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Meerut News: निशान साहिब की रस्म के साथ संकीर्तन में झूमी संगत
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जोड़ मेले के अवसर पर गुरुद्वारा थल्ली साहिब में सजा दरबार साहिब स्रोत संवाद
- निशान साहिब की रस्म के साथ जोड़ मेला हुआ भक्तिमय
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव किशनपुर में आयोजित ऐतिहासिक 78वें सालाना जोड़ मेले के दूसरे दिन शुक्रवार को निशान साहिब की रस्म विधिविधान पूर्वक अदा की गई। गुरुद्वारा श्री गुरुनानक देव थल्ली साहिब में आयोजित धार्मिक आयोजन में विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर धर्म लाभ अर्जित किया।
मेले के दौरान श्रद्धालुओं ने रैन सवाई संकीर्तन में भाग लेकर भक्ति भाव में लीन होकर पुण्य कमाया। गुरुद्वारा परिसर में सजे दीवान हॉल साहिब में अखंड पाठ साहिब निरंतर जारी रहा। इस दौरान ग्रंथी द्वारा श्रद्धा और मर्यादा के साथ निशान साहिब की रस्म अदा कराई गई। कीर्तन दरबार में रागी जत्थों और कथा वाचकों ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए संगत को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। अखंड पाठ कर रहे रागी जत्थों की मधुर वाणी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मेला संयोजक दर्शन सिंह चाकर ने कहा कि सिख धर्म की परंपराएं त्याग, बलिदान और सेवा की मिसाल हैं। देश की आजादी और धर्म की रक्षा में सिख समुदाय के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव ने पूरी दुनिया को प्रेम, अहिंसा, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया, जिसे अपनाना आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव किशनपुर में आयोजित ऐतिहासिक 78वें सालाना जोड़ मेले के दूसरे दिन शुक्रवार को निशान साहिब की रस्म विधिविधान पूर्वक अदा की गई। गुरुद्वारा श्री गुरुनानक देव थल्ली साहिब में आयोजित धार्मिक आयोजन में विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर धर्म लाभ अर्जित किया।
मेले के दौरान श्रद्धालुओं ने रैन सवाई संकीर्तन में भाग लेकर भक्ति भाव में लीन होकर पुण्य कमाया। गुरुद्वारा परिसर में सजे दीवान हॉल साहिब में अखंड पाठ साहिब निरंतर जारी रहा। इस दौरान ग्रंथी द्वारा श्रद्धा और मर्यादा के साथ निशान साहिब की रस्म अदा कराई गई। कीर्तन दरबार में रागी जत्थों और कथा वाचकों ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए संगत को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। अखंड पाठ कर रहे रागी जत्थों की मधुर वाणी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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मेला संयोजक दर्शन सिंह चाकर ने कहा कि सिख धर्म की परंपराएं त्याग, बलिदान और सेवा की मिसाल हैं। देश की आजादी और धर्म की रक्षा में सिख समुदाय के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव ने पूरी दुनिया को प्रेम, अहिंसा, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया, जिसे अपनाना आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
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