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तीन मासूमों की मौत का मामला : नौ लोगों के फिंगर प्रिंट्स और डिजिटल साक्ष्य फोरेंसिक लैब भेजे

Sun, 31 Aug 2025 02:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Aug 2025 02:45 AM IST
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The uncle of a young man who was on bail in a fight case was murdered by pelting bricks.
मेरठ। कस्बा सिवाल खास में तीन मासूम बच्चों शिवांश (8), ऋतिक (8) और मानवी (7) की हत्या का मामला अभी तक सुलझा नहीं है। जानी पुलिस ने नौ संदिग्ध लोगों के फिंगर प्रिंट और वारदात से संबंधित डिजिटल साक्ष्य जांच के लिए फॉरेंसिक लैब निवाड़ी गाजियाबाद भेजे हैं। इससे पहले पुलिस 14 संदिग्ध लोगों के रक्त के नमूने लेकर डीएनए जांच के लिए भी भेज चुकी है।
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एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि फॉरेंसिक लैब में भेजे गए साक्ष्यों की जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस लगातार अपनी जांच कर रही है। संदिग्ध और प्रकाश में आने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल और बच्चों के कपड़ों और अन्य स्थानों से फॉरेंसिक टीम ने विभिन्न नमूने एकत्र किए थे, उसमें फिंगरप्रिंट भी लिए गए थे। फिंगरप्रिंट्स के मिलान के लिए जांच के दौरान नौ ऐसे लोग प्रकाश में आए जो संदिग्ध हैं, उनके फिंगरप्रिंट्स के नमूने लिए गए हैं जिन्हें फॉरेंसिक लैब निवाड़ी गाजियाबाद में भेजा गया है। इससे पहले 14 लोगों के डीएनए जांच के लिए नमूने लैब भेजे गए थे। डीएनए जांच के बाद फिंगर प्रिंट्स की जांच रिपोर्ट इस केस के खुलासे में अहम साबित होगी।
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जानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा कस्बा सिवालखास के वार्ड-1 निवासी जितेंद्र, उसके भाई मोनू और पड़ोसी हिम्मत के घर आसपास हैं। बीते 3 अगस्त की सुबह दस बजे जितेंद्र की सात वर्षीय पुत्री मानवी, मोनू का आठ वर्षीय पुत्र शिवांश और हिम्मत का आठ वर्षीय पुत्र ऋतिक घर के बाहर खेल रहे थे। तभी वे लापता हो गए थे। अगले दिन 4 अगस्त की सुबह गांव में ही बच्चों के घर के पास ही एक निर्माणाधीन कॉलोनी के खाली पड़े प्लाट में भरे पानी से तीनों बच्चों के शव बरामद हुए थे।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों की मौत का कारण पानी में डूबना आया था। साथ ही बच्ची मानवी की डूबने के साथ गर्दन की हड्डी टूटने की बात भी आई थी। इसी वजह से एडीजी भानु भास्कर ने खुद इस घटना का संज्ञान लिया।

5 अगस्त को एडीजी ने डीआईजी कलानिधि नैथानी, एसएसपी डॉ विपिन ताडा के साथ सिवालखास पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। तीनों पीड़ित परिवारों से मिलकर घटना की जानकारी ली थी। उन्होंने बच्चों के परिजनों का आश्वासन दिया था कि घटना का सही खुलासा होगा। एडीजी के निर्देश पर एसपी देहात, एसपी सिटी और एसपी क्राइम तीनों संयुक्त रूप से इस वारदात के खुलासे में लगे हैं।
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