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अभी नहीं खुला बालक की मौत का राज, डॉक्टर के बयान पर नजर
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अभी नहीं खुला बालक की मौत का राज, डॉक्टर के बयान पर नजर
मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के बजौट गांव में हुई बालक की संदिग्ध मौत का राज अब तक नहीं खुल पाया है। पुलिस की नजर अब डॉक्टर के बयान पर टिकी है। उसकी दिल की बीमारी से जुड़ी हिस्ट्री सामने आने के बाद पुलिस ने इस एंगल को भी जांच में शामिल किया है। फिलहाल पुलिस खाली हाथ है।
गांव बजौट निवासी श्यामलाल के 11 वर्षीय बेटे हनी की शुक्रवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शनिवार सुबह श्यामलाल ने अपने पिता, माता, छोटे भाई, उसकी पत्नी और भतीजे पर हत्या का आरोप लगाया था। श्यामलाल का आरोप था कि पुराने विवाद की रंजिश में इन लोगों ने उसके बेटे को इतनी बुरी तरह से पीटा कि उसकी तबियत बिगड़ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भिजवाया। हालांकि पुलिस ने दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामान्य आने के बाद पुलिस की जांच बालक की दिल की बीमारी से जुड़ी 'हिस्ट्री' पर टिक गई है। शुरुआती जांच में सामने आया था कि बालक दिल का मरीज था। उसका दिल्ली में इलाज चला था। खुद पिता श्यामलाल ने भी इसे स्वीकारा था। रविवार को पुलिस ने रोहटा रोड स्थित अस्पताल पहुंचकर कुछ जानकारी जुटाई।
इस दौरान सामने आया कि यहां से भी बालक को दिल के डॉक्टर के लिए रेफर किया गया था। पुलिस का उस डॉक्टर से भी संपर्क हो गया है। फिलहाल डॉक्टर शहर से बाहर है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द डॉक्टर के वापस लौटने पर बयान दर्ज किए जाएंगे। सीओ अमित राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। विसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है। जब तक रिपोर्ट नही आती, कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इसके अलावा एक डॉक्टर का भी जिक्र आया है। उनके लिए जल्द बयान दर्ज किए जाएंगे।
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मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के बजौट गांव में हुई बालक की संदिग्ध मौत का राज अब तक नहीं खुल पाया है। पुलिस की नजर अब डॉक्टर के बयान पर टिकी है। उसकी दिल की बीमारी से जुड़ी हिस्ट्री सामने आने के बाद पुलिस ने इस एंगल को भी जांच में शामिल किया है। फिलहाल पुलिस खाली हाथ है।
गांव बजौट निवासी श्यामलाल के 11 वर्षीय बेटे हनी की शुक्रवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शनिवार सुबह श्यामलाल ने अपने पिता, माता, छोटे भाई, उसकी पत्नी और भतीजे पर हत्या का आरोप लगाया था। श्यामलाल का आरोप था कि पुराने विवाद की रंजिश में इन लोगों ने उसके बेटे को इतनी बुरी तरह से पीटा कि उसकी तबियत बिगड़ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भिजवाया। हालांकि पुलिस ने दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामान्य आने के बाद पुलिस की जांच बालक की दिल की बीमारी से जुड़ी 'हिस्ट्री' पर टिक गई है। शुरुआती जांच में सामने आया था कि बालक दिल का मरीज था। उसका दिल्ली में इलाज चला था। खुद पिता श्यामलाल ने भी इसे स्वीकारा था। रविवार को पुलिस ने रोहटा रोड स्थित अस्पताल पहुंचकर कुछ जानकारी जुटाई।
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इस दौरान सामने आया कि यहां से भी बालक को दिल के डॉक्टर के लिए रेफर किया गया था। पुलिस का उस डॉक्टर से भी संपर्क हो गया है। फिलहाल डॉक्टर शहर से बाहर है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द डॉक्टर के वापस लौटने पर बयान दर्ज किए जाएंगे। सीओ अमित राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। विसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है। जब तक रिपोर्ट नही आती, कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इसके अलावा एक डॉक्टर का भी जिक्र आया है। उनके लिए जल्द बयान दर्ज किए जाएंगे।
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