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Meerut News: मलियाना कांड की पत्रावली हाईकोर्ट ने की तलब, 14 अगस्त को सुनवाई
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मेरठ। 36 साल पहले बड़ी संख्या में मलियाना कांड में मारे गए लोगों के आरोपियों को बरी किए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले की पत्रावली तलब की है और सुनवाई के लिए 14 अगस्त की तारीख तय की है। पत्रावली तलब होने के बाद आरोपी पक्षों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
वर्ष 1987 में हुए मलियाना हत्याकांड की सुनवाई करते हुए अपर जिला जज कोर्ट संख्या 6 लखविन्दर सूद ने एक अप्रैल 2023 को 40 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। सुनवाई के दौरान 23 आरोपियों की मौत हो गई थी, जबकि 30 का पता नहीं चल सका। बरी किए जाने के आदेश को पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट में प्राइवेट अपील संख्या 227 सन् 2023 दायर की गई है। मामले की पैरवी कर रहे रियासत अली खां एडवोकेट ने बताया कि यह अपील पीड़ित पक्ष के रईस द्वारा दायर की गई है। रईस भी 1987 में हुए मलियाना कांड में घायल हो गए थे। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में इस पूरे प्रकरण की मजबूती के साथ पैरवी की जाएगी, ताकि आरोपियों को सजा मिल सके। जल्द मुख्य वादी याकूब अली की तरफ से भी हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की जाएगी।
यह है मामला
23 मई 1987 को मलियाना नरसंहार में 63 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। हाशिमपुरा कांड के अगले दिन यह नरसंहार हुआ था। उपद्रवियों ने कई घरों को आग के हवाले कर दिया था। लूटपाट की थी। याकूब की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वादी का आरोप था कि विशेष समुदाय को लक्ष्य बनाकर गोलियां चलाई गईं। टीपीनगर थाने में 93 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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वर्ष 1987 में हुए मलियाना हत्याकांड की सुनवाई करते हुए अपर जिला जज कोर्ट संख्या 6 लखविन्दर सूद ने एक अप्रैल 2023 को 40 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। सुनवाई के दौरान 23 आरोपियों की मौत हो गई थी, जबकि 30 का पता नहीं चल सका। बरी किए जाने के आदेश को पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट में प्राइवेट अपील संख्या 227 सन् 2023 दायर की गई है। मामले की पैरवी कर रहे रियासत अली खां एडवोकेट ने बताया कि यह अपील पीड़ित पक्ष के रईस द्वारा दायर की गई है। रईस भी 1987 में हुए मलियाना कांड में घायल हो गए थे। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में इस पूरे प्रकरण की मजबूती के साथ पैरवी की जाएगी, ताकि आरोपियों को सजा मिल सके। जल्द मुख्य वादी याकूब अली की तरफ से भी हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की जाएगी।
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यह है मामला
23 मई 1987 को मलियाना नरसंहार में 63 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। हाशिमपुरा कांड के अगले दिन यह नरसंहार हुआ था। उपद्रवियों ने कई घरों को आग के हवाले कर दिया था। लूटपाट की थी। याकूब की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वादी का आरोप था कि विशेष समुदाय को लक्ष्य बनाकर गोलियां चलाई गईं। टीपीनगर थाने में 93 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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