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जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है हस्तिनापुर की पवित्र भूमि: साध्वी प्रियधर्मा

Sun, 19 Apr 2026 08:19 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 08:19 PM IST
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The sacred land of Hastinapur is very important in Jainism: Sadhvi Priyadharma
संवाद न्यूज एजेंसी
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हस्तिनापुर। श्री श्वेतांबर तीर्थ क्षेत्र में चल रहे वर्षीतप पारणा महोत्सव के चौथे दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इस दौरान भगवान की प्रभावना एवं चरण प्रक्षालन के साथ दिन की शुरुआत हुई। इसके बाद भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
महोत्सव के अंतर्गत भगवान शांतिनाथ के प्रक्षाल पूजन के पश्चात आदिनाथ भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। अष्टापद में आदिश्वर भगवान का प्रक्षाल एवं पूजा, शांतिनाथ मंदिर में पंचकल्याणक पूजा तथा अष्टापद मंदिर में प्रभावना का आयोजन हुआ। वहीं पारणा मंदिर में आरती कर श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ अर्जित किया।
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रविवार को आयोजित साधर्मिक वात्सल्य में विमल जैन परिवार, रीटा बेन, किरण कुमार पारेख, दीपाली बेन एवं भावेश कुमार सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शांतिनाथ मंदिर से अष्टापद तीर्थ तक भगवान की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान के संघपति किरणभाई रहे, जबकि कौशल्या मगराज भगवान की प्रतिमा के साथ विराजमान रहीं।
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शोभायात्रा में धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया। सारथी की भूमिका में सामता बेन एवं विजय कुमार रहे। चरण प्रक्षालन शांतिलाल ने किया। दायां चंवर रंजन बेन व मोहनलाल तथा बायां चंवर सुन्नी भाई और प्रवीणचंद दोसी द्वारा ढुलाया गया।
धर्मसभा में साध्वी प्रियधर्मा महाराज ने कहा कि हस्तिनापुर की यह पवित्र भूमि जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहीं प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव ने संयम धारण किया था तथा 400 दिनों के उपवास के पश्चात राजा श्रेयांस कुमार के हाथों इक्षुरस ग्रहण कर प्रथम पारणा किया था। उन्होंने कहा कि यहां आकर पारणा करने से श्रद्धालुओं को मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

पारणा मंदिर में आरती के साथ दिनभर के कार्यक्रमों का समापन हुआ। कमेटी के महामंत्री शुभकांत जैन एवं प्रबंधक तेजपाल सिंह ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम सोमवार को आयोजित किया जाएगा।
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