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शिक्षा की गुणवत्ता तकनीक के प्रभावी उपयोग पर करती है निर्भर : प्राचार्य
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डायट में प्रशिक्षण में शामिल शिक्षक। (स्त्रोत डायट) मवाना।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के छठवें बैच का डिजिटल लिटरेसी एंड आर्टिफिशल इंटेलीजेंस प्रशिक्षण संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के तीन दिवसीय डिजिटल लिटरेसी एंड आर्टिफिशल इंटेलीजेंस आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम के छठवें बैच का समापन शनिवार को हो गया।
प्राचार्य मनोज कुमार आर्य ने कहा कि आज शिक्षा की गुणवत्ता तकनीक के प्रभावी उपयोग पर निर्भर करती है। जब शिक्षक डिजिटल उपकरणों को अपने शिक्षण में सहज रूप से शामिल करते हैं तो विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, सहभागिता और जिज्ञासा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। प्रशिक्षण प्रभारी एवं डायट प्रवक्ता गौरव त्यागी ने कहा कि इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल टूल्स का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था, ताकि वह कक्षा-कक्ष में तकनीक को आत्मविश्वास के साथ उपयोग कर सकें।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को ई-कंटेंट निर्माण, उपयोगी ऑनलाइन पोर्टल, क्यूआर कोड आधारित अधिगम, डिजिटल सुरक्षा और विभिन्न आईसीटी टूल्स का अभ्यास कराया गया। जिले भर के प्राथमिक विद्यालयों के 76 शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के तीसरे और अंतिम दिन शिक्षा, ईमेल और ऑनलाइन संचार में डिजिटल टूल्स के उपयोग और साइबर सुरक्षा की मूल बातों पर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स विनिता सिवास, डॉ. शिप्रा बिश्नोई व डॉ. प्रेमा आर्या भी उपस्थित रहीं। प्रमाणपत्र वितरित करते हुए प्राचार्य ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की और शिक्षा में प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के तीन दिवसीय डिजिटल लिटरेसी एंड आर्टिफिशल इंटेलीजेंस आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम के छठवें बैच का समापन शनिवार को हो गया।
प्राचार्य मनोज कुमार आर्य ने कहा कि आज शिक्षा की गुणवत्ता तकनीक के प्रभावी उपयोग पर निर्भर करती है। जब शिक्षक डिजिटल उपकरणों को अपने शिक्षण में सहज रूप से शामिल करते हैं तो विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, सहभागिता और जिज्ञासा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। प्रशिक्षण प्रभारी एवं डायट प्रवक्ता गौरव त्यागी ने कहा कि इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल टूल्स का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था, ताकि वह कक्षा-कक्ष में तकनीक को आत्मविश्वास के साथ उपयोग कर सकें।
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प्रशिक्षण में शिक्षकों को ई-कंटेंट निर्माण, उपयोगी ऑनलाइन पोर्टल, क्यूआर कोड आधारित अधिगम, डिजिटल सुरक्षा और विभिन्न आईसीटी टूल्स का अभ्यास कराया गया। जिले भर के प्राथमिक विद्यालयों के 76 शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के तीसरे और अंतिम दिन शिक्षा, ईमेल और ऑनलाइन संचार में डिजिटल टूल्स के उपयोग और साइबर सुरक्षा की मूल बातों पर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स विनिता सिवास, डॉ. शिप्रा बिश्नोई व डॉ. प्रेमा आर्या भी उपस्थित रहीं। प्रमाणपत्र वितरित करते हुए प्राचार्य ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की और शिक्षा में प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर दिया।
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