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Meerut News: जिला पंचायत बोर्ड का कार्यकाल 12 जुलाई को हो जाएगा पूरा
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- 10 या 13 जुलाई को आ सकता है सरकार का निर्णय
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जिला पंचायत बोर्ड के कार्यकाल को 12 जुलाई को पांच साल पूरे हो रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक होंगे या फिर जिलाधिकारी, यह तो अभी तय नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि अगर सरकार ने डीएम को प्रशासक बनाया गया तो अध्यक्षों का हस्तक्षेप खत्म हो जाएगा। बोर्ड का अधिकार भी प्रशासक के अधीन होगा।
यूपी में अप्रैल 2021 में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव हुए थे। 12 जुलाई को मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी और सदस्यों ने शपथ ली थी। शपथ ग्रहण की तिथि के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष और बोर्ड का पांच साल का कार्यकाल अब पांच दिन बाद 12 जुलाई को ही खत्म हो रहा है। हालांकि इससे पहले ही सरकार को जिला पंचायत में प्रशासक नियुक्त करने अथवा कोई अन्य निर्णय लेना है। 11 जुलाई को शनिवार और 12 जुलाई को रविवार अवकाश होने के कारण उप्र सरकार प्रशासक बैठाने के संबंध में 10 जुलाई या इससे पहले भी निर्णय ले सकती है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत बोर्ड के कार्यकाल और प्रशासकों की तैनाती को लेकर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। जिला पंचायत बोर्ड के कार्यकाल को लेकर शहर से लेकर देहात तक राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गरमाई हुई हैं। बता दें कि पूर्व में ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने से हाईकोर्ट नाराज है। इस मामले में हाईकोर्ट ने 25 जून के आदेश में कहा है कि असंविधानिक हो चुके नियमों के तहत ग्राम प्रधान प्रशासक की भूमिका नहीं निभा सकते। न्यायालय ने 13 जुलाई तक सरकार को पंचायत चुनाव की रूपरेखा पेश करने के आदेश दिए हुए हैं। इस मामले में डीएम डाॅ़ वीके सिंह का कहना है कि शासन के निर्देशों के अनुरूप ही कदम उठाया जाएगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जिला पंचायत बोर्ड के कार्यकाल को 12 जुलाई को पांच साल पूरे हो रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक होंगे या फिर जिलाधिकारी, यह तो अभी तय नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि अगर सरकार ने डीएम को प्रशासक बनाया गया तो अध्यक्षों का हस्तक्षेप खत्म हो जाएगा। बोर्ड का अधिकार भी प्रशासक के अधीन होगा।
यूपी में अप्रैल 2021 में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव हुए थे। 12 जुलाई को मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी और सदस्यों ने शपथ ली थी। शपथ ग्रहण की तिथि के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष और बोर्ड का पांच साल का कार्यकाल अब पांच दिन बाद 12 जुलाई को ही खत्म हो रहा है। हालांकि इससे पहले ही सरकार को जिला पंचायत में प्रशासक नियुक्त करने अथवा कोई अन्य निर्णय लेना है। 11 जुलाई को शनिवार और 12 जुलाई को रविवार अवकाश होने के कारण उप्र सरकार प्रशासक बैठाने के संबंध में 10 जुलाई या इससे पहले भी निर्णय ले सकती है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत बोर्ड के कार्यकाल और प्रशासकों की तैनाती को लेकर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। जिला पंचायत बोर्ड के कार्यकाल को लेकर शहर से लेकर देहात तक राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गरमाई हुई हैं। बता दें कि पूर्व में ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने से हाईकोर्ट नाराज है। इस मामले में हाईकोर्ट ने 25 जून के आदेश में कहा है कि असंविधानिक हो चुके नियमों के तहत ग्राम प्रधान प्रशासक की भूमिका नहीं निभा सकते। न्यायालय ने 13 जुलाई तक सरकार को पंचायत चुनाव की रूपरेखा पेश करने के आदेश दिए हुए हैं। इस मामले में डीएम डाॅ़ वीके सिंह का कहना है कि शासन के निर्देशों के अनुरूप ही कदम उठाया जाएगा।
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