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गंगा का जलस्तर बढ़ा तो बह गया दस करोड़ की कीमत से चल रहा तटबंध का कार्य

Mon, 08 Jun 2020 01:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2020 01:12 AM IST
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the preprations are floating in the ganga river water which is cost ten crores due to rise water label
गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी में डूबे रेत से भरे कट्टे जो तटबंध के लिए रखे गए थे। - फोटो : MAWANA
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम गांव के समीप लगभग 10 करोड़ की लागत से एक माह से चल रहा गंगा पर तटबंध बनाने का कार्य रविवार को बंद हो गया। लाखों रुपये लगाकर लेबर से भरवाए मिट्टी के कट्टों में पानी भर गया।
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हर साल गंगा का जलस्तर बढ़ जाता है। बाढ़ के चलते सैकड़ों बीघा फसल नष्ट हो जाती है। इस बार क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक के प्रयासों के बाद प्रदेश सरकार ने लगभग 10 करोड़ रुपये खादर क्षेत्र के फतेहपुर गांव के समीप लगभग एक किलोमीटर तटबंध बनाने के लिए मंजूर किए थे। अप्रैल माह से ही गंगा के तटबंध बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया। लोगों को उम्मीद थी कि तटबंध बनने से इस बार बाढ़ से राहत मिलेगी और फसल भी अच्छी होगी। परंतु रविवार को बढ़े गंगा के जलस्तर में किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। 2 दिनों से लगातार गंगा में बढ़ रहे जल स्तर से फतेहपुर प्रेम के समीप गंगा में तटबंध के लिए मिट्टी के भरे हुए हजारों कट्टों में पानी भर गया। जिन्हें गंगा के तटबंध पर लगाना मुश्किल हो गया है। अब सिंचाई विभाग के लिए इन कट्टों को गंगा की धारा से बाहर निकालना बहुत मुश्किल हो रहा है। मजदूर जा चुके हैं। अब कार्य प्रभावित होने से बंद कर दिया गया है। पोर्कलेन की मदद से क्षतिग्रस्त तटबंध को दुरुस्त किया जा रहा है।
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कुछ दिन पूर्व प्रमुख सचिव सिंचाई में किया था दौरा
प्रदेश के कोरोना नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव सिंचाई टी वेंकटेश ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी के साथ 30 अप्रैल को फतेहपुर प्रेम स्थित तटबंध का निरीक्षण कर काम को जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए थे।
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17 हजार क्यूसेक चल रहा जलस्तर
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष बालियान के अनुसार रविवार को गंगा का जलस्तर 17 हजार क्यूसेक पर चल रहा था
बढ़े जलस्तर से कार्य प्रभावित
दो-तीन दिनों से गंगा के बढ़े जलस्तर से तटबंध कार्य प्रभावित हुआ है। तटबंध पर लगाने के लिए प्लास्टिक के कट्टो में भर कर रखी मिट्टी में भी पानी भर गया है। तटबंध के कार्य करने में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है। - पीके जैन, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग

गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटबंध के लिए भरे जा रहे रेत से भरे कट्टे पानी में बह गए।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटबंध के लिए भरे जा रहे रेत से भरे कट्टे पानी में बह गए।- फोटो : MAWANA

 तटबंध बनाने के लिए रेत से भरे कट्टे जलस्तर बढ़ने के कारण पानी में बहने लगे।

तटबंध बनाने के लिए रेत से भरे कट्टे जलस्तर बढ़ने के कारण पानी में बहने लगे।- फोटो : MAWANA

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