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Meerut News: शास्त्रीनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर दो साल से चल रहा था नेटवर्क

Sat, 24 Dec 2022 09:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Dec 2022 09:00 AM IST
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The network was running for two years in the name of getting jobs in Shastri Nagar
शास्त्रीनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर दो साल से चल रहा था नेटवर्क
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मेरठ। सर, गुड मॉनिंग... मैं इंडिया एयरलाइंस से ऐश्वर्या बोल रही हूं। आपने एयरलाइंस में एग्जीक्यूटिव की जॉब के लिए फाउंडिट कंपनी में आवेदन किया था। दूसरी तरफ से आवाज आती है जी मैम। फिर ऐश्वर्या पढ़ाई की जानकारी लेकर आवेदक की कॉल मोहित शर्मा को फॉरवर्ड कर देती हैं। मोहित आवेदक का ऑनलाइन इंटरव्यू लेकर ऑफिस में ही रंजन कुमार को बॉस बताकर कॉल फॉरवर्ड करता था। जॉब के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर दो से चार हजार रुपये तक आवेदक से बैंक खाते में डलवा लिए जाते थे और फिर उसका नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल देते थे।
ठीक इसी तरीके से ठगी करने का ऑनलाइन खेल शास्त्रीनगर स्थित कॉल सेंटर में चलता था। इस गिरोह ने करीब दो साल तक बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी की है। आरोपियों ने अलग-अलग बैंक में फर्जी खाते खुलवाकर 20 से ज्यादा एटीएम बनवाए हुए हैं। जहां से वे अपने परिवार के लोगों के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करते थे।
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कंपनी से खरीदते थे बेरोजगारों का डाटा
इंडिगो, एयरलाइंस, एयरपोर्ट अथॉरिटी, अस्पताल, देश-विदेश में नौकरी के लिए बेरोजगार युवक-युवती फाउंडिट कंपनी सहित नेशनल और मल्टीनेशनल कंपनियों में आवेदन करते हैं। कंपनी के कर्मचारी से सांठगांठ करके यह गिरोह बेरोजगारों का डाटा खरीदता था। प्रत्येक आवेदक का डाटा पांच रुपये के हिसाब से खरीदा जाता था। कॉल सेंटर से लड़कियां आवेदक को कॉल या ईमेल कर संपर्क कर ठगी कर लेती थी। मेरठ में दो साल में दिल्ली, पश्चिम बंगाल, कोलकाता, केरल, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों और दूसरे देशों के लोगों से भी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर चुके हैं।
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85 हजार खर्च कर 14 लाख कमाता था गिरोह
गिरोह का सरगना जानी क्षेत्र के नेक गांव का बीसीए पास अनुज पूनिया है। करीब दो साल पहले अनुज की मुलाकात आरओ बनाने वाली कंपनी में जॉब करने वाले मुजफ्फरपुर, बिहार निवासी रंजन कुमार से हुई। दोनों ने मिलकर नोएडा में जॉब सेंटर खोला और बेरोजगारों को ठगना शुरू किया। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद समेत कई कंपनियों के कर्मचारियों से संपर्क किया। अगस्त 2020 में अनुज ने यहां तेजगढ़ी चौराहे के पास ऑफिस खोल लिया। छह लड़की, चार लड़कों को आठ-आठ हजार रुपये वेतन देकर कॉल सेंटर में बेरोजगारों को कॉल कराई जाती थी। एक युवक 30 से ज्यादा कॉल करता था। रोज कम से कम 10 लोगों से ठगी होती थी। आरोपियों ने बताया कि कॉल सेंटर में प्रतिमाह 85 हजार खर्च कर करीब 13-14 लाख की ठगी करते थे।
ऑफिस में अनुज और रंजन थे बॉस
ठगी का ऐसा जाल, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। शानदार ऑफिस, जिसमें काम करने वालों को भी ठगी का पता नहीं। ऑफिस में अनुज पूनिया, रंजन बॉस थे। दिनभर लड़कियां मीठी आवाज में बेरोजगारों को कॉल करती थी। ऑफिस के बाहर कोई बोर्ड भी नहीं था। आवेदक को पता नहीं था कि वह कौन से ऑफिस में बात कर रहे हैं। सब कुछ ऑनलाइन था। इंटरव्यू से लेकर वेतन तक ऑनलाइन ही तय होता था। आवेदक ने जैसी नौकरी पाने के लिए आवेदन किया है, उससे वैसी ही बात करने की कला भी इस गिरोह में थी। यह पढ़े-लिखे युवकों का गिरोह है।
ऐसे खुला फर्जीवाड़ा
कॉल सेंटर में रोजाना 45-50 हजार रुपये ठगी का औसत आता था। सरगना अनुज पूनिया और रंजन कुमार में बंटवारे को लेकर विवाद होने लगा। नवंबर 2022 में रंजन ने नारायण केला से दोस्ती कर ली। नारायण अक्सर अनुज के पास कंप्यूटर ठीक करने आता था। नारायण ने शास्त्रीनगर स्थित भूतनाथ चौराहे के पास एक कांप्लेक्स में किराये पर ऑफिस ले लिया। जहां पर रंजन, नारायण और मोहित शर्मा ने नया ऑफिस खोला। इसी बात को लेकर अनुज पूनिया ने इस कॉल सेंटर की पोल खोल दी। बताया कि अनुज भी रंजन को धमकाकर नए ऑफिस से भी ठगी का पैसा लेता था। एसटीएफ की पूछताछ में रंजन, नारायण और मोहित ने सारी कहानी बता दी। अनुज की तलाश में एसटीएफ लगी है।
चारों आरोपियों का प्रोफाइल
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1. रंजन कुमार पुत्र हरिनंदन, कोलाब रोड मुजफ्फरपुर (हाल पता शास्त्रीनगर), बीए, एमबीए, बॉस की भूमिका।
2. नारायण केला पुत्र संजीव केला, शास्त्रीनगर एल ब्लाक, बीएससी, कंप्यूटर टेक्निकल, बॉस की भूमिका।
3. मोहित शर्मा पुत्र नरेश शर्मा, भोला झाल, जानी, बीसीए, इंटरव्यू लेने वाला।
4. अनुज पूनिया (गैंग सरगना), नेक गांव, जानी, एमए, बॉस की भूमिका।
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ऑनलाइन ठगी के मामले
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केस एक
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के फाजलपुर निवासी ने बताया कि एक वीडियो कॉल आया था। जिसमें महिला अश्लील हरकतें कर रही है। इसके बाद साइबर ठगों ने दबाव बनाकर खाते से 32 हजार रुपये ठग लिए। मामला साइबर सेल में है।
केस दो
कंकरखेड़ा सैनिक विहार निवासी अनिल रावत ने बताया कि 20 दिसंबर को एलआईसी एजेंट बताकर 25 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। कंकरखेड़ा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
केस तीन
मुंडाली थाना क्षेत्र के जुबैर ने बताया कि शुक्रवार को एक युवक ने कॉल कर बैंक मैनेजर बताया। कहा, आपका गूगल पे बंद हो चुका है। गूगल पे चालू करवाने के नाम पर खाते से छह हजार रुपये उड़ा दिए। पीड़ित ने थाने में शिकायत दी है।
केस चार
नौचंदी थाना क्षेत्र के के-ब्लाक निवासी ने बताया कि क्रेडिट कार्ड का झांसा देकर ओटीपी भेजकर खाते से 46 हजार रुपये ठग लिए थे। इस मामले में पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है।

केस पांच
सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष संदीप तितोरिया खटीक ने बताया कि पत्नी आरती तितोरिया के क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने 32 हजार रुपये उड़ा दिए। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।
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