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सरकारी जमीन खाली कराने गई टीम ग्रामीणों ने लौटाई
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सरकारी जमीन खाली कराने गई टीम ग्रामीणों ने लौटाई
हस्तिनापुर। बृहस्पतिवार को क्षेत्र के गांव जलालपुर जोरा के जंगल में सरकारी जमीन खाली कराने पहुंची वन और राजस्व विभाग की टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया और जमीन खाली करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद टीम लौट गई।
गांव जलालपुर जोरा के जंगल में ग्राम समाज की लगभग 27 हेक्टेयर भूमि है, जिस पर वृक्षारोपण होना है। शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल थाना पुलिस के साथ जलालपुर जोरा के जंगल में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को जमीन खाली करने के निर्देश दिए, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि मिर्जापुर में लगभग दो हजार बीघा सरकारी भूमि पर दो महीने पूर्व वन विभाग द्वारा कब्जा लेने के बावजूद किसानों ने फिर से कब्जा कर लिया है। पहले मिर्जापुर की सरकारी भूमि पर से कब्जा हटाया जाए, उसके बाद जलालपुर जोरा के ग्रामीण सरकारी भूमि को अपने आप खाली कर देंगे। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए वन और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी। अधिकारियों के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी बिना कार्रवाई लौट गए। टीम में क्षेत्रीय रेंजर हस्तिनापुर नवरत्न सिंह परीक्षितगढ़, जगन्नाथ कश्यप व अन्य शामिल रहे।
मिर्जापुर में शासन के निर्देश पर लिया था कब्जा
परीक्षितगढ़ क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर सरकारी भूमि पर दबंग किसानों का कब्जा है। शासन के निर्देश पर इस बड़े भूभाग पर वृक्षारोपण करने के लिए यह भूमि वन विभाग को स्थानांतरित की गई थी। जिसके बाद वन विभाग ने मिर्जापुर की भूमि पर कब्जा ले लिया था। मेडबंदी भी हो गई थी। लेकिन कुछ ही दिनों में किसानों ने इस जमीन पर फिर से कब्जा कर लिया।
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शासन को लिखा जाएगा पत्र
हस्तिनापुर के क्षेत्रीय रेंजर नवरत्न सिंह ने बताया कि मिर्जापुर में सरकारी जमीन पर कब्जा और जलालपुर में किसानों को सरकारी भूमि खाली ना करने पर शासन को पत्र लिखा जाएगा। जल्द ही सरकारी भूमि खाली कराकर वृक्षारोपण कराया जाएगा।
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हस्तिनापुर। बृहस्पतिवार को क्षेत्र के गांव जलालपुर जोरा के जंगल में सरकारी जमीन खाली कराने पहुंची वन और राजस्व विभाग की टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया और जमीन खाली करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद टीम लौट गई।
गांव जलालपुर जोरा के जंगल में ग्राम समाज की लगभग 27 हेक्टेयर भूमि है, जिस पर वृक्षारोपण होना है। शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल थाना पुलिस के साथ जलालपुर जोरा के जंगल में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को जमीन खाली करने के निर्देश दिए, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि मिर्जापुर में लगभग दो हजार बीघा सरकारी भूमि पर दो महीने पूर्व वन विभाग द्वारा कब्जा लेने के बावजूद किसानों ने फिर से कब्जा कर लिया है। पहले मिर्जापुर की सरकारी भूमि पर से कब्जा हटाया जाए, उसके बाद जलालपुर जोरा के ग्रामीण सरकारी भूमि को अपने आप खाली कर देंगे। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए वन और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी। अधिकारियों के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी बिना कार्रवाई लौट गए। टीम में क्षेत्रीय रेंजर हस्तिनापुर नवरत्न सिंह परीक्षितगढ़, जगन्नाथ कश्यप व अन्य शामिल रहे।
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मिर्जापुर में शासन के निर्देश पर लिया था कब्जा
परीक्षितगढ़ क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर सरकारी भूमि पर दबंग किसानों का कब्जा है। शासन के निर्देश पर इस बड़े भूभाग पर वृक्षारोपण करने के लिए यह भूमि वन विभाग को स्थानांतरित की गई थी। जिसके बाद वन विभाग ने मिर्जापुर की भूमि पर कब्जा ले लिया था। मेडबंदी भी हो गई थी। लेकिन कुछ ही दिनों में किसानों ने इस जमीन पर फिर से कब्जा कर लिया।
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शासन को लिखा जाएगा पत्र
हस्तिनापुर के क्षेत्रीय रेंजर नवरत्न सिंह ने बताया कि मिर्जापुर में सरकारी जमीन पर कब्जा और जलालपुर में किसानों को सरकारी भूमि खाली ना करने पर शासन को पत्र लिखा जाएगा। जल्द ही सरकारी भूमि खाली कराकर वृक्षारोपण कराया जाएगा।