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ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई करें किसान
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गन्ने में लाल सड़न रोग।
- फोटो : MAWANA
ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई करें किसान
मवाना। मवाना चीनी मिल के अधिकारियों ने शाहजहांपुर गन्ना शोध के वैज्ञानिक के साथ गांव बढ़ला पहुंचे। उन्होंने किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई और लाल सड़न रोग से गन्ने की फसल के बचाव की जानकारी दी।
मिल के अपर महाप्रबंधक (गन्ना) अभिषेक श्रीवास्तव, शाहजहांपुर गन्ना शोध के वैज्ञानिक डॉ. मैनेजर सिंह ने गांव बढला-12 में किसान अनुज कुमार के खेत में ट्रेंच विधि से शरदकालीन गन्ना बुवाई का शुभारंभ किया। अभिषेक श्रीवास्तव ने किसानों को ट्रेंच विधि द्वारा गन्ना बुवाई के लाभ बताए। उन्होंने बताया कि इस विधि द्वारा गन्ना उत्पादन 20-25 प्रतिशत की वृद्धि होती है। वैज्ञानिक डॉ. मैनेजर सिंह ने बताया कि लोकप्रिय गन्ना प्रजाति को. 0238 में पूर्वी व मध्य उत्तर प्रदेश में लाल सड़न रोग दिखाई दे रहा है। जो कि खतरे की घंटी है। यह बीमारी कैंसर के समान है तथा एक बार इस रोग से ग्रसित होने के बाद गन्ना प्रजाति को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। डॉ. सिंह ने इस रोग के प्रारंभ होने के लक्षण के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि यह घातक रोग हवा, पानी, मिट्टी व रोगी गन्ने की बुवाई करने से फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए प्रत्येक किसान को गन्ने की छटाई कर नर्सरी बनाना चाहिए। नर्सरी से ही बीज लेकर उसे उपचारित कर बुवाई की सलाह दी। गन्ना बुवाई में ट्राइकोडरमा 10 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से अवश्य प्रयोग करें। इस मौके पर अपर प्रबंधक (गन्ना), डॉ. वरुण देव क्षेत्रीय गन्ना अधीक्षक, जितेंद्र मावी, किसान मदन गोदारा, मंजीत सिंह, अनुज सिंह आदि उपस्थित थे।
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मवाना। मवाना चीनी मिल के अधिकारियों ने शाहजहांपुर गन्ना शोध के वैज्ञानिक के साथ गांव बढ़ला पहुंचे। उन्होंने किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई और लाल सड़न रोग से गन्ने की फसल के बचाव की जानकारी दी।
मिल के अपर महाप्रबंधक (गन्ना) अभिषेक श्रीवास्तव, शाहजहांपुर गन्ना शोध के वैज्ञानिक डॉ. मैनेजर सिंह ने गांव बढला-12 में किसान अनुज कुमार के खेत में ट्रेंच विधि से शरदकालीन गन्ना बुवाई का शुभारंभ किया। अभिषेक श्रीवास्तव ने किसानों को ट्रेंच विधि द्वारा गन्ना बुवाई के लाभ बताए। उन्होंने बताया कि इस विधि द्वारा गन्ना उत्पादन 20-25 प्रतिशत की वृद्धि होती है। वैज्ञानिक डॉ. मैनेजर सिंह ने बताया कि लोकप्रिय गन्ना प्रजाति को. 0238 में पूर्वी व मध्य उत्तर प्रदेश में लाल सड़न रोग दिखाई दे रहा है। जो कि खतरे की घंटी है। यह बीमारी कैंसर के समान है तथा एक बार इस रोग से ग्रसित होने के बाद गन्ना प्रजाति को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। डॉ. सिंह ने इस रोग के प्रारंभ होने के लक्षण के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि यह घातक रोग हवा, पानी, मिट्टी व रोगी गन्ने की बुवाई करने से फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए प्रत्येक किसान को गन्ने की छटाई कर नर्सरी बनाना चाहिए। नर्सरी से ही बीज लेकर उसे उपचारित कर बुवाई की सलाह दी। गन्ना बुवाई में ट्राइकोडरमा 10 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से अवश्य प्रयोग करें। इस मौके पर अपर प्रबंधक (गन्ना), डॉ. वरुण देव क्षेत्रीय गन्ना अधीक्षक, जितेंद्र मावी, किसान मदन गोदारा, मंजीत सिंह, अनुज सिंह आदि उपस्थित थे।

गांव बढला -12 में ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई कराते मिल अधिकारी। - फोटो : MAWANA
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