फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The stones and soil found in the government rice sack

सरकारी चावल की बोरी में मिले पत्थर और मिट्टी

Mon, 20 Apr 2020 01:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2020 01:42 AM IST
विज्ञापन
The stones and soil found in the government rice sack
सरकारी चावल की बोरी में मिले पत्थर और मिट्टी
विज्ञापन

मेरठ। पूरे देश की जनता कोरोना वायरस से लड़ रही है। वायरस से बचाव के लिए स्वच्छता को प्राथमिकता पर लिया गया है। इसके बावजूद सरकारी मशीनरी की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं। ऐसा ही एक मामला आरएफसी गोदामों से राशन की दुकानों तक पहुंचने वाले गंदे चावल से सामने आया है। राशन के चावल के बोरे में चावल कम और ईंट, पत्थर व मिट्टी अधिक है। जिसको जनता को बांटा जा रहा है। हालांकि, आपूर्ति विभाग का दावा है कि राशन डीलर की शिकायत पर गंदे चावल का वितरण नहीं कराया गया। उसकी जांच चल रही है।
जनपद भर में 929 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर आरक्षी गोदामों से सरकारी गेहूं व चावल पहुंचता है। गोदाम से सरकारी राशन को राशन की दुकान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी आरएफसी विभाग के ट्रांसपोर्ट ठेकेदार की है। गोदाम से निकलने वाले राशन को बंद बोरों में भेजा जाता है। जाग्रति विहार के ओमप्रकाश-चंद्रवती की दुकान पर यह गंदा चावल पहुंचा। बोरे में भरे चावल की स्थिति को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसी ने जान बूझकर चावल में गंदगी मिलाई है। यह भी माना जा सकता है कि किसी ने बोरे से अच्छे चावल निकाल कर उसके वजन के मुताबिक मिट्टी और पत्थर मिला दिए। यानी सरकारी राशन में भ्रष्टाचार का नया तरीका खोजा गया है।
विज्ञापन

बताया जा रहा है कि जैसे ही राशन डीलर ने इस बोरे को खोला तो गंदा चावल सामने आया, जिस पर कार्ड धारकों ने नाराजगी जताई। हालांकि पूरा विभाग इस मामले को दबाने में जुट गया है। बताया गया कि दुकानदार की शिकायत पर जिला आपूर्ति विभाग ने इस पर संज्ञान लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला आपूर्ति अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि 17 अप्रैल को 12 राशन डीलर की तरफ से गंदे चावल की आपूर्ति की शिकायत आई थी। जिसकी जांच के निर्देश क्षेत्रीय आपूर्ति निरीक्षक को दिए थे। निरीक्षक से रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट बताया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed