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यूपी: जांच में चौंकाने वाला खुलासा, बिना जमीन के गन्ना पर्ची पा रहे थे 743 फर्जी किसान

Fri, 03 Jan 2020 02:46 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 03 Jan 2020 02:46 AM IST
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The investigation of the sugarcane department has exposed the fraud of 743 farmers at Muzaffarnagar
गन्ना - फोटो : सोशल मीडिया

गन्ना विभाग द्वारा मुजफ्फरनगर जिले के गन्ना किसानों की जमीन और गन्ना सट्टे की जांच कराए जाने के बाद गन्ना माफिया पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। चार माह तक चली जांच प्रक्रिया में 743 ऐसे लोग सामने आए हैं, जिनके पास बिना जमीन के ही पर्चियां पहुंच रही थीं। 3221 किसानों का दो शुगर मिलों में डबल सट्टा चल रहा था और 7297 किसानों की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम से पर्चियां जारी हो रही थीं। 2744 किसानों की जमीन कागजों में ज्यादा चढ़ी थी, उसी आधार पर पर्चियां जारी हो रही थीं।  

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प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना पर्ची सिस्टम कंप्यूटराइज करने से गन्ना माफिया का खेल खत्म होना शुरू हो गया है। जिले में 2,06,263 गन्ना किसान है। इस बार विभाग ने सभी किसानों का ग्रामवार सत्यापन करते हुए ब्योरा कंप्यूटराइज किया है। पर्ची जारी होते ही किसान के पास एसएमएस पहुंचना शुरू हो गया है। जांच में कई बड़े खुलासे हुए है। यह तथ्य सामने आया है कि जिले में अब से पहले गन्ना माफिया का बड़ा खेल चल रहा था। 12 ऐसे फर्जी कृषक मिले, जिनका खेती से कोई संबंध नहीं रहा और पर्चियां भरपूर पहुंच रही थी। यह किसान बुढ़ाना गन्ना समिति से जुड़े थे। अब इनकी पर्चियां निरस्त की गई हैं। 
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वहीं, जिन 3221 किसानों का डबल सट्टा चल रहा था, उसे सिंगल कर दिया गया है और बढ़ा हुआ सट्टा हटा दिया है। खेती छोड़ चुके 743 किसानों को जारी हो रही पर्ची प्रक्रिया समाप्त कर दी है। जिन 7297 किसानों की मृत्यु हो चुकी है, उनके बांड से जारी पर्चियां निरस्त कर दी हैं। वास्तविक से ज्यादा जमीन के हिसाब से जिन 2744 किसानों के बांड जारी था, उनकी अत्यधिक पर्चियां निरस्त कर दी गई हैं।

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सर्वाधिक तितावी में डबल का बड़ा खेल 
डबल सट्टे का सबसे बड़ा खेल तितावी गन्ना समिति में पकड़ा गया है। तितावी में 2250 ऐसे मामले सामने आए, जबकि पूरे जिले में यह संख्या 3221 है। खतौली में डबल का एक भी मामला सामने नहीं आया। मंसूरपुर में 64, रोहाना में 185, मोरना में 161, टिकौला में 196, बुढ़ाना में 305, खाईखेडी में 60 मामले डबल सट्टे के सामने आए। 

मृतकों की पर्ची का खेल बुढ़ाना, रोहाना में ज्यादा 
मृतक किसानों के नाम पर पर्ची जारी करने का मामला सबसे ज्यादा रोहाना में और दूसरे नंबर पर बुढ़ाना में सामने आया। 7297 मृतक किसानों में रोहाना में 2601 और बुढ़ाना में 2275 मिले हैं। खतौली में 562, तितावी में 612, मंसूरपुर में 247, मोरना में 591, टिकौला में 266 और खाईखेडी में 143 मृतक किसानों के नाम पर्ची जारी होती पाई गई। इनमें कुछ ऐसे भी है, जिनकी वास्तव में बीते एक वर्ष के अंदर ही मृत्यु हुई है। 

व्यवस्था को पारदर्शी बनाएंगे : द्विवेदी 
जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर आरडी द्विवेदी का कहना है कि प्रदेश सरकार की मंशा गन्ना विभाग में व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। इसके लिए निरंतर कार्य चल रहा है। किसानों की ग्रामवार जांच कराई है, यदि इसके बाद भी कुछ गडबडी रह जाती है, तो विभाग को सीधे शिकायत की जा सकती है। फर्जी, मृतक, डबल सबकी छटनी की जा रही है। किसानों का डाटा कंप्यूटर पर अपलोड है। किसान घर बैठे गन्ना पर्ची आदि की जानकारी प्राप्त कर सकता है।

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