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एमडीए में बखेड़ा, 11 कर्मचारियों पर गिरि गाज, कल दो को भेजा था जेल

Mon, 19 Jun 2017 04:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Mon, 19 Jun 2017 04:28 PM IST
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The mda ruckus, suspended to 11 employees together
एमडीए में बखेड़ा

एमडीए विभाग की ओर से सोमवार को एक बड़ा फैसला लिया गया जिसमें एमडीए के 11 कर्मचारियों को एक साथ सस्पेंड कर दिया गया। उपाध्यक्ष से नोकझोंक व अभद्रता के बाद कार्रवाई हुई। इससे पहले रविवार को भी दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बताया जा रहा है कि यह लड़ाई लंबी चलेगी।

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एमडीए वीसी समेत अन्य अधिकारियों का घेराव कर हंगामा करने के मामले में रविवार को सिविल लाइन पुलिस ने दो कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के विरोध में परिजनों और कर्मचारियों ने सिविल लाइन थाने में बखेड़ा कर दिया लेकिन थाने पहुंचे सीओ ने साफ कहा कि कोई विरोध बर्दाश्त नहीं होगा। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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शनिवार को एमडीए ऑफिस में जमकर हंगामा हुआ था। कर्मचारियों का आरोप था कि वीसी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके विरोध में उन्होंने नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर भी बात की। उधर इस बाबत अपर सचिव बैजनाथ की तरफ से थाना सिविल लाइन में इन कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार एमडीए के उपाध्यक्ष योगेंद्र यादव 29 जून को प्रस्तावित बोर्ड बैठक की तैयारियों को लेकर शनिवार को बैठक कर रहे थे। उस समय वित्त नियंत्रक वसी मोहम्मद, एमडीए सचिव राजकुमार, अपर सचिव व एक पर्यावरणविद महिला भी वहां मौजूद थी। आरोप है कि मेरठ विकास प्राधिकरण कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष सुशील त्यागी अपने साथ 40-50 अन्य लोगों के साथ कक्ष में घुस आए। होमगार्डों ने रोकने की कोशिश की तो कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों और अन्य लोगों ने वहां तैनात होमगार्डों के साथ हाथापाई कर दी। आरोप है कि एमडीए के अधिकारियों से गालीगलौज, नारेबाजी, हंगामा कर सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। जिसके बाद एमडीए के अपर सचिव ने सुशील त्यागी, पंकज गुप्ता, आशाराम, महाराज सिंह, घनश्याम, कुलदीप शर्मा, बलराम तथा अन्य पचास अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ  सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है।

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उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा

The mda ruckus, suspended to 11 employees together
एमडीए के 11 कर्मचारियों को किया सस्पेंड

रविवार दोपहर सिविल लाइन पुलिस ने पांडवनगर निवासी सुशील त्यागी और बलराम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी पर अन्य कर्मचारी और परिजन थाने पहुंचे और हंगामा व नारेबाजी कर दी। सूचना पर सीओ सिविल लाइन गजेंद्रपाल सिंह, एसओ नौचंदी उमेश चंद पचौरी, एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम और एसओ महिला थाना रश्मि चौधरी भी पहुंच गईं। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को थाने से बाहर किया। घंटों तक थाने में हंगामे की स्थिति बनी रही। एसओ सिविल लाइन धनवीर सिंह ने बताया कि कोर्ट में दोनों आरोपियों को पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष सुशील त्यागी और बलराम सिंह का कहना है कि वह अपनी मांगों को लेकर एमडीए वीसी के यहां गए थे। मृत आश्रितों के परिवार के सदस्य को नौकरी, कर्मचारियों को सातवां वेतन और भत्ते देने की उनकी मांग थी। एमडीए वीसी जेल भिजवाकर उत्पीड़न करा रहे हैं। इसका सड़कों पर उतरकर जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा सच संस्था अध्यक्ष संदीप पहल का भी कहना है कि अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी समय लेकर मिलने गए थे। एक कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों पर कार्य में बाधा का विषय ही नहीं बनता है। यह पूरी तरह से उत्पीड़न है।

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