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यूपी: विद्यालयों में भेजीं घटिया गुणवत्ता और छोटे साइज की जर्सियां, शिक्षकों ने लेने से किया इनकार

Thu, 14 Nov 2019 02:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 14 Nov 2019 02:18 AM IST
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the teachers say that the quality of swater is bad
सरधना बीआरसी में छोटे साइज के जर्सी दिखाते शिक्षक ।
मेरठ के सरधना एबीआरसी पर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य व शिक्षक जर्सी लेने के लिये पहुंचे। शिक्षकों ने घटिया स्तर की जर्सी होने की बात कहते हुए विद्यालय ले जाने से इंकार कर दिया। वहीं जर्सियों के साइज में भी गड़बड़ बताई। मौके पर मौजूद जर्सी बनाने वाली कंपनी के कर्मचारियों से शिक्षकों की नोकझोक हुई। उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद शिक्षकों को मजबूरन जर्सी ले जानी पड़ीं।
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सरधना ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इस बार छात्रों के लिए जर्सी वितरण दिल्ली की धर्या एक्टिविस्ट प्राइवेट कंपनी को टेंडर मिला है। 31 अक्तूबर तक जर्सियों का वितरण होना है। एबीआरसी से विद्यालयों तक जर्सियां पहुंचाई जा रहीं हैं। बुधवार को सरधना क्षेत्र के विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व शिक्षक जर्सियां लेने कार्यालय पहुंचे। शिक्षक जर्सियाें की घटिया गुणवत्ता देख नाराज हो गए।
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वहीं साइज के अनुसार भी जर्सियां नहीं थी। इन सभी समस्याओं को देखते हुए शिक्षकों ने जर्सियां ले जाने से इंकार कर दिया। इस दौरान कार्यालय में मौजूद जर्सी वितरण करने वाली कंपनी के दो दीपक व प्रवीण से गुणवत्ता को लेकर शिक्षकों की नोकझोक हो गई। कार्यालय पहुंचे एबीआरसी(असिसटेंट ब्लॉक रिसोर्स कोआर्डिनेटर) शरद चौहान से शिकायत की। शिक्षकों ने बताया कि जर्सियों की गुणवत्ता ठीक नहीं है। इस बार जर्सियां पिछले साल के अनुरूप नहीं है। अगर वह इन जर्सियों को ले गए तो वहां साइज में दिक्कत आएगी।

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एबीआरसी ने उच्चाधिकारियों व कंपनी के मालिक से बात की। कंपनी द्वारा बड़े साइट की जर्सी भेजने की बात कही गई। अधिकारियों से वार्ता के बाद शिक्षकों को मजबूरन जर्सियां ले जानी पड़ीं। एबीएसए लक्ष्मीकांत के मुताबिक बुधवार को करीब 50 प्रतिशत जर्सी का वितरण हो गया।
 

जर्सी छोटे साइज की हैं, उतनी जर्सी कंपनी के द्वारा उपलब्ध करा देने की बात कही गई है। सरधना ब्लॉक में कुल 9197 जर्सी बच्चों के लिये आई हैं। जिसमें छोटे साइज में 2960, मीडियम साइज में 3046, लार्ज साइज में 1879 व एक्सट्रा लार्ज साइज में 1312 की संख्या हैं।

साइज की दिक्कत
जर्सी का नंबर साइज जो 60 होना चाहिए था वह 58 के साइज में आया है। कुछ बच्चे ऐसे हैं, जिनकी हेल्थ के हिसाब से जर्सी फिट नहीं बैठती, जिसकी शिकायत की गई है - शरद चौहान, एबीआरसी
 

गुणवत्ता व साइज को लेकर विवाद हुआ
मैं कार्यालय पर पहुंच तो जर्सी की गुणवत्ता व साइज को लेकर कंपनी के कर्मचारी व शिक्षकों के बीच विवाद चल रहा था। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की। कंपनी के ऑर्नर से भी बात की गई। जिसमें कुछ बडे़ साइज की जर्सी उपलब्ध कराने की बात कही है। जिसके बाद करीब 50 प्रतिशत जर्सी का वितरण कर दिया गया है। - लक्ष्मीकांत, एबीएसए सरधना


सरधना बीआरसी कार्यालय पर जर्सी के साइज को लेकर कुछ शिकायत आई है। अब प्रत्येक सेंटर पर तीन सौ बजे साइट की जर्सियां भिजवाई जाएंगी। 14 जनपदों में करीब सवा लाख जर्सी का आर्डर था, कुछ समस्या साइज को लेकर आई है, गुणवत्ता की समस्या सामने नहीं आई है। - दीपक सिन्हा, धर्या एक्टिविस्ट प्राईवेट लिमिटेड

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