फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The last rites of the three deceased were performed, anger was shown against the administration.

Meerut News: तीनों मृतकों का किया अंतिम संस्कार, प्रशासन के खिलाफ दिखा आक्रोश

Sun, 05 Apr 2026 03:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 03:06 AM IST
विज्ञापन
The last rites of the three deceased were performed, anger was shown against the administration.
दौराला - जहरीली शराब से मरने वाले तीनों मृतकों के घर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बाल - फोटो : samvad
जनप्रतिनिधियों ने दी सांत्वना, न्याय का भरोसा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। बाबूराम प्रजापति, अंकित और जितेंद्र का शनिवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद शव कस्बे में पहुंचे कोहराम मच गया। अंतिम यात्रा में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान जहां हर आंख नम थी और सभी के चेहरे पर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश साफ झलक रहा था।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान और सपा विधायक अतुल प्रधान ने मृतकों के घर जाकर परिजनों को ढांढस बंधाया। डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि यह एक हृदयविदारक घटना है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। विधायक अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए प्रशासन से इस पूरे खेल के पीछे छिपे सफेदपोशों पर भी कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन

ठेका सील, रिपोर्ट का इंतजार

शराब से हुई इन संदिग्ध मौतों के बाद प्रशासन ने एहतियातन संबंधित देशी शराब के ठेके को सील कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विसरा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही जहरीले तत्वों की सटीक पुष्टि हो पाएगी। बंटी जीरा और अन्य बरामद पाउच की फॉरेंसिक जांच तेज कर दी गई है। अवैध शराब के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कस्बे में सन्नाटा और सुलगता गुस्सा

अंतिम संस्कार के बाद पूरे दौराला कस्बे में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि केवल ठेका सील करना समाधान नहीं है बल्कि उन जिम्मेदारों पर भी गाज गिरनी चाहिए जिनकी नाक के नीचे यह मौत का सामान बिक रहा था। ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई और अवैध शराब के पूर्ण खात्मे की मांग पर अड़े हैं। प्रशासन के आश्वासनों के बीच अब सबकी नजरें आगामी पुलिसिया कार्रवाई पर टिकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed