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Meerut News: प्रदर्शनी में क्रांतिवीरों की वीरगाथाओं को दर्शाया

Fri, 21 Nov 2025 06:01 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Nov 2025 06:01 PM IST
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The exhibition showcased the heroic tales of revolutionaries.
- सीसीएसयू के इतिहास विभाग की ओर से किया गया आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में शुक्रवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका विषय रहा-स्वतंत्रता आंदोलन में मेरठ मंडल का योगदान। उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार और संस्कृति निदेशालय के सहयोग से हुए कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम की दुर्लभ तस्वीरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें क्रांतिवीरों की वीर गाथाओं को दर्शाया गया।
मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज ने मेरठ की माटी को प्रणाम करते हुए कहा कि यह वो धरती है, जिसने दिल्ली से कन्याकुमारी तक आजादी की लौ जलाए रखी। रामप्रसाद बिस्मिल की पंक्तियां ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है’ आज भी यहां की नस-नस में दौड़ती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वतंत्रता सेनानियों के विचार और संस्कार जीवंत किए जा रहे हैं।
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मुख्य वक्ता इतिहासकार व चिकित्सक डॉ. अमित पाठक ने बताया कि 1857 में करीब दो महीने तक मेरठ अंग्रेजी हुकूमत से पूरी तरह आजाद रहा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1940 में मेरठ आए। यहां टाउन हॉल में फारवर्ड ब्लॉक की रैली हुई। उस दिन बजते सायरन पर नेताजी ने कहा था, ये सायरन नहीं, ब्रिटिश साम्राज्य के अंत की घंटी है। मेरठ कॉलेज के विद्यार्थियों ने कचहरी और रेलवे स्टेशन फूंक दिया था। सरधना के भामोरी गांव में पांच क्रांतिकारी शहीद हुए।
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उन्होंने बताया कि 1946 में विक्टोरिया पार्क में देश का आखिरी कांग्रेस अधिवेशन हुआ। इसमें 20 हजार कार्यकर्ता जुटे और आजाद भारत की रूपरेखा बनी। डॉ. पाठक ने अफसोस जताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का स्वतंत्रता संग्राम अब तक उपेक्षित रहा। अब इसे हर घर तक पहुंचाने का वक्त है। कार्यवाहक कुलपति प्रो. हरे कृष्ण ने कहा कि वह इतिहास के छात्र नहीं हैं। फिर भी प्रदर्शनी और संगोष्ठी देखकर रोमांचित हैं। कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव ने इतिहास विभाग को विश्वविद्यालय का सबसे चमकता सितारा बताया। कार्यक्रम में प्रो. अर्चना शर्मा, प्रो. एवी. कौर, डॉ. कुलदीप त्यागी, डॉ. शालिनी प्रज्ञा, डॉ. पंकज सहित शोधार्थी और छात्र मौजूद रहे।
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