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Meerut News: कुख्यात आशु उर्फ मोंटी का मेरठ में भी था आतंक, जरायम की दुनिया में ली थी उधम की शरण
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मुरादाबाद में पुलिस मुठभेड़ में ढेर आशू उर्फ मोंटी के बारे में जानकारी लेने जिला अस्पताल पहुंच
एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में ढेर हुआ उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर आशु चड्डा उर्फ मोंटी निवासी मीरापुर कला हाफिजपुर हापुड़ का मेरठ से कनेक्शन रहा है। मोंटी का मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आतंक रहा है। उसके खिलाफ मेरठ, गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में 36 मुकदमे दर्ज है।
एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह के मुताबिक, 2014 में सुमित जाट के साथ मिलकर मोंटी ने हसनपुर रजापुर थाना सरूरपुर में चेतन की हत्या की थी। चेतन का भाई वर्तमान में मीतन जिला पंचायत सदस्य है। इसके अलावा मोदीपुरम स्थित कृषि विवि के डीन राजवीर सिंह पर भी गोलियां बराई थी, हालांकि उनकी जान बच गई थी। अनिल बंजी ने मोंटी को सुपारी दी थी। इसके अलावा भी आरोपी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज है।
एएसपी एसटीएफ ने बताया, आशु चड्ढा वर्ष 2010 में एक हत्या के मामले में जेल गया था। जहां उधम गैंग से उसका संपर्क हुआ और उसके बाद उसकी जमानत हुई तो वह उधम गैंग के लिए काम करने लगा। इसके बाद अपराध में लिप्त होकर लूट, हत्या करने लगा। सरधना सर्किल के अलावा भी इसका आतंक था, जो समाप्त हो गया है। हाल ही में उधम सिंह भी जेल से बाहर आ गया है। ऐसे में एसएसपी अविनाश पांडेय ने भी उधम सिंह पर भी निगरानी और जांच करने के निर्देश पुलिस को दिए है।
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दरअसल उधम सिंह और योगेश भदौड़ा के बीच लंबे समय तक गैंगवार रही है। दोबारा से जेल आने के बाद इनके बीच गैंगवार शुरू न हो जाए इसको लेकर पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है। आशु के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे जघन्य अपराध के लगभग 36 मुकदमे दर्ज है।
एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि सिविल लाइंस मुरादाबाद से व्यापारी से चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और हत्या के प्रयास के मामले में उस पर 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित था। आरोपी के खिलाफ मेरठ में सरूरपुर, सरधना, दौराला आदि थानों कई मुकदमे दर्ज है। मुरादाबाद पुलिस ने मेरठ पुलिस से आरोपियों के मुकदमे के बारे में भी पूरी जानकारी की है।
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एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह के मुताबिक, 2014 में सुमित जाट के साथ मिलकर मोंटी ने हसनपुर रजापुर थाना सरूरपुर में चेतन की हत्या की थी। चेतन का भाई वर्तमान में मीतन जिला पंचायत सदस्य है। इसके अलावा मोदीपुरम स्थित कृषि विवि के डीन राजवीर सिंह पर भी गोलियां बराई थी, हालांकि उनकी जान बच गई थी। अनिल बंजी ने मोंटी को सुपारी दी थी। इसके अलावा भी आरोपी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज है।
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एएसपी एसटीएफ ने बताया, आशु चड्ढा वर्ष 2010 में एक हत्या के मामले में जेल गया था। जहां उधम गैंग से उसका संपर्क हुआ और उसके बाद उसकी जमानत हुई तो वह उधम गैंग के लिए काम करने लगा। इसके बाद अपराध में लिप्त होकर लूट, हत्या करने लगा। सरधना सर्किल के अलावा भी इसका आतंक था, जो समाप्त हो गया है। हाल ही में उधम सिंह भी जेल से बाहर आ गया है। ऐसे में एसएसपी अविनाश पांडेय ने भी उधम सिंह पर भी निगरानी और जांच करने के निर्देश पुलिस को दिए है।
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दरअसल उधम सिंह और योगेश भदौड़ा के बीच लंबे समय तक गैंगवार रही है। दोबारा से जेल आने के बाद इनके बीच गैंगवार शुरू न हो जाए इसको लेकर पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है। आशु के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे जघन्य अपराध के लगभग 36 मुकदमे दर्ज है।
एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि सिविल लाइंस मुरादाबाद से व्यापारी से चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और हत्या के प्रयास के मामले में उस पर 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित था। आरोपी के खिलाफ मेरठ में सरूरपुर, सरधना, दौराला आदि थानों कई मुकदमे दर्ज है। मुरादाबाद पुलिस ने मेरठ पुलिस से आरोपियों के मुकदमे के बारे में भी पूरी जानकारी की है।