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पेराई सत्र शुरू होने के साथ ही आंदोलन की सुगबुगाहट

Sat, 31 Oct 2020 01:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2020 01:51 AM IST
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The movement starts as the crushing session begins
मेरठ। मंडल में बिना गन्ना सुरक्षण आदेश और गन्ना रेट घोषित हुए ही पेराई सत्र शुरू हो गया है। जनपद की चार मिलों ने गन्ना इंडेंट जारी कर दिया है। वहीं, किनौनी शुगर मिल एक नवंबर से पेराई शुरू करने जा रही है। वहीं, विपक्षी दल उप चुनाव में व्यस्त हैं जबकि किसान संगठन कृषि कानूनों के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी में जुटे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि कृषि कानूनों के साथ गन्ना रेट एवं बकाया भुगतान की लड़ाई भी लड़ेंगे।
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कोरोना का खौफ दिखाकर अभी तक गन्ना सुरक्षण के लिए किसानों के साथ बैठक नहीं की गई और न ही गन्ना सुरक्षण आदेश जारी किया। इससे पहले ही सिंभावली चीनी मिल के चलने से मंडल में पेराई सत्र शुरू हो गया है। रविवार को किनौनी शुगर मिल के चालू होने से मेरठ जनपद का पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। मवाना, नंगलामल और दौराला शुगर मिल सोमवार को पेराई सत्र शुरू कर देंगी। मंडल की दौराला शुगर मिल को छोड़ बाकी 15 मिलों ने पिछले साल का संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया है। इन मिलों पर किसानों के 1430 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसमें सहकारी क्षेत्र की बागपत, रमाला, अनूपशहर मिल के साथ उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम की मोहिउद्दीनपुर मिल भी शामिल है।
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पर्ची पर लगेगी एसएपी की मुहर
प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2020-21 के लिए अभी तक गन्ना रेट घोषित नहीं किया है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार का कहना है रेट घोषित होने तक गन्ना पर्ची पर राज्य सरकार द्वारा तय राज्य समर्थित मूल्य की मुहर लगाकर किसानों को दी जाएगी। जिले की मवाना, नंगलामल, दौराला और किनौनी शुगर मिल ने इंडेंट जारी कर दिया है। सकौती और मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल भी एक नवंबर को इंडेंट जारी कर देंगी।
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किसान करेंगे आंदोलन
कृषि कानूनों के खिलाफ लामबंद हो रहे किसान संगठनों ने पांच नवंबर को चक्का जाम का एलान किया है। उनका कहना है कि गन्ना रेट नहीं बढ़ाने के विरोध में भी संगठन आंदोलन के लिए तैयार हैं। देेश के 250 किसान संगठनों को एकजुट कर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति बनाई गई है। इसके संयोजक सरदार वीएम सिंह का कहना है कि किसानों को हक के लिए लामबंद होना चाहिए।
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