से जबरन उधार सामान ले जा चुके हैं। जब इनसे रुपये मांगे जाते थे तो यह लोग झगड़े पर उतारू हो जाते थे। संवाद
विज्ञापन
सत्यपाल के भाई दिनेश ने बताया कि गांव निवासी बृजपाल से कई साल पहले उनके पिता परमेश्वरी का झगड़ा हुआ था। एक दिन जब उनके पिता खेतों की तरफ जा रहे थे तो बृजपाल ने मौका पाकर उन्हें घेर लिया। उसने उन्हें पीटकर उनकी टांग तोड़ दी थी।
विज्ञापन
दिनेश ने बताया कि उन लोगों ने पिता का काफी इलाज कराया पर वह ठीक नहीं हो सके और कुछ महीने बाद उनकी मौत हो गई। उस मामले में भी मुकदमा न्यायालय में चल रहा है। यह लोग दबंग किस्म के हैं।
विज्ञापन
मुकदमा में फैसला करने का दबाव बनाते थे। जब फैसला करने से मना करते थे तो अंजाम भुगतने की धमकी देते थे। कई बार ये लोग सत्यपाल से जबरन उधार सामान ले जा चुके हैं। जब इनसे रुपये मांगे जाते थे तो यह लोग झगड़े पर उतारू हो जाते थे। संवाद