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Meerut News: ई-पंजीकरण और निजीकरण के विरोध में आठवें दिन भी जारी रहा धरना
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सरधना। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-पंजीकरण व्यवस्था को निजी संस्था के माध्यम से संचालित करने के
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए ई-पंजीकरण और निजीकरण संबंधी आदेशों के विरोध में बार एसोसिएशन सरधना एवं दस्तावेज लेखक एसोसिएशन का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए रजिस्ट्री कार्यालय सरधना के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि ई-पंजीकरण और निजीकरण व्यवस्था से आम जनता, अधिवक्ताओं तथा दस्तावेज लेखकों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह निर्णय पारंपरिक व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ-साथ रोजगार पर भी प्रतिकूल असर डालेगा। वक्ताओं ने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए आदेश वापस लेने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन सरधना के अध्यक्ष एडवोकेट आरिफ अली, महामंत्री संजीव पंवार, विक्रम त्यागी, मोहम्मददीन, शबाना मलिक एवं पोयम चंदेल सहित कई अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दस्तावेज लेखक एसोसिएशन सरधना की ओर से अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव छोटन लाल जैन, रामप्रसाद, राजकमल, प्रदीप त्यागी, राजेंद्र सैनी, संजय शर्मा, कैलाश पाल, सुरेंद्र शर्मा आदि दस्तावेज लेखक धरने में शामिल हुए।
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सरधना। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए ई-पंजीकरण और निजीकरण संबंधी आदेशों के विरोध में बार एसोसिएशन सरधना एवं दस्तावेज लेखक एसोसिएशन का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए रजिस्ट्री कार्यालय सरधना के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि ई-पंजीकरण और निजीकरण व्यवस्था से आम जनता, अधिवक्ताओं तथा दस्तावेज लेखकों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह निर्णय पारंपरिक व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ-साथ रोजगार पर भी प्रतिकूल असर डालेगा। वक्ताओं ने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए आदेश वापस लेने की मांग की।
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धरना-प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन सरधना के अध्यक्ष एडवोकेट आरिफ अली, महामंत्री संजीव पंवार, विक्रम त्यागी, मोहम्मददीन, शबाना मलिक एवं पोयम चंदेल सहित कई अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दस्तावेज लेखक एसोसिएशन सरधना की ओर से अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, सचिव छोटन लाल जैन, रामप्रसाद, राजकमल, प्रदीप त्यागी, राजेंद्र सैनी, संजय शर्मा, कैलाश पाल, सुरेंद्र शर्मा आदि दस्तावेज लेखक धरने में शामिल हुए।
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