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सावन की फुहार के बीच बहती रही काव्य सरिता

Thu, 10 Jul 2025 02:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jul 2025 02:08 AM IST
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The poetic stream kept flowing amidst the showers of Sawan
संदीप,,,परतापुर बाईपास ​स्थित श्रीराम इंस्टीटयूट कवि सम्मेलन कविता सुनाते कवि
मेरठ। परतापुर बाईपास स्थित सीईआरटी व श्रीराम ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस में बुधवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शुभारंभ संस्थान के चेयरमैन डॉ. राजेंद्र यादव, डॉ. कंगना यादव एमडी, डीन डॉ. जितेंद्र राणा और बबिता पांडे ने मां शारदे के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया।
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कार्यक्रम का संयोजन भावों की संकल्पना-उड़ान कविता की नामक संस्था व इसके अध्यक्ष आशीष नासवा तथा बबीता पांडेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन हास्य कवि स्वदेश यादव और अध्यक्षता कवि सुनहरी लाल वर्मा तुरंत ने की। श्रृंगार रस के कवि सुदेश यादव दिव्य ने सुनाया कि मस्त है आज मौसम चले आईये, पहन पायलिया छम छम चले आईये, ये बतायेंगे मिलकर तुम्हें रूबरू, कितने बेचैन हैं हम चले आईये सुनाकर तालियां बटोरी। हरियाणा के कवि सुनील शर्मा ने अपनी वीर रस की कविताओं से श्रोताओं में जोश भर दिया। पढ़ा कि मैं दर्पण हूं मेरे आगे बनावट चल नहीं सकती, दिखा दूं असलियत सबकी अदावत चल नहीं सकती, लगा करके कई चेहरे मिला करते हैं मुझसे जो, परख लेता हूं सबको मैं सियासत चल नहीं सकती सुनाया। कवयित्री डॉ शुभम त्यागी ने पढ़ा कि स्वप्न बुनने लगी हूं तेरी याद में, मैं संवरने लगी हूं तेरी याद में। जबसे अंकित हुए तुम हृदय पृष्ठ पर, गीत लिखने लगी हूं तेरी याद में। दिल्ली से पधारी बबीता पाण्डेय ने ज़माने की निगाहों की कभी परवाह मत करना, झुकाए सर मगर मां-बाप का वो चाह मत करना। सुनो ऐ लड़कियों तुमसे यही है प्रार्थना मेरी, जलाना हो किसी का आशियां तो ब्याह मत करना सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। गाजियाबाद से पधारे कवि स्वदेश यादव ने पढ़ा कि हौसला टूटा बंधाने के लिए आया हूं मैं, फूल कांटों में खिलाने के लिए आया हूं मैं। राह की दुश्वारियों ने छीन ली मुस्कान गर, पोंछकर आंसू हंसाने के लिए आया हूं मैं सुनाकर महफिल लूट ली। कवि सुनहरी लाल वर्मा, आशीष नासवा ने अपनी कविताओं से खूब वाहावाही लूटी।
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