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रात भर चला रंछाड़ में बवाल, इंस्पेक्टर सहित 13 लाइन हाजिर
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भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल को पुलिस द्वारा की गई बर्बरता की जानकारी देते मृतक अक्षय के परिजन।
- फोटो : BARAUT
रात भर चला रंछाड़ में बवाल, इंस्पेक्टर सहित 13 लाइन हाजिर
अक्षय सुसाइड प्रकरण
मृतक के पिता की तहरीर इंस्पेक्टर बिनौली, एसएसआई सहित छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
आरएसएस नेता के बेटे अक्षय ने मां को हिरासत में लेने से आहत होने पर कर ली थी आत्महत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत / बिनौली (बागपत)। पुलिस की पिटाई और मां को हिरासत में लेने पर आरएसएस नेता के बेटे अक्षय द्वारा आत्महत्या किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने पूरी रात हंगामा किया और शव नहीं उठने दिया। मामला बढ़ता देख करीब 13 घंटे बाद मंगलवार की सुबह सात बजे एसपी अभिषेक सिंह ने बिनौली इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय सहित 13 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने व मृतक के परिजनों पर दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीणों ने शव उठने दिया। इसके बाद बिनौली थाने में मृतक के पिता की तहरीर पर इंस्पेक्टर, एसएसआई सहित छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
बता दें कि बिनौली थाना क्षेत्र के गांव रंछाड़ में कोरोनारोधी टीकाकरण कैंप में पुलिसकर्मियों से हाथापाई के बाद पुलिस ने आरएसएस नेता श्रीनिवास के घर में घुसकर तांडव मचाया था। महिलाओं से अभद्रता और तोड़फोड़ की थी। उनकी पत्नी, भाभी और पड़ोसी को हिरासत में लेकर थाने ले आई थी। पहले पिटाई और बाद में मां को हिरासत में लिए जाने से आहत आरएसएस नेता के पुत्र अक्षय (19) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शाम करीब छह बजे ग्रामीण भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस को शव भी नहीं उठाने दिया। रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी और अन्य कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए थे। देर रात तक ग्रामीण पूरा थाना निलंबित कराने की मांग पर अड़े थे। रात भर ग्रामीण हंगामा करते रहे। एएसपी मनीष मिश्र, सीओ आलोक कुमार, एसडीएम दुर्गेश मिश्र रात भर मौके पर रहकर मामले पर नजर रखी। करीब 13 घंटे बाद मंगलवार की सुबह तकरीबन सात बजे एएसपी ने मोबाइल पर परिजनों की एसपी अभिषेक सिंह से बात कराई। एसपी ने बिनौली इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय सहित 13 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने व मृतक के परिजनों पर दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीणों ने शव उठने दिया। साथ ही पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर इंस्पेक्टर बिनौली, एसएसआई सहित छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इन पर गिरी गाज
एएसपी मनीष मिश्र ने बताया कि अक्षय सुसाइड प्रकरण में बिनौली इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय और एसएसआई उधम सिंह तालान सहित 13 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया। इनमें एसआई हरिश्चंद त्यागी, एसआई मयंक प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल सलीम, कांस्टेबल इलियास, कांस्टेबल इमरान, कांस्टेबल दीपक शर्मा, कांस्टेबल अश्वनी, कांस्टेबल राहुल, कांस्टेबल कुलदीप व कांस्टेबल मुरली शामिल है। इसके अलावा मृतक के पिता श्रीनिवास की तहरीर पर इंस्पेक्टर बिनौली चंद्रकांत पांडेय, एसएसआई उधम सिंह तालान, हेड कांस्टेबल सलीम, कांस्टेबल मुरली, कांस्टेबल अश्वनी व एक अज्ञात के खिलाफ बवाल करने, गाली-गलौज, मारपीट करने व आत्महत्या के लिए उकसाना के आरोप मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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अक्षय सुसाइड प्रकरण
मृतक के पिता की तहरीर इंस्पेक्टर बिनौली, एसएसआई सहित छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
आरएसएस नेता के बेटे अक्षय ने मां को हिरासत में लेने से आहत होने पर कर ली थी आत्महत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत / बिनौली (बागपत)। पुलिस की पिटाई और मां को हिरासत में लेने पर आरएसएस नेता के बेटे अक्षय द्वारा आत्महत्या किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने पूरी रात हंगामा किया और शव नहीं उठने दिया। मामला बढ़ता देख करीब 13 घंटे बाद मंगलवार की सुबह सात बजे एसपी अभिषेक सिंह ने बिनौली इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय सहित 13 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने व मृतक के परिजनों पर दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीणों ने शव उठने दिया। इसके बाद बिनौली थाने में मृतक के पिता की तहरीर पर इंस्पेक्टर, एसएसआई सहित छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
बता दें कि बिनौली थाना क्षेत्र के गांव रंछाड़ में कोरोनारोधी टीकाकरण कैंप में पुलिसकर्मियों से हाथापाई के बाद पुलिस ने आरएसएस नेता श्रीनिवास के घर में घुसकर तांडव मचाया था। महिलाओं से अभद्रता और तोड़फोड़ की थी। उनकी पत्नी, भाभी और पड़ोसी को हिरासत में लेकर थाने ले आई थी। पहले पिटाई और बाद में मां को हिरासत में लिए जाने से आहत आरएसएस नेता के पुत्र अक्षय (19) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शाम करीब छह बजे ग्रामीण भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस को शव भी नहीं उठाने दिया। रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी और अन्य कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए थे। देर रात तक ग्रामीण पूरा थाना निलंबित कराने की मांग पर अड़े थे। रात भर ग्रामीण हंगामा करते रहे। एएसपी मनीष मिश्र, सीओ आलोक कुमार, एसडीएम दुर्गेश मिश्र रात भर मौके पर रहकर मामले पर नजर रखी। करीब 13 घंटे बाद मंगलवार की सुबह तकरीबन सात बजे एएसपी ने मोबाइल पर परिजनों की एसपी अभिषेक सिंह से बात कराई। एसपी ने बिनौली इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय सहित 13 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने व मृतक के परिजनों पर दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीणों ने शव उठने दिया। साथ ही पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर इंस्पेक्टर बिनौली, एसएसआई सहित छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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इन पर गिरी गाज
एएसपी मनीष मिश्र ने बताया कि अक्षय सुसाइड प्रकरण में बिनौली इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय और एसएसआई उधम सिंह तालान सहित 13 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया। इनमें एसआई हरिश्चंद त्यागी, एसआई मयंक प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल सलीम, कांस्टेबल इलियास, कांस्टेबल इमरान, कांस्टेबल दीपक शर्मा, कांस्टेबल अश्वनी, कांस्टेबल राहुल, कांस्टेबल कुलदीप व कांस्टेबल मुरली शामिल है। इसके अलावा मृतक के पिता श्रीनिवास की तहरीर पर इंस्पेक्टर बिनौली चंद्रकांत पांडेय, एसएसआई उधम सिंह तालान, हेड कांस्टेबल सलीम, कांस्टेबल मुरली, कांस्टेबल अश्वनी व एक अज्ञात के खिलाफ बवाल करने, गाली-गलौज, मारपीट करने व आत्महत्या के लिए उकसाना के आरोप मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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